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12 साल के बच्चे की बहादुरी से बची जिंदगियां, रेल की पटरी टूटी देख रुकवाई ट्रेन

27th Dec 2017
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 भीम वो बच्चा जिसने बीते 18 दिसंबर को अपनी सूझबूझ से एक बड़ा रेल हादसा रोककर हज़ारों जिंदगियां तबाह होने से बचा लीं। आईये जानें कि किस तरह भीम ने दिखाई ये बहादुरी...

भीम यादव (फोटो साभार- सोशल मीडिया)

भीम यादव (फोटो साभार- सोशल मीडिया)


दरअसल ड्राइवर को कोई सूचना नहीं दी गई थी कि पश्चिम चंपारण जिले में ट्रैक खराब है। भीम ने अपने लाल शर्ट को उतार कर पटरी पर खड़े होकर लहराना शुरू किया ताकि ट्रेन रोक सके। 

कई बार छोटे बच्चे बड़ा काम कर जाते हैं, फिर तो उन्हें शाबासी देने का ही मन करता है। बिहार के 12 साल के भीम यादव को इन दिनों पूरा देश शाबासी दे रहा है। दरअसल भीम ने बीते 18 दिसंबर को अपनी सूझबूझ से एक बड़ा रेल हादसा रोककर हज़ारों जिंदगियां तबाह होने से बचा लीं। भीम अपने खेतों की ओर जा रहा था तभी उसने देखा कि रेल की पटरी तो टूटी है। उसने तुरंत अपनी लाल टीशर्ट आने वाली ट्रेन के सामने लहरा दी। बस फिर क्या था, ड्राइवर ने इमर्जेंसी ब्रेक लगाई और ट्रेन ठप। इसके बाद रेलवे अधिकारियों को बुलाया गया। उन्होंने न केवल भीम की तारीफ की बल्कि उसे इनाम देने का भी फैसला किया है।

यह कहानी है पश्चिमी चंपारण जिले के बगहा की। बीते सोमवार सुबह तकरीबन 11 बजे वाल्मीकिनगर से बगहा के लिए जाने वाली 55072 पैसेंजर ट्रेन गोरखपुर-नरकटियागंज रेलवे ट्रैक पर आ रही थी। अवसानी हाल्ट के पास रेल की पटरी टूटी हुई थी। तभी वहां से गुजर रहे भीम की नजर टूटे ट्रैक पर पड़ी। उसने कड़ाके की ठंड में अपनी टीशर्ट उतारी और ट्रेन की ओर चिल्लाते हुए भागा। हालांकि समय कम था इसलि गेटमैन ने उसे देखा और गेटमैन ने ड्राइवर को इशारा दिया और ड्राइवर ने इमरजेंसी ब्रेक लगाकर गाड़ी रोक दी।

दरअसल ड्राइवर को कोई सूचना नहीं दी गई थी कि पश्चिम चंपारण जिले में ट्रैक खराब है। भीम ने अपने लाल शर्ट को उतार कर पटरी पर खड़े होकर लहराना शुरू किया ताकि ट्रेन रोक सके। उसने ट्रैक पर दौड़ते हुए जब लाल शर्ट लहराया तो ड्राइवर ने इमर्जेंसी ब्रेक लगाए जिससे ट्रेन बीच में ही रूक गई। तब ड्राइवर को पता चला कि आगे पटरियां टूटी हुई हैं। भीम के अदम्य साहस और सूझबूझ के लिए सरकार उसे सम्मानित करेगी। जिला शिक्षा अधिकारी, हरेंद्र झा ने कहा, 'वास्तव में ये बहादुरी भरा कदम है. हम उसे उसकी बहादुरी के लिए और यात्रियों की जान बचाने के लिए इनाम देंगे, जो नकद या फिर कोई प्रमाण पत्र हो सकता है।'

अधिकारियों का कहना है कि वे अभी इसके बारे में फैसला कर रहे हैं, लेकिन एक बात निश्चित है कि उसे पुरस्कृत ज़रूर किया जाएगा। ईस्ट सेंट्रल रेलवे के चीफ़ पब्लिक रिलेशन ऑफ़िसर, राजेश कुमार ने भी कहा कि वास्तव में हमें इस बहादुर लड़के पर गर्व है और हम उसकी बहादुरी को सलाम करते हैं। इतना ही नहीं भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग ने भी भीम को रियल हीरो बताते हुए उसकी तस्वीर ट्वीट की है। उन्होंने कहा कि भीम हमारा सच्चा हीरो है।

यह भी पढ़ें: तेरह घंटे के रास्ते को 7 घंटे में पूरा कर एक महीने की बच्ची की जान बचाने वाला ड्राइवर

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