भारत की आजादी के 75वें वर्ष में सरकार 75 इनोवेटिव स्टार्टअप्स को बढ़ावा देगी: केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह

By रविकांत पारीक
November 03, 2021, Updated on : Mon Nov 08 2021 06:20:17 GMT+0000
भारत की आजादी के 75वें वर्ष में सरकार 75 इनोवेटिव स्टार्टअप्स को बढ़ावा देगी: केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह
सुपरकंप्यूटिंग की सुविधा टेलीमेडिसिन, डिजिटल हेल्थ, बिग डेटा के साथ एम-हेल्थ, एआई, ब्लॉक चेन और अन्य टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में काम कर रहे इन 75 इनोवेटिव स्टार्टअप्स के लिए एक सुविधाप्रदाता के रूप में काम करेगी।
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केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगकी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), पीएमओ, कार्मिक, लोक शिकायत, पेंशन, परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने मोहाली में National Agri-Food Biotechnology Institute (NABI) में उन्नत 650 टेराफ्लॉप्स सुपरकंप्यूटिंग सुविधा का उद्घाटन किया।


इस अवसर पर उन्होंने घोषणा की कि सरकार भारत की आजादी के 75वें वर्ष में 75 इनोवेटिव स्टार्टअप्स की पहचान करेगी और उन्हें बढ़ावा देगी। सुपरकंप्यूटिंग की यह सुविधा टेलीमेडिसिन, डिजिटल हेल्थ, बिग डेटा के साथ एम-हेल्थ, एआई, ब्लॉक चेन और अन्य प्रौद्योगिकियों जैसे क्षेत्रों में काम कर रहे इन 75 इनोवेटिव स्टार्टअप्स के लिए एक सुविधाप्रदाता के रूप में काम करेगी।

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उन्होंने आगे कहा कि अगले 25 वर्षों में देश का नेतृत्व करने के लिए 75 सर्वश्रेष्ठ चुने गए स्टार्टअप्स भारत की स्वतंत्रता की शताब्दी के समारोह के दौरान देश की संपत्ति होंगे।


डॉ. जितेंद्र सिंह ने NABI के बारे में कहा कि यह सुविधा पुणे स्थित C-DAC की सहभागिता से National Supercomputing Mission (NSM) के तहत प्राप्त हुई है। डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि यह उच्च स्तरीय सुविधा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त विभिन्न संस्थानों और विश्वविद्यालयों में किए जा रहे बड़े पैमाने पर जीनोमिक्स, कार्यात्मक जीनोमिक्स, संरचनात्मक जीनोमिक्स और जनसंख्या अध्ययन से प्राप्त होने वाले BIG DATA के विश्लेषण के लिए वरदान साबित होगी।


लगभग 20 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित 650 टेराफ्लॉप्स सुपरकंप्यूटिंग सुविधा के बारे में उन्होंने कहा कि यह कृषि व पोषण जैव प्रौद्योगिकी से संबंधित संस्थान में किए जा रहे अंतर्विषयक अत्याधुनिक अनुसंधान की जरूरतों को पूरा करने में अनोखी होगी। उन्होंने आगे बताया कि यह NABI और Centre of Innovative and Applied Bioprocessing (CIAB) के वैज्ञानिकों के लिए भी उपलब्ध होगा। इसके अलावा पड़ोसी संस्थानों/विश्वविद्यालयों में काम करने वाले वैज्ञानिकों/शिक्षकों व NSM के तहत स्वीकृत परियोजनाओं के सहयोगपूर्ण काम के लिए भी खुला रहेगा।


इस उद्घाटन के बाद डॉ. जितेंद्र सिंह ने ‘Digital India’ पहल के तहत दो डिजिटल वर्किंग प्लेटफॉर्म यानी NABI-Labify और NABI व CIAB में ई-ऑफिस की भी शुरुआत की। NABI-Labify एक अनूठा सॉफ्टवेयर है, जो उन निधियों की सीधी निगरानी की सुविधा प्रदान करता है, जो उपकरण की खरीद, उपभोग्य सामग्री, मानव संसाधन, बाहरी परियोजनाओं आदि के लिए मंजूर की गई हैं।

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एक अन्य संबंधित कार्यक्रम में डॉ. जितेंद्र सिंह ने मोहाली में i-RISE, Technology Business Incubator (TBI) का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि यह देश में स्टार्टअप्स के लिए विश्व स्तरीय अनुसंधान सुविधाएं प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि इस टेक्नोलॉजी बिजनेस इन्क्यूबेटर के निर्माण के साथ मोहाली शहर, बेंगलुरु और गुरुग्राम जैसे देश के अन्य स्टार्टअप केंद्रों के समूह में शामिल हो जाएगा। उन्होंने आगे उम्मीद व्यक्त की कि TBI के सफल होने के साथ यह यूनिकॉर्न स्टार्टअप बन जाएगा और भारत के यूनिकॉर्न स्टार्टअप की लगातार बढ़ती हुई सूची में शामिल होगा।


डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की विभिन्न योजनाओं, केंद्रित और सहायता प्रणाली के चलते केवल 2021 में ही भारत में 10,000 स्टार्टअप्स पंजीकृत हुए हैं। उन्होंने कहा कि भारत के पास अब 50,000 से अधिक स्टार्टअप्स हैं जो देश में 2 लाख से अधिक नौकरियां प्रदान कर रहे हैं।


डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग व मोहाली स्थित Indian Institute of Science Education and Research (IISER) समर्थित, i-RISE Incubator इस क्षेत्र में इनोवेशन, नॉलेज और टेक्नोलॉजी अपनाने के माध्यम से स्टार्टअप इकोसिस्टम में गहरा प्रभाव डालने और इसमें बदलाव लाने के लिए काम करेगा। डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि DST ने हमेशा देश में साइंस और टेक्नोलॉजी बेस्ड इनोवेशंस को सहायता प्रदान करने में अग्रणी भूमिका निभाई है। उन्होंने आगे कहा कि टेक्नोलॉजी बिजनेस इन्क्यूबेटरों का उद्देश्य नवाचारों की खोज, उनकी सहायता करने और परिमापन के जरिए स्टार्टअप का विकास करना है।


डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया कि मोदी सरकार के पिछले 7 वर्षों में भारत वैश्विक स्टार्टअप इकोसिस्टम में लगातार आगे बढ़ रहा है और अब पूरे देश में नवाचार व उद्यमिता की सहायता करने वाले 500 से अधिक इनक्यूबेटर नेटवर्क हैं। उन्होंने कहा कि प्रौद्योगिकी आधारित स्टार्टअप्स की संख्या के मामले में भारत का स्थान अमेरिका के ठीक बाद है और भारत वैश्विक नवाचार सूचकांक में 46वें पायदान पर पहुंच गया है।


Edited by Ranjana Tripathi

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