संस्करणों
विविध

ढाई लाख से अधिक जमाओं पर लगेगा जुर्माना

यह जुर्माना आय घोषणा में विसंगति मिलने पर ही लगेगा। कारोबारियों, गृहणियों, कलाकारों व कामगारों को चिंतित होने की जरूरत नहीं है। इन्हीं सबके बीच कौशल विकास व उद्यमिता मंत्रालय ने युवा उद्मियों के लिए प्रधानमंत्री युवा योजना की शुरूआत कर दी है।

10th Nov 2016
Add to
Shares
2
Comments
Share This
Add to
Shares
2
Comments
Share

राजस्व सचिव हसमुख अधिया की ओर से यह जानकारी मिली है, कि बड़े नोटों का चलन बंद करने के बाद उन्हें जमा कराने की 50 दिन की छूट की अवधि में 2.5 लाख रुपये से अधिक की नकद जमा के मामलों में यदि आय घोषणा में विसंगति पाई गई तो कर और 200 प्रतिशत जुर्माना भरना पड़ सकता है।

image


10 नवंबर से 30 दिसंबर 2016 की अवधि में हर बैंक खाते में 2.5 लाख रुपये की सीमा से अधिक की सभी नकदी जमाओं की रपट सरकार को मिलेगी। खाताधारक द्वारा घोषित आय और जमाओं में किसी तरह की विसंगति को कर-चोरी का मामला माना जाएगा।

अधिया ने कहा है, कि आयकर विभाग जमाओं का मिलान जमाकर्ता के आयकर रिटर्न से करें। उचित कार्रवाई की जा सकती है। उन छोटे कारोबारियों, गृहणियों, कलाकारोंकामगारों को चिंतित होने की जरूरत नहीं है जिन्होंने कुछ नकदी बचाकर घर में रखी हुई है। इस तरह के लोगों को आयकर विभाग की जांच आदि के बारे में चिंतित होने की जरूरत नहीं है। ऐसे लोगों को 1.5 लाख या दो लाख रुपये तक की छोटी जमाओं को लेकर चिंतित होने की जरूरत नहीं है, क्योंकि राशि तो कराधान योग्य आय के दायरे में नहीं आती। इस तरह के छोटी जमाओं वाले खाताधारक आयकर विभाग से किसी तरह के उत्पीड़न की चिंता नहीं करें। 

जवाहरात खरीदने वालों को पैन नंबर देना होगा।

साथ ही वित्त मंत्रालय के हवाले से यह खबर आई है, कि अपने 500 व 1000 रुपये के नोट बदलवाने के इच्छुक ग्राहकों को जरूरी जानकारी एक आसान से फार्म में भरकर बैंक को उपलब्ध करवानी होगा। वित्त सेवा सचिव अंजलि छिब्ब दुग्गल ने कहा कि बैंकों को इस बारे में एक प्रारूप उपलब्ध कराया गया है। यह प्रारूप इस तरह से तैयार किया गया है कि ग्राहक आसानी से भर सके और कम से कम समय में नोटों की अदला बदली की जा सके। इसके साथ ही उन्होंने आश्वस्त किया कि नये नोटों की पर्याप्त व्यवस्था की जा रही है।

कौशल विकास व उद्यमिता मंत्रालय ने युवा उद्मियों के लिए प्रधानमंत्री युवा योजना की शुरूआत कर दी है।

आधिकारिक बयान के अनुसार इस योजना की अवधि पांच साल (2016-17 से 2020-21) रहेगी और इसकी परियोजना लागत 499.94 करोड़ रपये होगी। इसके तहत पांच साल में 3050 संस्थानों के जरिए सात लाख विद्यार्थियों को उद्यमिता प्रशिक्षण दिया जाएगा।

कौशल विकास व उद्यमिता मंत्री राजीव प्रताप रूडी ने इस अवसर पर कहा कि प्रधानमंत्री युवा योजना में राष्ट्रीयअंतरराष्ट्रीय स्तर की श्रेष्ठ उद्यमिता शिक्षण को शामिल किया गया है।

Add to
Shares
2
Comments
Share This
Add to
Shares
2
Comments
Share
Report an issue
Authors

Related Tags

Latest Stories

हमारे दैनिक समाचार पत्र के लिए साइन अप करें