संस्करणों
प्रेरणा

ब्रिटेन में भारतीय उद्यमियों के लिए उदार वीजा योजना

यूरोपीय संघ से बाहर निकलने के बाद ब्रिटेन भारत अपने प्रमुख व्यापारिक भागीदार के रूप में देख रहा है।

PTI Bhasha
7th Nov 2016
Add to
Shares
1
Comments
Share This
Add to
Shares
1
Comments
Share

ब्रिटेन ने भारतीय कारोबारियों के लिए उदार वीजा योजना की पेशकश की है। यूरोपीय संघ से बाहर निकलने के बाद भारत को ब्रिटेन अपने प्रमुख व्यापारिक भागीदार के रूप में देख रहा है और इसी के मद्देनजर ब्रिटेन ने भारतीय कारोबारियों के लिए पहली बार उदार वीजा व्यवस्था की पेशकश की है। इसमें भारतीय उद्यमियों को ब्रिटेन के हवाई अड्डों से निकलने में सुगमता होगी और यूरोपीय संघ तक उनकी पहुंच आसान होगी।

फोटो: citylegalservices

फोटो: citylegalservices


भारत पहले से ही अपने नागरिकों के लिए आसान वीजा व्यवस्था की मांग करता रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्रिटेन की प्रधानमंत्री टेरिजा मे से भारतीय विद्याथियों तथा शोधकर्ताओं को बेहतर आवाजाही उपलब्ध कराने को कहा।

भारत-ब्रिटेन प्रौद्योगिकी सम्मेलन को संबोधित करते हुए मे ने कहा, ‘हम पहली बार किसी देश को जिसके नागरिकों को ब्रिटेन में प्रवेश के लिए वीजा की जरूरत होती है, पंजीकृतज यात्री योजना उपलब्ध कराने जा रहे हैं।’ सीआईआई द्वारा आयोजित कार्यक्रम में मे ने कहा कि इसका मतलब है कि ऐसे भारतीय नागरिक जो नियमित रूप से ब्रिटेन आते रहते हैं उनके लिए वहां प्रवेश की प्रक्रिया काफी आसान हो जाएगी। उन्होंने कहा कि ऐसे उद्यमियों को अब कम फॉर्म भरने होंगे और उन्हें यूरोपीय आर्थिक क्षेत्र (ईयू-इईए) पासपोर्ट नियंत्रण तथा ब्रिटिश हवाई अड्डों से सुगमता से निकलने की सुविधा मिलेगी। इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल हुए।

ब्रिटेन की प्रधानमंत्री मे ने कहा कि छोटे शब्दें में कहा जाए तो ब्रिटेन और भारत के लिए अधिक अवसर होंगे। यह इस बात का स्पष्ट संकेत है कि ब्रिटेन अब कंपनियों के लिए काफी अधिक खुला क्षेत्र बन चुका है। साथ ही मे ने यह भी कहा कि यह सिर्फ प्रभावी व्यापार और निवेश के लिए ही अनिवार्य कानूनी ढांचा नहीं होगा, बल्कि यह बाकी लोगों के लिए भी होगा।

उन्होंने कहा कि यह बेहद महत्वपूर्ण है कि जिन लोगों को कारोबार के लिए दोनों देशों के बीच आना जाना होता है उन्हें इसमें सुविधा हो। यही वजह है जब मैं गृह मंत्री थी मैंने भारतीयों के लिए वीजा प्रक्रिया को कहीं आसान किया था।

भारत को अब ब्रिटेन में सर्वश्रेष्ठ वीजा सेवाएं उपलब्ध होंगी। किसी अन्य देश की तुलना में आवेदन के लिए कहीं अधिक केंद्र होंगे। सिर्फ ब्रिटेन ही एक ऐसा स्थान है जहां सेम डे वीजा पाना संभव है।

व्यापार और निवेश की अड़चनों को दूर करने का जिक्र करते हुए ब्रिटेन की प्रधानमंत्री ने कहा कि 'ब्रिटेन यहां कारोबार को आसान करने के लिए भारत के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम कर रहा है। हम अड़चनों को हटा कर कारोबार को आसान कर सकते हैं। यही वजह है कि ब्रिटेन प्रधानमंत्री मोदी के साथ मिलकर काम कर रहा है जिससे भारत में व्यापार करने को आसान बनाया जा सके।’

उधर दूसरी तरफ भारती के चेयरमैन सुनील मित्तल का मानना है, कि ब्रिटेन का यूरोपीय संघ से बाहर निकलना भारत की दृष्टि से अच्छा है, क्योंकि इससे ब्रिटेन बड़े बाजारों में रणनीतिक गठजोड़ की संभावना तलाशेगा। सीआईआई द्वारा आयोजित भारत-ब्रिटेन प्रौद्योगिकी सम्मेलन के मौके पर मित्तल ने अलग से कहा, ब्रिटेन यूरोपीय संघ से बाहर निकल रहा है, ऐसे में उसे भारत जैसे बड़े बाजारों की जरूरत है। वहीं भारत को रक्षा, विनिर्माण और आईटी क्षेत्र में ब्रिटेन की प्रौद्योगिकी से लाभ हो सकता है। उन्होंने कहा कि ब्रेक्जिट के मद्देनजर ब्रिटेन को भारत जैसे बड़े देशों से रणनीतिक गठजोड़ करने की जरूरत होगी।

यह पूछे जाने पर कि वह ब्रिटेन सरकार से क्या उम्मीद करते हैं, मित्तल ने कहा, ‘उन्हें भारतीय उद्योग का अधिक स्वागत करना चाहिए। उन्हें भारत से और लोगों को ब्रिटेन आवाजाही की अनुमति देनी चाहिए। हम रोजगार और मूल्य का सृजन करते हैं।’ 

ब्रिटेन की वीजा नीति में हालिया बदलाव को नजरअंदाज करते हुए मित्तल ने कहा कि लोगों की मुक्त आवाजाही हमेशा से उद्योग के एजेंडा पर है।

Add to
Shares
1
Comments
Share This
Add to
Shares
1
Comments
Share
Report an issue
Authors

Related Tags

Latest Stories

हमारे दैनिक समाचार पत्र के लिए साइन अप करें