हर मर्ज़ की दवा, जेम्स बॉन्ड 'विज़रॉकेट'...

By Sahil
June 07, 2015, Updated on : Thu Sep 05 2019 07:20:58 GMT+0000
हर मर्ज़ की दवा, जेम्स बॉन्ड 'विज़रॉकेट'...
WizRocket... हर मर्ज़ का एक उपाय
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एक हफ्ते पहले मैं मुंबई में था। मायानगरी में जून की नमी भरी दोपहरी में मैं लोकल ट्रेन से गोरेगांव पश्चिम स्टेशन पर उतरा और फिर पैदल चलते हुए फिल्मिस्तान पहुंचा। मैं अंदर जाकर घूमने की सोच रहा था पर मेरी ट्विटर पर मिले एक शख्स के साथ मुलाकात तय थी। पिछले एक साल के दौरान उस शख्स के साथ कई बार बातचीत हुई, लेकिन उससे मुलाकात नहीं हुई थी। मैं जिस शख्स की बात कर रहा हूं उसका नाम आनंद जैन है, जो बर्प के सह-संस्थापक हैं। बर्प को अब नेटवर्क 18 खरीद चुका है।

बर्प की शुरुआत काफी प्रभावशाली रही है। आनंद का करियर भी काफी लंबा है, जहां उसने असेंबल्ड कंप्यूटर की बिक्री से लेकर घाटी में बड़ी तकनीकी कंपनियों के लिए काम किया है।

मैं पांचवीं मंजिल पर उसके दफ्तर के अंदर पहुंचा, जहां सबसे पहले मेरी मुलाकात WizRocket के संचालक फ्रांसिस से हुई। जब तक आनंद बैठक से बाहर निकले, तब तक हमलोगों ने थोड़ी देर तक बातचीत की और फिर WizRocket के दफ्तर प्रबंधन से जुड़ी टीम की ओर से हमें चाय परोसी गई। वह आनंद के साथ उसके पिछले प्रोजेक्ट से भी जुड़ा रहा है।

WizRocket एक तकनीकी कंपनी है, जिसकी शुरुआत आनंद ने सुनील थॉमस (पूर्व में नेटवर्क 18, इंफोस्पेस और माइक्रोसॉफ्ट) और सुरेश कोंडामुडी (आईआईटी-एम, पूर्व नेटवर्क 18 और जी ग्राहक) के साथ मिलकर की है।

बिल्कुल 'जेम्स बॉण्ड'

जरा सोचिए, एक ऐसा होटल, जहां जेम्स बॉन्ड रहने जा रहा हो। वह दरवाजे की ओर बढ़े और प्रबंधन को पता हो जाए कि उसे क्या करना है- उसका आलिशान कमरा तैयार है, जैसे ही वह तैयार हों उनका पसंदीदा ड्रिंक उसके सामने होगा और जब वह चाहेंगे उसका एस्टन मार्टिन उसके लिए तैयार मिलेगा।

लेकिन ऑनलाइन दुनिया में ऐसा नहीं होता है।

WizRocket एक ऐसी जगह होनी चाहिए, जहां प्रत्येक कारोबारी इस साइट पर आने वालों को जेम्स बॉन्ड की तरह बर्ताव करे। कारोबारी को ऐसा होना चाहिए जो बिना किसी मुश्किल के ये जानता हो कि सामने वाले या वाली को वो क्या बेच सकता है। WizRocket ये सब कैसे करता है?

क्या कहते हैं लोग?

एक उत्पाद के तौर पर WizRocket में काफी संभावनाएं हैं – ये खंडकरण, विश्लेषण और लक्ष्य साधने का काम करता है। विश्लेषण का हिस्सा तैयार है और WizRocket पहले से ही 25 कंपनियों के साथ लागू किया जा चुका है। आनंद ने मुझे जो नमूना दिखाया था उसे देखकर तो मैं हैरान ही रह गया था। उनकी तकनीक इतनी बेहतरीन थी कि 250 मिलियन इवेंट्स का विश्लेषण एक सेकेंड से भी कम समय में किया जा सकता था।


आनंद जैन

आनंद जैन


यह उपकरण आपको न सिर्फ सही-सही बताएगा कि इस वक्त आपकी साइट पर कौन है, बल्कि हर एक चीज की विस्तृत जानकारी भी आपको देगा – साइट पर किसने कितना वक्त बिताया, कोई कितनी बार पेमेंट पेज तक गया इत्यादि, इत्यादि। एक बार जब ये पता चल जाए कि किसे क्या चाहिए, तो कारोबारी भी इस डाटा का विश्लेषण कर मैसेज, पुश नोटिफिकेशंस, एसएमएस और ईमेल के जरिए अपनी बात अपने टारगेट ऑडियंस तक पहुंचा सकता है।

और क्या चाहिए?

WizRocket अभी 10 लोगों की एक टीम है और अभी से ही इसके सिर पर कामयाबी के कई तमगे लग चुके हैं। यह कंपनी उन चुनिंदा कंपनियों में से एक है, जो वाईकॉम्बिनेटर के इंटरव्यू राउंड तक पहुंची थी। उसे इसमें कामयाबी तो नहीं मिली लेकिन इससे उसके हौसले में कोई कमी नहीं आई। शुरुआत में ही एस्सेल पार्टनर्स से वो 1.6 मिलियन डॉलर जमा करने में सफल रही है। (2014 के लिए मुंबई स्थित टॉप पांच कंपनियों में विजरॉकेट एक कंपनी है)।

अभी इस उत्पाद के लिए जो नजरिया है वो इसके पूरा करने पर केंद्रित है। एक बार जब ये प्रोडक्ट पूरी तरह तैयार हो जाएगा, तब इसे मौजूदा ग्राहकों के लिए पेश कर इसे इस्तेमाल के लिए रखा जाएगा। बीटा फेज के बाद ये उत्पाद दुनिया भर में आम लोगों के लिए लॉन्च किया जाएगा।