संस्करणों
विविध

सिर्फ़ 24 साल की उम्र में खड़ी की कंपनी, ऑर्गेनिक फ़ूड से रख रहीं सेहत का ख़्याल

yourstory हिन्दी
3rd May 2018
Add to
Shares
20
Comments
Share This
Add to
Shares
20
Comments
Share

मध्य प्रदेश में निहारिका के परिवार के पास खेती के लिए पर्याप्त ज़मीन है और इस बात को ध्यान में रखते हुए ही उन्होंने सोचा कि वह अपने खेत में होने वाली पैदावार से ही पूरी तरह से नैचुरल फ़ूड प्रोडक्ट्स बनाएंगी और फिर पूरे देश में उसकी सप्लाई को फैलाने की कोशिश करेंगी।

 निहारिका

 निहारिका


निहारिका ने बताया कि जब कोल्ड स्टोरेज या रेफ़िज्रेशन की सुविधाएं नहीं मौजूद थीं, तब लोगों को सालभर ताज़े फल और सब्ज़ियां नहीं मिल पाते थे। अक्सर अकाल जैसी स्थिति बनी रहती थी और ताज़ी फ़सल के इस्तेमाल के लिए मौसम एक बहुत बड़ा कारक हुआ करता था।

आज हम बात करने जा रहे हैं, दिल्ली की रहने वालीं 24 वर्षीय निहारिका भार्गव और उनके ब्रैंड लिटिल फ़ार्म की। निहारिका भार्गव बाज़ार में मौजूद प्रेज़रवेटिव्स वाले फ़ूड प्रोडक्ट्स से लोगों को निजात दिलाना चाहती हैं। लिटिल फ़ार्म अपने ग्राहकों को अचार; हेल्दी सीड्स जैसे कि फ्लैक्स और चिया के बीज और मुरब्बे आदि प्रोडक्ट्स की पूरी एक रेंज उपलब्ध कराता है, जिनमें किसी भी तरह के प्रेज़रवेटिव या हानिकारक केमिकल वगैरह का इस्तेमाल नहीं होता है। 

प्रोडक्शन में इस्तेमाल होने वाले फलों और सब्ज़ियों को कंपनी अपने ही खेत में ही उगाती है। प्रोडक्टश यूनिट पर कर्मचारियों का एक बड़ा प्रतिशत महिलाओं से भरा हुआ है; वे महिलाएं जो सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़ी हुई हैं। कुछ इस तरह निहारिका, लिटिल फ़ार्म की मदद से न सिर्फ़ लोगों को बेहतर से बेहतर फ़ूड प्रोडक्ट्स उपलब्ध करा रही हैं, बल्कि महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में भी काम कर रही हैं।

मध्य प्रदेश में निहारिका के परिवार के पास खेती के लिए पर्याप्त ज़मीन है और इस बात को ध्यान में रखते हुए ही उन्होंने सोचा कि वह अपने खेत में होने वाली पैदावार से ही पूरी तरह से नैचुरल फ़ूड प्रोडक्ट्स बनाएंगी और फिर पूरे देश में उसकी सप्लाई को फैलाने की कोशिश करेंगी। निहारिका कहती हैं कि बड़े स्तर पर बनने वाले प्रोडक्ट्स सेहत के लिए उपयुक्त नहीं होते और न ही उसमें घर जैसा स्वाद होता है।

निहारिका ने लंदन के कैस बिज़नेस स्कूल से मार्केटिंग स्ट्रैटजी ऐंड इनोवेशन में एमएससी की डिग्री ली है और अपनी कंपनी शुरू करने से पहले उन्होंने कुछ महीनों तक एक डिजिटल मार्केटिंग फ़र्म में भी काम किया। निहारिका और उनकी टीम ने मार्च 2016 से अपने प्रोजेक्ट पर रिसर्च शुरू की थी और जुलाई 2016 में ब्रैंड लॉन्च कर दिया।

निहारिका बताती हैं कि उनकी पैतृक ज़मीन मध्य प्रदेश में खजुराहो से 16 किमी. दूर पहाड़ापुरवा नाम के गांव में है। काम के सिलसिले में निहारिका अपनी टीम के साथ ज़्यादातर दिल्ली से बाहर ही रहती हैं और उन्हें अक्सर अपने गांव भी जाते रहना पड़ता है। उनके खेत में फ़िलहाल कुल 18 कर्मचारी हैं, जिनमें से 15 महिलाएं हैं और 3 पुरुष। लिटिल फ़ार्म, स्थानीय गैर-सरकारी संगठनों के साथ भी मिलकर काम करता है।

image


निहारिका बताती हैं, "चूंकि हम अपने प्रोडक्ट्स में किसी भी तरह के प्रेज़रवेटिव या अन्य केमिकल का इस्तेमाल नहीं करते, इसलिए हमारे अचार वगैरह सीज़नल (ऐसे प्रोडक्ट्स, जो प्राकृतिक रूप से 6 महीने या उससे भी कम समय तक खाने योग्य बने रहते हैं।) भी होते हैं। कुछ प्रोडक्ट्स ऐसे भी हैं , जो सालभर ग्राहकों के लिए उपलब्ध रहते हैं। सुपरफ़ूड्स जैसे कि हेल्दी सीड्स आदि भी सालभर उपलब्ध रहते हैं।"

लिटिल फ़ार्म के पास जो खेती की ज़मीन है, उसके साथ भी कई विशेषताएं जुड़ी हुई हैं। यह ज़मीन काफ़ी उपजाऊ है, क्योंकि यहां पर प्रदूषण रहित नदियों का पानी उपलब्ध है। यह ज़मीन ऐसे इलाके में है, जहां पर पर्यावरण का प्रदूषण भी न के बराबर है और इसके आस-पास सरकार द्वारा अधिकृत जंगल बसे हुए हैं। इस वजह से यहां पर किसी भी तरह की औद्योगिक गतिविधियां भी नहीं होतीं और ऑर्गेनक या प्राकृतिक तरीक़ों से ही फल और सब्ज़ियां आदि उगाई जाती हैं।

निहारिका ने बताया कि जब कोल्ड स्टोरेज या रेफ़िज्रेशन की सुविधाएं नहीं मौजूद थीं, तब लोगों को सालभर ताज़े फल और सब्ज़ियां नहीं मिल पाते थे। अक्सर अकाल जैसी स्थिति बनी रहती थी और ताज़ी फ़सल के इस्तेमाल के लिए मौसम एक बहुत बड़ा कारक हुआ करता था। पश्चिमी देशों में सर्दी के महीनों में खेती न के बराबर होती थी और ठंड के प्रभाव से बचने के लिए गर्मी के मौसम से ही तैयारियां शुरू हो जाती थीं। मांस को नमक डालकर, सब्ज़ियों को वेनेगर डालकर और फलों को जैम या मुरब्बे बनाकर सुरक्षित रखा जाता था। जबकि एशियाई देशों में गर्मी के मौसम में खेती और पैदावार में कमी आती थी और सर्दी के मौसम से ही आने वाले समय के लिए फ़सल को सुरक्षित रखने की तैयारियां चालू हो जाती थीं।

लिटिल फ़ार्म का फ़ूड प्रोडक्शन पूरी तरह से प्राकृतिक तत्वों पर निर्भर है। आपको बता दें कि अचार वगैरह बनाने में जिन बीजों का या अन्य चीज़ों का इस्तेमाल होता है, उन्हें कंपनी अपने खेत में ही उगाती है। साथ ही, सोडियम की कम मात्रा वाला सेंधा नमक और सल्फ़र रहित सीरा, पास के एक खेत से मंगाया जाता है। इसके अलावा, लिटिल फ़ार्म ने गन्ने के रस से नैचुरल वेनेगर के लिए एक स्थानीय सप्लायर से संपर्क बनाकर रखा हुआ है।

प्रोडक्शन यूनिट पर इलेक्ट्रॉनिक गैजेट के नाम पर सिर्फ़ एक मिक्सर-ग्राइन्डर है और बाक़ी सारा काम पुरानी कार्यप्रणाली के आधार पर ही होता है, जिसमें तकनीकी संसाधनों का इस्तेमाल न के बराबर होता है। प्रोडक्शन के लिए इस्तेमाल होने वाले फल और सब्ज़ियों को प्रक्रिया शुरू होने से सिर्फ़ 2 घंटे पहले खेत से तोड़ा जाता है। फलों-सब्ज़ियों को पकाने के लिए भी किसी तरह के आर्टिफ़िशियल माध्यम का इस्तेमाल नहीं होता, वे प्राकृतिक तौर पर ही पकते हैं। फलों-सब्ज़ियों को सुखाने के लिए भी किसी तरह की मशीन का इस्तेमाल नहीं होता, बल्कि धूप में रखकर उनके सूखने का इन्तेज़ार किया जाता है।

निहारिक अपने बिज़नेस की ग्रोथ से बेहद संतुष्ट हैं। उन्होंने जानकारी दी कि अक्टूबर 2016 में उनकी सेल लगभग 2 लाख रुपए थी और ब्रैंड रोज़ाना 20 यूनिट्स बेच लेता था। एक साल में यह आंकड़ा 7 लाख रुपए और रोज़ाना 70 यूनिट्स की सेल तक पहुंच चुका है। लिटिल फ़ार्म पूरी तरह से बूटस्ट्रैप्ड है। निहारिका रीटेलिंग और एक्सपोर्ट के लिए किसी उपयुक्त पार्टनर की तलाश में हैं। लिटिल फ़ार्म की टीम ने सरकारी सब्सिडी और लघु उद्योग क्षेत्र में मिलने वाले स्टार्ट अप असिस्टेंस के लिए भी आवेदन दे रखा है।

फ़िलहाल लिटिल फ़ार्म कुछ चुनिंदा स्टोर्स के ज़रिए अपने प्रोडक्ट्स बेच रहा है। लिटिल फ़ार्म के प्रोडक्ट्स, क्यूट्रोव, प्लेस ऑफ़ ओरिजिन, एंग्रेव, मिल्क बास्केट, फ़्लेवर्स ऑफ़ माय सिटी, द नामराना शॉप, दस्तकार, फ़ूड क्लाउट और हेल्थ कार्ट पर उपलब्ध हैं। कंपनी को अपनी वेबसाइट्स से भी पर्याप्त ऑर्डर मिल रहे हैं।

यह भी पढ़ें: भारतीय मसालों के ज़ायके से पूरी दुनिया को लुभाना चाहता है यह दंपती, घर बेच शुरू किया बिज़नेस

Add to
Shares
20
Comments
Share This
Add to
Shares
20
Comments
Share
Report an issue
Authors

Related Tags

Latest Stories

हमारे दैनिक समाचार पत्र के लिए साइन अप करें