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अब ‘गर्दिश’ में नहीं होंगे ‘सितारे’, 'याहावी' देगा प्लेटफॉर्म...

टैलेंट डिस्कवरी प्लेटफॉर्म 'याहावी' स्ट्रगलिंग परफॉर्मर्स को दे मौका

16th Aug 2015
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आज की प्रतियोगिता भरी इस दुनिया में एक कलाकार को नाम और पहचान कमाने के लिए उसकी प्रतिभा और रचनात्मकता ही काफी नहीं होती है। मजबूत नेटवर्क, सही लोगों तक पहुंच और एक प्लेटफॉर्म हो तो कामयाबी हासिल करने के संघर्ष को आसान बनाया जा सकता है। फरवरी, 2015 में लॉन्च हुए दिल्ली स्थित याहावी.कॉम एक ऐसा प्लेटफॉर्म बना रहा है जो कलाकारों को सही मौके और सही लोगों तक पहुंच बनाने में मदद कर रहा है, चाहे वो प्रमोटर्स हों, प्रशंसक हों या फिर आम दर्शक और वो भी बिना किसी शुल्क अदा किए।

याहावी.कॉम विभिन्न कलाकारों के लिए एक ऐसे व्यापक प्लेटफॉर्म के तौर पर काम कर रहा है जहां वे बड़ी संख्या में मौजूद दर्शकों और साथियों के बीच खुद का प्रचार कर सकते हैं। इस प्लेटफॉर्म पर क्लबों, रेस्त्राओं और संस्थाओं को सीधे कलाकारों से संपर्क करने और उनकी कला के कार्यक्रम आयोजन करने का भी मौका देता है।

याहावी.कॉम के लॉन्च होने के बाद से ही इस पर पंजीकरण कराने वालों की होड़ लग गई, 2000 से ज्यादा लोगों ने इस पर पंजीकरण कराया जिनमें दिल्ली-एनसीआर के संगीतकार, सोलो परफॉर्मर और बैंड्स शामिल हैं। इस स्टार्टअप का लक्ष्य है कि वो इस अगस्त तक पंजीकृत कलाकारों की संख्या 10,000 तक पहुंचाए।

मुख्य कार्यकारी अधिकारी दिव्येश शर्मा इस पहल और इसके पीछे के विचार के बारे में बताते हुए कहते हैं, 'कलाकारों के बीच, मध्यस्थों की एक बड़ी संख्या है जो कलाकारों की न सिर्फ प्रतिभा को नष्ट कर रहे हैं, बल्कि उनकी कमाई का एक बड़ा हिस्सा भी हजम कर जाते हैं और इस भारी कीमत का कोई भी फायदा कला को नहीं होता है। याहावी.कॉम की मदद से हम इस क्षेत्र में एक बदलाव लाना चाहते हैं, हम इस क्षेत्र की मांग और पूर्ति को बिना किसी बाधा के पूरा करना चाहते हैं।'

धुंधले विचार के साथ स्पष्ट दृष्टि

समाज के लिए कुछ अच्छा करने के उद्देश्य से (यह सब करते हुए हमने परियोजना की वाणिज्यिक व्यवहार्यता और स्थिरता को दरकिनार नहीं किया है) शर्मा ने एक मिलियन अमेरिकी डॉलर के शुरुआती निवेश के साथ याहावी.कॉम की शुरुआत की। शुरुआत में आइडिया ये था कि ये समाज में सांस्कृतिक बैरोमीटर के तौर पर काम करे और कलाकारों की क्षमता और उनके संसाधनों का प्रचार कर उनकी परेशानियों को कम किया जा सके।

इसे लागू करने में सबसे बड़ी चुनौती ये थी कि दर्शकों को कैसे समझाया जाए कि वे ऑनलाइन अपने काम का प्रचार कर सकते हैं। कुल मिलाकर आइडिया ये था कि कलाकारों को आगे बढ़ने और तरक्की करने में मदद की जाए।

प्रतिस्पर्धा में बढ़त हासिल करना

भारत के शहरों के पब और रेस्त्राओं में स्वीकार्यता बढ़ने के बाद कलाकारों के लाइव परफॉर्मेंस (सीधे प्रदर्शन) की मांग बढ़ने लगी है। इसने लोगों को प्रदर्शन करने वाली कलाओं को करियर के विकल्प के तौर पर ग्रहण करने के लिए प्रेरित किया है।

पिछले कुछ वर्षों में इस डॉमेन में क्यूकि, गिगस्टार्ट जैसी वेबसाइट्स के आने से ये बाजार काफी फलने-फूलने लगा है, जिसकी आय करीब 1000 करोड़ रुपये प्रति वर्ष के आसपास पहुंच गई है।

याहावी.कॉम इस बाजार में नया सदस्य है और ये कलाकारों की समस्याओं को सुलझाकर खुद को दूसरे से अलग दिखाने की कोशिश कर रही है। ये कलाकारों को उनके परफॉर्मेंस के लिए बाजार तैयार कर, उन्हें उनकी प्रतिभा दिखाने के मौके दिलाकर और प्रशंसकों से संपर्क करवाकर उनकी मदद कर रही है।

शुरुआत में शर्मा को कलाकारों तक पहुंचने के लिए फेसबुक जैसे सोशल मीडिया में याहावी.कॉम के प्रचार के लिए जाना पड़ा। कलाकारों के चयन में इस प्लेटफॉर्म पर कोई सख्त नियमों का पालन नहीं किया है। इस प्लेटफॉर्म पर साइन अप करने वाले कलाकारों से पंजीकरण के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाता है।

कामयाबी की सीढ़ी चढ़ना

पिछले चार महीनों में याहावी.कॉम दिल्ली में चार कार्यक्रमों का आयोजन कर चुकी है। इसके साथ ही ये शहर में संगीत की संस्कृति को फैलाने के लिए जैज और हेवी मेटल जैसी संगीत शैली के संगीत उत्सव का आयोजन करने की तैयारी कर रही है।

आय के स्रोत पर बात करते हुए शर्मा कहते हैं, 'फिलहाल हमलोग कलाकारों या क्लब/रेस्त्राओं से कोई शुल्क नहीं ले रहे हैं। हालांकि, बाद में हमारी आय का मुख्य स्रोत सब्सक्रिप्शन और विज्ञापनों की बिक्री ही होंगे।'

भौगोलिक रूप से विस्तार की रणनीति के तहत याहावी.कॉम कलाकारों को अपने साथ जोड़ने के लिए मुंबई, बैंगलोर, हैदराबाद, चेन्नई, पुणे, कोलकाता और उत्तर-पूर्व के कुछ इलाकों में काम कर रही है।

फिलहाल स्टार्टअप के पास 40 लोगों की टीम है जो सामान्य संगठनात्मक रचना के तहत काम कर रही हैं। मुख्य टीम प्रत्येक विभाग में विशेषज्ञों की मदद से कारोबार, संचालन, उत्पादों और मार्केटिंग को देखती है।

आगे बढ़ना

अगले एक साल में याहावी.कॉम मांग और पूर्ति के तहत पंजीकरण के जरिए प्लेटफॉर्म को लोकप्रिय बनाने की कोशिश करेगी।

तकनीक और प्रबंधन में अनुभवी नेतृत्व के साथ याहावी.कॉम पहले राष्ट्रीय और फिर वैश्विक स्तर पर लोकप्रिय होने के लिए काम कर रही है। शर्मा बताते हैं,

भारत में सभी तरह के संगीत के कलाकारों, नृत्य और स्टैंडअप कॉमेडी में काम करने के बाद हमलोगों ने साल 2016 तक दक्षिण-पूर्व एशिया और मध्य यूरोप के साथ अंतर्राष्ट्रीय जाने की योजना बनाई है।

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