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अब आपके स्वास्थ्य से जुड़ी हर रिपोर्ट्स को सहेजने के लिए है 'किवी हेल्थ' का डिजिटल लॉकर

Harish Bisht
12th Nov 2015
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दिसंबर, 2014 में शुरू हुआ ‘किवी हेल्थ डॉट कॉम’...

60 हजार से ज्यादा पेशेंट के हैं रिकॉर्ड...

अहमदाबाद में ‘किवी हेल्थ डॉट कॉम’ दे रहा है ये सुविधा...

ऐप और वेबसाइट से जोड़े रखता है डॉक्टर और पेशेंट को...


कभी आपने सोचा उन मरीजों के बारे में, जिनका इलाज सालों साल चलता रहता है इस दौरान उनकी कई तरह की स्वास्थ्य जांच भी होती है। ऐसे में उनको ढेर सारी जांच रिपोर्ट को संभालने में काफी दिक्कत पेश आती है। लेकिन अब ऐसे मरीजों की जिंदगी को थोड़ा सुकून देने की कोशिश की है ‘किवी हैल्थ डॉट कॉम’ ने। ये एक तरह का डिजिटल लॉकर है जो स्वास्थ्य से जुड़ी सभी जानकारियों को सहेजकर रखता है।

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“ ये एक ऐसा प्लेटफॉर्म है जहां पर मरीज के इलाज का रिकॉर्ड संभाल कर रखा जाता है, जिसे कोई भी डॉक्टर, मरीज की इजाजत के बाद ही देख सकता है।” ये कहना है भानु महाजन का। जो खुद एक डॉक्टर हैं और ‘किवी हैल्थ डॉट कॉम’ के सह-संस्थापक भी हैं। भानु साल 2010 में अमेरिका चले गये थे और वहां जाकर पहले उन्होने मेडिकल रिसर्च के क्षेत्र में काम किया और उसके बाद जर्नल सर्जरी में पोस्ट ग्रेजुएशन। भानु की इच्छा थी कि देश में रहकर, देश के लिए कुछ किया जाए। अपनी इसी इच्छा को साकार करने के लिए वो भारत लौट आए और हैदराबाद के इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस में दाखिला ले लिया। यहीं पर भानु की मुलाकात ‘किवी हैल्थ डॉट कॉम’ के दूसरे सह-संस्थापक राजनदीप सिंह से हुई। जिन्होने जालंधर के एनआईटी कॉलेज से कंप्यूटर साइंस में बीटेक किया था और उसके बाद माइक्रोसॉफ्ट जैसे कंपनियों में काम करने के बाद वो भी यहां आ गए थे।

भानु महाजन

भानु महाजन


इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस से कोर्स पूरा करने के बाद दोनों की राहें भले ही जुदा हो गई हों लेकिन उन्होने एक दूसरे के साथ सम्पर्क नहीं छोड़ा। इस दौरान दोनों को जब भी मौका मिलता तो वो आंत्रप्रेन्योरशिप क्लब के विभिन्न कार्यक्रमों और लेक्चर में हिस्सा लेते थे। भानु का कहना है कि “हैल्थकेयर की ओर मेरा रूझान शुरू से ही था और मैं इस क्षेत्र में कुछ करना चाहता था।” भानु दिल्ली में मैक्स अस्पताल के लिए काम करने लगे थे। उनका कहना है कि “मैंने देखा कि यहां आने वाले ज्यादातर मरीज के पास पुराने रिकॉर्ड नहीं होते थे इसलिए उनकी पुरानी बीमारियों और जांच रिपोर्ट के बारे में पता नहीं चल पाता था। इसके अलावा अगर किसी मरीज के पास ये जानकारी होती भी थी तो उसको ये सब एक बैग में लेकर चलना पड़ता था। इतना ही नहीं डॉक्टर के पास भी इतना वक्त नहीं होता था कि वो मरीज की पुरानी फाइल को बारीकी से देख सके।” मरीजों की इन्ही दिक्कतों को देखते हुए भानु और राजनदीप अक्सर बातचीत करते थे। तब इन लोगों ने सोचा कि क्यों ना एक ऐसा प्लेटफॉर्म बनाया जाए जहां पर मरीज की पुरानी जांच रिपोर्ट ना सिर्फ सारांश में हो बल्कि वो डिजीटल भी हो।

राजनदीप सिंह

राजनदीप सिंह


खास बात ये थी कि एक के पास चिकित्सा के क्षेत्र का अनुभव का था तो दूसरे के पास तकनीक का। इसके बाद भानु और राजनदीप ऐसा प्लेटफॉर्म बनाने में जुट गए, जिसमें मरीज अपनी सभी मेडिकल जानकारी ना सिर्फ संभाल कर रख सकता है बल्कि उस प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल अगर डॉक्टर भी करना चाहे तो वो भी कर सकता है। ताकि उसे अपने मरीज के पुराने इलाज की जानकारी हासिल हो सके। अगर कभी कोई मरीज किसी दूसरे डॉक्टर के पास जाता है तो वो भी जान सके कि उसका अब तक कैसे इलाज हुआ है। इतना ही नहीं ये सारी जानकारी सरल तरीके से एक पन्ने में डॉक्टर और मरीज को मिल जाती है। ताकि हर कोई उसे आसानी से समझ सके। भानु का कहना है कि “आज के दौर में जब हर जरूरी जानकारी लोगों के मोबाइल में आ गई है तो ऐसे में जो डॉक्टर कंम्प्यूटर का इस्तेमाल नहीं करते उनको मोबाइल के जरिये मरीज अपने स्वास्थ्य की जानकारी दे सकते हैं।”

‘किवी हैल्थ डॉट कॉम’ में किसी भी मरीज की लैब रिपोर्ट को ग्राफिक्स के जरिये समझाया जाता है ताकि ना सिर्फ डॉक्टर को रिपोर्ट देखने में आसानी हो और वक्त भी कम लगे वहीं मरीज को भी इसे समझने में आसानी हो। मरीज अपनी जांच रिपोर्ट ग्राफ में देखकर पता लगा सकता है कि कब उसकी रिपोर्ट सामान्य आई है या कब उसकी रिपोर्ट में कुछ गड़बड़ी दर्ज हुई है। इस तरह मरीज को अपनी कोई भी रिपोर्ट साथ लेकर चलने की जरूरत नहीं होती और मरीज को पता चलते रहता है कि उसके स्वास्थ्य में कितना सुधार हो रहा है। इसके अलावा बीमारी से जुड़े पुराने सारे रिकॉर्ड उसे मिल जाते हैं।

टीम , किवी हैल्थ डॉट कॉम

टीम , किवी हैल्थ डॉट कॉम


‘किवी हैल्थ डॉट कॉम’ का फायदा मरीज और डॉक्टर दोनों उठा सकते हैं। उदाहरण के लिए कोई डॉक्टर कहीं पर हेल्थ कैम्प का आयोजन कर रहा हो तो वो अपने मरीजों को इसकी जानकारी दे सकता है। इसके अलावा हर डॉक्टर इस वेबसाइट के जरिये क्लिनिक मैनेजमेंट सिस्टम से जुड़ सकता है। इसमें डॉक्टर से वक्त लेने से लेकर बिलिंग, कर्मचारियों का मैनेजमेंट आदि दूसरी तरह की तमाम सुविधाएं मौजूद हैं। इसके अलावा जब किसी मरीज की सर्जरी होती है तो दोबारा उसे कब डॉक्टर को दिखाना है, कब उसे कौन सी जांच करानी है इसके अलावा सर्जरी से जुड़ी तमाम जानकारियां एसएमएस के जरिये मिलते रहती है। ‘किवी हैल्थ डॉट कॉम’ ने मरीज और डॉक्टर के लिए अलग अलग मोबाइल ऐप बनाए हैं। जो ऐनरोइड, आईओएस और विंडोज वर्जन में उपलब्ध हैं। ऐसे में कोई मरीज चाहे तो अपनी जांच रिपोर्ट खुद ही ऐप में डाल सकता है या फोटो खींचकर इन लोगों के पास भी भेज सकता है जिसके बाद ये उसे उस मरीज के डाटा में डाल देते हैं।

पिछले साल दिसंबर में शुरू हुआ ‘किवी हैल्थ डॉट कॉम’ अभी सिर्फ अहमदाबाद में काम कर रहा है। इस प्लेटफॉर्म में अब तक 50 से ज्यादा डॉक्टर जुड़ चुके हैं जबकि 60 हजार से ज्यादा मरीजों का डाटा इनके पास है। भानु का कहना है कि “छोटे क्लिनिक को ज्यादा दिक्कत होती हैं। इसलिए हमारा मुख्य ध्यान ऐसे क्लिनिक पर है।” ये लोग सबस्क्रिप्शन मॉडल के तहत काम कर रहे हैं। इसमें डॉक्टरों से सालाना सबस्क्रिप्शन लिया जाता है। फिलहाल इनकी टीम में दस सदस्य हैं। अब इनकी योजना दिसंबर अंत तक दिल्ली एनसीआर में इस योजना को शुरू करने की है। इसके लिए इन्होने मार्केटिंग टीम की नियुक्ति करनी शुरू कर दी है। इसके बाद इनकी योजना बेंगलुरू और हैदराबाद जैसे शहरों में कदम रखने की है।

वेबसाइट : www.kivihealth.com

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