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बिटकॉइन की आसमान छूती कीमतों से हैरान हैं! यहाँ जानिए क्या हैं इसके कारण?

8th Dec 2017
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 लग्जमबर्ग आधारित बिटकॉइन विनिमय बिटटैंप पर एक बिटकॉइन की कीमत लगभग 14,624 डॉलर थी। लेकिन एक बिटकॉइन की कीमत जब दिन के अंत तक 15 हजार डॉलर पहुंची तो उसने सभी सीमाएं तोड़ दीं। 

सांकेतिक तस्वीर

सांकेतिक तस्वीर


विशेषज्ञों का कहना है कि आज की बढ़ती कीमतों का प्रमुख कारण लाइटनिंग नेटवर्क के सफल बीटा टेस्ट को जिम्मेदार ठहराया जा सकता है, जो मौजूदा ब्लॉकचेन के शीर्ष पर बना हुआ ओवरले नेटवर्क है।

 ब्लॉकचेन के माध्यम से पैसों का स्थानांतरण करने पर कोई शुल्क नहीं देना होता है या बहुत मामूली शुल्क देना होता है जबकि थर्ड पार्टी ट्रांजेक्‍शन के लिए सेवा शुल्क बहुत देना होता है। ब्लॉकचेन के जरिए बहुत कम समय लगता है व पूर्ण सुरक्षित होता है।

डिजिटल गोल्ड के नाम से मशहूर बिटकॉइन की कीमतें इस महीने आसमान छू रही हैं। लेकिन क्या आपको पता है कि ये कीमतें इतनी तेजी से क्यों बढ़ी हैं? हम आपको उन कारणों के बारे में बताने जा रहे हैं जिसके चलते बिटकॉइन की कीमतें इस महीने 40 प्रतिशत बढ़ी हैं। हम में से कुछ क्रिप्टोक्युरेन्सी में निवेश नहीं किए जाने से पहले की तरह उदास हो सकते हैं। जबकि शेष जनसंख्या इस दृष्टिकोण को नहीं मानती है। इस लेख को प्रकाशित करने के समय, लग्जमबर्ग आधारित बिटकॉइन विनिमय बिटटैंप पर एक बिटकॉइन की कीमत लगभग 14,624 डॉलर थी। लेकिन एक बिटकॉइन की कीमत जब दिन के अंत तक 15 हजार डॉलर पहुंची तो उसने सभी सीमाएं तोड़ दीं। 

अब ऐसे में ये जानना जरूरी हो जाता है कि बिटकॉइन के इस बड़े पैमाने पर बढ़ती कीमतों के पीछे क्या कारण हो सकते हैं? ब्लॉकचेन स्टार्टअप थ्रु बिट के सह-संस्थापक और सीईओ अभिषेक गोपाल इसके पीछे की वजह बिटकॉइन्स का मुख्यधारा की वित्तीय अर्थव्यवस्था में शामिल होना मान रहे हैं।

भविष्य

इस महीने की शुरुआत में यूएस स्थित कमोडिटी फ्यूचर्स ट्रेडिंग कमिशन (सीएफटीसी) ने दो एक्सचेंजों को बिटकॉइन अनुबंधों में कारोबार शुरू करने की अनुमति दी थी। समाचार रिपोर्टों के मुताबिक सीएमई समूह और CBOE ग्लोबल मार्केट एक्सचेंजों से इस महीने के अंत में बिटकॉइन फ्यूचर्स की पेशकश किए जाने की संभावना है, यहां तक कि ये भी अफवाहें हैं कि न्यू यॉर्क स्थित NASDAQ भी बिटकॉइन फ्यूचर्स की पेशकश कर रहा है।

लाइटनिंग प्रोटोकॉल

विशेषज्ञों का कहना है कि आज की बढ़ती कीमतों का प्रमुख कारण लाइटनिंग नेटवर्क के सफल बीटा टेस्ट को जिम्मेदार ठहराया जा सकता है, जो मौजूदा ब्लॉकचेन के शीर्ष पर बना हुआ ओवरले नेटवर्क है। यह एक विकेन्द्रीकृत (डीसेंट्रलाइज्ड) नेटवर्क है जो ब्लॉकचेन में स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट की कार्यक्षमता का उपयोग करता है जिससे पार्टीसिपेंट (प्रतिभागियों) के नेटवर्क में तत्काल भुगतान सक्षम हो सकते हैं। बता दें कि स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट एक कंप्यूटर प्रोटोकॉल है जो किसी कॉन्ट्रैक्ट के प्रदर्शन को सुविधाजनक बनाने, सत्यापित करने, या लागू करने के लिए किया जाता है।

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, बिटकॉइन के साथ भुगतान करने का एक नया तरीका दिख रहा है, प्रौद्योगिकी बिटकॉइन लेनदेन की भीड़ को कम करने के लिए मुख्य ब्लॉकचेन से कुछ लेनदेन को स्थानांतरित कर देगा। जिसके बाद में लाइटनिंग नेटवर्क खरीदारों और विक्रेताओं को तब निजी तौर पर लेनदेन करने और बाद में सार्वजनिक नेटवर्क पर गतिविधि को प्रसारित करने की अनुमति देगा।

ब्‍लॉकचैन क्या है?

ब्लॉकचेन एक तकनीक है। इस तकनीक में क्रेता और विक्रेता के मध्य सीधा पैसे का स्थानान्तरण (ट्रांजेक्शन) किया जाता है इस ट्रांजेक्‍शन में किसी भी बिचोलिये की आवश्यकता नहीं होती है। वर्तमान मैं दो लोगो के मध्य पैसो का स्थानान्तरण थर्ड पार्टी के माध्यम से ही होता है यह थर्ड पार्टी जैसे बैंक, पेपल, मनी ट्रान्सफर आदि होती है। बता दें कि ब्‍लॉकचेन के माध्यम से पैसों का स्थानांतरण करने पर कोई शुल्क नहीं देना होता है या बहुत मामूली शुल्क देना होता है जबकि थर्ड पार्टी ट्रांजेक्‍शन के लिए सेवा शुल्क बहुत देना होता है। ब्‍लॉकचेन के जरिए बहुत कम समय लगता है व पूर्ण सुरक्षित होता है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह कि इस टेक्‍नोलॉजी बिटकॉइन ने ही इजाद किया है।

बुधवार को, तीन ब्लैकचैन डेवलपर्स- ACINQ, Blockstream और Lightning Labs जो कि लाइटनिंग नेटवर्क में महत्वपूर्ण भूमिका निभाए थे, ने लाइटनिंग प्रोटोकॉल के 1.0 रिलीज की घोषणा की साथ ही बिटकॉइन मुख्य नेट पर दुनिया का पहला लाइटनिंग टेस्ट पेमेंट की घोषणा की। बिटकॉइन पत्रिका में एक रिपोर्ट के मुताबिक तीनों ब्लैकचैन डेवलपर्स में से प्रत्येक टीम ने विशिष्ट लाइटिंग कार्यान्वयन को डेवलप किया है उनमें ACINQ ने एक्लायर को डेवलेप किया, ब्लॉकस्ट्रीम ने सी-लाइटनिंग को और लाइटनिंग लैब्स ने एलएनडी को डेवलप किया है। ।

लाइटनिंग लैब्स के सीईओ एलिजाबेथ स्टार्क ने बिटकॉइन पत्रिका से कहा, "इंटरऑपरेबिलिटी लाइटनिंग को सफल बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण चाभी है। हमने एक साल के लिए एक विनिर्देश (स्पेसिफिकेशन) तैयार करने के लिए काम किया है ताकि हम और अन्य डेवलपर एक दूसरे से बात करने वाले कार्यान्वयन लिख सकें। इससे यह सुनिश्चित होता है कि कोई भी उपयोगकर्ता जो उपयोग कर रहा है, वह बिना किसी झंझट के एक लाइटनिंग नेटवर्क से जुड़ जाएंगे।"

अब जानिए कि कैसे लाइटनिंग नेटवर्क भविष्य में बिटकॉइन लेनदेन में मदद करेगा? लाइटनिंग नेटवर्क की वेबसाइट पर निम्नलिखित बातें बताई गई हैं:-

त्वरित भुगतान (इंस्टैंट पैमेंट)

लाइटनिंग नेटवर्क की वेबसाइट के मुताबिक लाइटनिंग-फास्ट ब्लॉकचेन भुगतान ब्लॉक के वेरीफिकेशन के समय के बारे में चिंता किए बिना तेजी से भुगतान सुनिश्चित करता है। ब्लैकचैन स्मार्ट-कॉन्ट्रैक्ट्स द्वारा सुरक्षा को लागू किया जाता है, जिसमें 10 सेकंड की तुलना में मिलीसेकंड से सेकंड में भुगतान की गति होती है, जो कि एक बिटकॉइन लेनदेन के लिए लिया गया समय है।

स्केलेबिलिटी और कम लागत

लाइटनिंग नेटवर्क यह भी दावा करता है कि नेटवर्क पर लाखों लेनदेन प्रति सेकंड में संभव हो सकेगा। ऑफ-ब्लॉकचेन से लेनदेन करने और व्यवस्थित करने पर लाइटनिंग नेटवर्क कम शुल्क में भुगतान की अनुमति देता है, जिससे बिटकॉइन माइक्रोप्रोमेंट के उभरते उपयोग की अनुमति भी मिलती है। क्रॉस ब्लॉकचेन- लाइटनिंग नेटवर्क मुख्य बिटकॉइन ब्लॉकचेन के बाहर लेनदेन को पूरा करता है, लेनदेन को गति देता है और इसे बाद में मुख्य बिटकॉइन ब्लॉकचेन में विलय कर देता है। हालांकि, CoinDesk की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि लाइटनिंग डेवलपर्स को जोर दिया गया है कि आपकी पसंदीदा कॉफी शॉप बिटकॉइन में भुगतान स्वीकार करने से उससे काफी काम बचा हुआ है।

यह भी पढ़ें: सोलर नमस्कार! योग और आयुर्वेद के बाद सोलर प्रॉडक्ट बनाने की तैयारी में बाबा रामदेव

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