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डर्टी पॉलिटिक्स के हमाम में जाने और कितने नंगे!

जय प्रकाश जय
15th Nov 2017
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हमारे देश की राजनीति की महिमा अपरम्पार है। पार्टी कोई भी हो, नेता कोई भी। बेशर्मी की सियासत के किस्से हजार हैं। जैसे हमाम में नंगों की जमात। अतीत पर नजर डालें तो ऐसे ऐसे वाकये सामने आते चले जाते हैं कि सिर शर्म से गड़ जाए। 

हार्दिक पटेल (फाइल फोटो)

हार्दिक पटेल (फाइल फोटो)


पाटीदार समाज संभव है देर-सवेर चुनाव बाद अपना कोई और नेता चुने। इससे किसी को आश्चर्य नहीं होना चाहिए। एक कहावत है कि कर नहीं तो डर क्या।

इसी तरह वर्ष 2012 में दिल्ली सरकार में मंत्री संदीप कुमार की एक विडियो सार्वजनिक हुई, जिसमें वह दो महिलाओं के साथ आपत्तिजनक हालत में पाए गए थे। उसी साल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और प्रवक्ता अभिषेक मनु सीडी सामने आने के बाद सेक्स स्कैंडल में फंस गए थे। 

गुजरात चुनाव से पहले पाटीदार समाज के नेता हार्दिक पटेल के सेक्स विडियोज का सच चाहे जो हो, उनके शब्दों की तासीर भी कुछ कम गौरतलब नहीं है। वह कहते हैं- 'मैं मर्द हूं, नपुंसक नहीं, जो करना होगा सीना ठोक कर करूंगा। जो सेक्स सीडी सामने आई है, वह फेक है। यह विडियो फर्जी है और बीजेपी की डर्टी पॉलिटिक्स का हिस्सा है। बीजेपी ने मेरी निजी जिंदगी पर निशाना साधा है। बीजेपी में इस तरह का कारनामा करने वाले कई लोग हैं, अब मैं भी उनकी सीडी लेकर आऊंगा। अब गंदी राजनीति की शुरुआत हो गई है। मुझे बदनाम कर लो कोई फर्क नहीं पड़ेगा, लेकिन गुजरात की महिलाओं का अपमान किया जा रहा है। जिसको जो करना है कर ले, पीछे हटने वाला नहीं हूं। जम के लड़ने वाला हूं। 23 साल का हार्दिक अब बड़ा हो रहा है। मुझे बदनाम करने में करोड़ों का खर्च किया जाता हैं।'

इस बीच उनके चार और कथित विडियो वायरल हो रहे हैं। सिर्फ हार्दिक पटले ही क्यों! सियासत की बदचलनी के किस्से इतने भर ही थोड़े हैं। यह तो कथा अनंता है। पाटीदार समाज संभव है देर-सवेर चुनाव बाद अपना कोई और नेता चुने। इससे किसी को आश्चर्य नहीं होना चाहिए। एक कहावत है कि कर नहीं तो डर क्या। हार्दिक के जो चेहरा सामने आ रहा है, और उसके बाद वह जैसे अपरिपक्व बयान दे रहे हैं, उनके अंदर का डर बाहर आ रहा है। और उसके साथ ही जोड़ीदार कांग्रेस का डांवाडोल भविष्य भी। साफ है कि भाजपा ने करारी चोट की है। एक तीर से कई निशाने साधे गए हैं।

हमारे देश की राजनीति की महिमा अपरम्पार है। पार्टी कोई भी हो, नेता कोई भी। बेशर्मी की सियासत के किस्से हजार हैं। जैसे हमाम में नंगों की जमात। अतीत पर नजर डालें तो ऐसे ऐसे वाकये सामने आते चले जाते हैं कि सिर शर्म से गड़ जाए। चार-साढ़े चार दशक पहले 'सूर्य' मैगजीन की संपादक रहते हुए वरुण गांधी की मां मेनका गांधी ने एक खुलासा किया था। वह संभवतः पहला राजनीतिक सैक्स स्कैंडल था, जो तत्कालीन उप प्रधानमंत्री जगजीवन राम के पुत्र सुरेश राम के खिलाफ था। सुरेश राम की दिल्ली विश्वविद्यालय की एक 21 साल की लड़की के साथ आपत्तिजनक फोटो 'सूर्या' में छपी थी।

एक और वाकया। वह वर्ष 1987 का साल रहा होगा। 'आइस क्रीम सेक्स पार्लर स्कैंडल' से केरल में हंगामा मच गया था। कोझिकोड की एक एनजीओ ने शिकायत दर्ज कराई थी कि एक आइस क्रीम पार्लर को वेश्यालय के तौर पर संचालित किया जा रहा है। वहां राजनीतिज्ञों, न्यायिक अधिकारियों और अन्य वीआईपीज समेत समाज के पावरफुल वर्ग के लोग बड़ी संख्या में लड़कियों का यौन शोषण करते हैं। कुछ इसी तरह, जब एन.डी. तिवारी आंध्र प्रदेश के राज्यपाल थे, एक स्टिंग ऑपरेशन में राज भवन के अंदर अधिकारिक निवास में उनको तीन महिलाओं के साथ बिस्तर पर दिखाया गया था। इस घटना से पूरा देश सकते में आ गया था।

यूपी सरकार में मंत्री रहे अमरमणि त्रिपाठी को भी शायद अभी लोग न भूले हों। चौबीस वर्षीय कवयित्री मधुमिता शुक्ला की 9 अप्रैल, 2003 को लखनऊ में उनके अपार्टमेंट्स में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। बाद में जांच में पता चला कि उनका त्रिपाठी से प्रेम संबंध था। जांच में खुलासा हुआ कि अमरमणि की पत्नी मधुमणि ने ही मधुमिता की हत्या करवाई थी। आज जिस तरह भाजपा पर आरोप लग रहे हैं कि उसी ने ऐन चुनाव के मौके पर हार्दिक पटेल की छवि बिगाड़ने की साजिश की है। इसी तरह वर्ष 2005 में एक ऑडियो कैसेट और वीसीडी सामने आई थी, जिसमें भाजपा के ही तत्कालीन महासचिव संजय जोशी को कथित रूप से एक महिला के साथ आपत्तिजनक स्थिति में दिखाया गया था। उस वक्त संजय जोशी को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा था।

एक और वाकया राजस्थान का। वर्ष 2011 में पेशे से नर्स भंवरी देवी और राजस्थान में कांग्रेस सरकार में मंत्री महिपाल मदेरणा का सेक्स स्कैंडल सामने आया था। भंवरी देवी एक सीडी की धमकी देकर कांग्रेस विधायक मलखान सिंह और मदेरणा से करोड़ों रुपये मांग रही थी। उस सीडी में मदेरणा और अन्य लोग भंवरी देवी के साथ आपत्तिजनक स्थिति में थे। यह मामला उस समय प्रकाश में आया था, जब भंवरी देवी के पति ने आरोप लगाया कि मदेरणा ने उनकी पत्नी का अपहरण कर लिया है। जांच में सेक्स स्कैंडल सामने आया। राजस्थान में ही वर्ष 2013 में जयपुरी की एक विवाहित महिला ने राज्य के पूर्व मंत्री बाबूलाल नागर पर यौन शोषण का आरोप लगाया था कि मंत्री ने सरकार में उसे नौकरी दिलाने का वादा किया और बदले में यौन उत्पीड़न किया।

इसी तरह वर्ष 2012 में दिल्ली सरकार में मंत्री संदीप कुमार की एक विडियो सार्वजनिक हुई, जिसमें वह दो महिलाओं के साथ आपत्तिजनक हालत में पाए गए थे। उसी साल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और प्रवक्ता अभिषेक मनु सीडी सामने आने के बाद सेक्स स्कैंडल में फंस गए थे। सीडी में कथित तौर पर अभिषेक मनु सिंघवी सुप्रीम कोर्ट के लॉयर्स चैंबर में एक महिला वकील के साथ आपत्तिजनक स्थिति में देखे गए थे। इससे भी घिनौना एक वाकया मध्यप्रदेश का। प्रदेश के वरिष्ठ नेता राघव पर अपने नौकर के साथ अप्राकृतिक कृत्य का आरोप लगा था। आखिरकार उनको अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा था।

कहते हैं कि प्यार और युद्ध में सब कुछ जायज है लेकिन यह मुहावरा तो सबसे ठीक हमारे देश की राजनीति पर सटीक बैठता है। जिन्हें जनप्रतिनिधि कहा जाता है, जब उनके ऐसे कृत्य सामने आते हैं, हर देशवासी का माथा ठिठक जाता है। वह अपने ऐसे रहनुमाओं से भला क्या उम्मीद करे। यह भी सच है कि जैसे-तैसे अथवा प्रतिशोध में कुछ ही मामले सामने आ पाते हैं, हमाम जाने कितना गंदा है, कैसे-कैसे गंदे लोगों से भरा पड़ा है, उजागर कहां हो पाता है।

यह भी पढ़ें: भारतीयों ने फ्री 'लव कॉन्डम' का उठाया फायदा, तीन महीने में स्टॉक हुआ खत्म

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