संस्करणों

INS अरिहंत के साथ ही भारत की 'परमाणु तिकड़ी' हुई पूरी, पीएम ने दी बधाई

10th Nov 2018
Add to
Shares
115
Comments
Share This
Add to
Shares
115
Comments
Share

भारतीय थलसेना की अग्नि बैलिस्टिक मिसाइलें और वायुसेना के लड़ाकू विमान परमाणु युद्धक सामग्री साथ ले जाने में सक्षम हैं और आईएनएस अरिहंत नौसेना की समुद्री मारक क्षमता को पूरा करता है।

आईएनएस अरिहंत

आईएनएस अरिहंत


अरिहंत के क्रू को संबोधित करते हुए मोदी ने पाकिस्तान पर परोक्ष हमला बोला और कहा कि यह मौका ‘‘देश और अमन के दुश्मनों को चेतावनी है’’ कि उन्हें भारत के खिलाफ कोई दुस्साहस नहीं करना चाहिए।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में कहा कि भारत की परमाणु पनडुब्बी आईएनएस अरिहंत ने अपनी पहली प्रतिरोध गश्त (डेटरेंस पेट्रोल) सफलतापूर्वक पूरी कर ली है और इसी के साथ देश की ‘परमाणु तिकड़ी’ पूरी हो गई। भारतीय थलसेना की अग्नि बैलिस्टिक मिसाइलें और वायुसेना के लड़ाकू विमान परमाणु युद्धक सामग्री साथ ले जाने में सक्षम हैं और आईएनएस अरिहंत नौसेना की समुद्री मारक क्षमता को पूरा करता है।

अरिहंत के क्रू को संबोधित करते हुए मोदी ने पाकिस्तान पर परोक्ष हमला बोला और कहा कि यह मौका ‘‘देश और अमन के दुश्मनों को चेतावनी है’’ कि उन्हें भारत के खिलाफ कोई दुस्साहस नहीं करना चाहिए। एक ज़िम्मेदार राष्ट्र के रुप में भारत ने एक मजबूत Nuclear Command & Control संरचना, प्रभावशाली सुरक्षा व्यवस्था और पूर्ण राजनैतिक नियंत्रण, देश की नाभिकीय कमांड प्राधिकरण (Nuclear Command Authority) के अधीन स्थापित किए हैं।

INS अरिहन्त के सफल अभियान से भारत के नाभिकीय त्रिकोण (nuclear triad) की स्थापना के महत्व को रेखांकित करते हुए प्रधान मंत्री जी ने INS अरिहन्त के कर्मीदल तथा अभियान से जुड़े सभी व्यक्तियों को बधाई दी। उन्होंने यह भी कहा कि यह उपलब्धि भारत को उन गिने-चुने देशों की अग्रिम पंक्ति में खड़ी करती है जो SSBN को डिज़ाइन करने, उसे बनाने और उसके संचालन करने की क्षमता रखते हैं।

भारत के लोग शक्तिमान भारत बनाने और नये भारत का निर्माण करने की आकांक्षा रखते हैं, और इसके लिए भारतीयों ने अनवरत प्रयासों के द्वारा अनेक चुनौतियों का सफलातपूर्वक सामना किया है। प्रधान मंत्री जी ने इस बात पर बल दिया कि एक सशक्त भारत ना सिर्फ सवा सौ करोड़ से अधिक भारतीयों की आशाओं और आकांक्षाओं को पूरा करेगा, बल्कि आज के अनिश्चिता तथा आशंकाओं से भरे विश्व में वैश्विक शांति और स्थिरता के लिए आधार स्तंभ भी रहेगा।

यह भी पढ़ें: पैसों की कमी से छोड़ना पड़ा था स्कूल, आज 100 करोड़ की कंपनी के मालिक

Add to
Shares
115
Comments
Share This
Add to
Shares
115
Comments
Share
Report an issue
Authors

Related Tags