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ट्रांसजेंडर्स की शिक्षा की महत्ता को ध्यान में रखते हुए IGNOU ने उठाया एक सराहनीय कदम

ट्रांसजेंडर्स को IGNOU देगा फ्री में शिक्षा, जुलाई सेशन के लिए आवेदन शुरू...

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17th Jul 2017
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ट्रांसजेंडर्स के उच्च शिक्षा के लिए बड़ा फैसला लेते हुए इंदिरा गांधी नैशनल ओपन यूनिवर्सिटी (इग्नू) ने सभी ट्रांसजेंडर्स स्टूडेंट्स को बिल्कुल मुफ्त में ऐडमिशन देने का फैसला लिया है। आवेदन करने वाले ट्रांसजेंडर छात्रों को इसके लिए केंद्र या राज्य सरकार अथवा चिकित्सा अधिकारी, सक्षम अधिकारी द्वारा निर्गत प्रमाण-पत्र और आधार कार्ड दिखाना होगा।

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अभी तक इग्नू सेक्स वर्कर्स, जेल में बंद कैदियों और बुनकरों को फ्री एजुकेशन मुहैया कराती रही है, लेकिन अब ट्रांसजेंडर्स के लिए भी ये पहल की जा रही है। ट्रांसजेंडर्स को फ्री एजुकेशन की यह सुविधा देश भर के सभी सेंटरों पर चलाई जाएगी। इस मुहिम का मकसद थर्ड जेंडर्स में भी एजुकेशन को प्रमोट करना है।

2012 में यूनिवर्सिटी ने अन्य जेंडर केटेगिरी वाले लोगों को एडमिशन दिए गए थे। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने 2014 में ट्रांसजेंडर को थर्ड जेंडर की मान्यता दी थी। यूनिवर्सिटी साल में दो बार अधिकांश डिग्री, डिप्लोमा या सर्टिफिकेट कोर्स के लिए दाखिले देती है।

ट्रांसजेंडर्स की उच्च शिक्षा के लिए बड़ा फैसला लेते हुए इंदिरा गांधी नैशनल ओपन यूनिवर्सिटी (इग्नू) ने सभी ट्रांसजेंडर्स स्टूडेंट्स को बिल्कुल मुफ्त में एडमिशन देने का फैसला लिया है। आवेदन करने वाले ट्रांसजेंडर छात्रों को इसके लिए केंद्र या राज्य सरकार अथवा चिकित्सा अधिकारी, सक्षम अधिकारी द्वारा निर्गत प्रमाण-पत्र और आधार कार्ड दिखाना होगा। यूनिवर्सिटी की ओर से जारी किए गए नोटिफिकेशन में कहा गया है कि सक्षम अथॉरिटी ट्रांसजेंडर लोगों के लिए सभी कोर्स की फीस माफी को लेकर खुश है। केंद्र सरकार, राज्य सरकार, मेडिकल अधिकारी या किसी भी सक्षम प्राधिकरण या आधार कार्ड इसके लिए मांगे जा सकते हैं। इस नोटिफिकेशन पर स्टूडेंट रजिस्ट्रेशन डिवीजन के रजिस्ट्रार ने हस्ताक्षर किए हैं। अभी तक इग्नू सेक्स वर्कर्स, जेल में बंद कैदियों और बुनकरों को फ्री एजुकेशन मुहैया कराती रही है। ट्रांसजेंडरों को फ्री एजुकेशन की यह सुविधा देश भर के सभी सेंटरों पर चलाई जाएगी। इस मुहिम का मकसद थर्ड जेंडर्स में भी एजुकेशन को प्रमोट करना है।

पढ़ेगा ट्रांसजेंडर तभी तो बढ़ेगा ट्रांसजेंडर

भारत में इग्नू के 54 क्षेत्रीय सेंटरों के साथ ही 3 हजार से अधिक स्टडी सेंटर्स हैं। अधिकारियों के मुताबिक, किसी भी यूनिवर्सिटी में रेगुलर बैचलर कोर्स करने के लिए ट्रांसजेंडर्स के लिए शायद ही कोई प्रोविजन है। अगर कहीं ट्रांसजेंडर्स के लिए ऐडमिशन फॉर्म में कोई विकल्प है भी, तो उन्हें फॉर्मल डॉक्युमेंट के अभाव में दूर कर दिया जाता है। इग्नू में एडमिशन के लिए ट्रांसजेंडर्स को ट्रांसफर और माइग्रेशन के जैसा कोई डॉक्युमेंट नहीं प्रोवाइड कराना पड़ेगा। उनकी पहचान को आधार या फिर किसी अथॉरिटी से जारी सर्टिफिकेट से ही वेरिफाई किया जा सकता है। अन्य स्टूडेंट्स की ही तरह ट्रांसजेंडर्स भी अपनी पसंद के किसी प्रोग्राम में इनरोल हो सकते हैं। इस दौरान उन्हें सभी तरह की मदद दी जाएगी। सोशल साइंस, साइकोलॉजी, साइंस, टूरिज्म, मैनेजमेंट, एजुकेशन में इग्नू 228 ऐकडेमिक और प्रोफेशनल कोर्स ऑफर करता है। इग्नू के जुलाई सत्र में एडमिशन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।

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जुलाई सेशन के लिए 31 जुलाई को एडमिशन बंद हो जाएंगे। इग्नू देश की सबसे बड़ी ओपन यूनिवर्सिटी है और वर्तमान में इसमें तीन लाख से अधिक छात्र 200 पाठ्यक्रमों को पढ़ रहे हैं।

सर्टिफिकेट प्रोग्राम के लिए अप्लाई करने का अंतिम दिन 16 जुलाई था और अन्य प्रोग्राम के लिए अंतिम दिन 31 जुलाई है। यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर रवींद्र कुमार ने कहा कि वह उम्मीद करते हैं कि इस मुहिम के बाद ज्यादा से ज्यादा ट्रांसजेंडर प्रोग्राम्स के लिए अप्लाई करेंगे। पिछले साल एक एनजीओ ने दिल्ली के रीजनल डायरेक्टर को इस बारे में राय दी थी। इस मुहिम का केवल एक ही मकसद है कि ट्रांसजेंडर समुदाय न केवल अब शिक्षित हों बल्कि उनके प्रति समाज का नजरिया भी बदले।

हजारों ट्रांसजेंडरों को होगा फायदा

2012 में यूनिवर्सिटी ने अन्य जेंडर केटेगिरी वाले लोगों को एडमिशन दिए गए थे। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने 2014 में ट्रांसजेंडर को थर्ड जेंडर की मान्यता दी थी। यूनिवर्सिटी साल में दो बार अधिकांश डिग्री, डिप्लोमा या सर्टिफिकेट कोर्स के लिए दाखिले देती है। जुलाई सेशन के लिए 31 जुलाई को एडमिशन बंद हो जाएंगे। इग्नू देश की सबसे बड़ी ओपन यूनिवर्सिटी है और वर्तमान में इसमें तीन लाख से अधिक छात्र 200 पाठ्यक्रमों को पढ़ रहे हैं।

ट्रांसजेंडर्स के अधिकारों की लड़ाई लड़ने वाले अतुल कुमार सिंह ने बताया कि यह बहुत अच्छा कदम है। उनका कहना है कि ज्यादातर ट्रांसजेंडर छात्र नियमित कक्षा में जाकर पढ़ने से बचते हैं क्योंकि लोग उन्हें जल्दी से अपना नहीं पाते हैं। इसके अलावा ज्यादातर ट्रांसजेंडर्स आर्थिक रूप से कमजोर ही होते हैं। इग्नू के इस कदम से हजारों ट्रांसजेंडर्स को फायदा होगा, क्योंकि अब वे बिना किसी खर्च के अपने घर में रहकर आगे की पढ़ाई कर सकेंगे।

इसी साल तमिलनाडु की मनोवन्मानियम सुंदरनार विश्वविद्यालय ने भी भी ट्रांसजेंडर्स छात्रों की फीस माफ कर दी थी। इस विश्वविद्यालय में सर्टिफिकेट से लेकर पीएचडी करने के लिए ट्रांसजेंडर्स विद्यार्थियों को एक भी पैसा नहीं देना होता है।

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