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‘Pipa+Bella’ कम कीमत में फैशनेबल ज्वेलरी का जलवा

6,50,000 डॉलर का निवेश पाने में कामयाब ‘Pipa+Bella’मुबंई और सिंगापुर में ‘Pipa+Bella’ का कारोबार12 सदस्यों की टीम है ‘Pipa+Bella’

18th Aug 2015
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मन में कुछ कर गुजरने की तमन्ना हो तो हौसले बन ही जाते हैं। तभी तो ‘Pipa+Bella’ की संस्थापक शुचि पंड्या हाल ही में सिंगापुर की कंपनी लॉयन रॉक कैपिटल, राजेश साहनी, टेरूहाइड सातो, और रूपा नाथ से 6,50,000 डॉलर का निवेश पाने में कामयाब रही हैं। शुचि को काफी समय से ऐसे निवेशकों की तलाश थी जिनको कारोबार में उनके इरादे पर भरोसा हो।

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‘Pipa+Bella’ महिलाओं के लिए फैशन आभूषण तैयार करता है और वो भी हर किसी के बजट के मुताबिक। शुचि के मुताबिक उन्होने ‘Pipa+Bella’ का नाम दो भाषाओं से लिया है। ‘Pipa’ स्पैनिश शब्द है। जिसका अर्थ है बोल्ड, साहसिक या खतरों से खेलने वाला। जबकि ‘Bella’ इटालियन शब्द है और इसका अर्थ है क्लासिक और सुंदर। शुचि के मुताबिक वो अपने ब्रांड और आभूषण में इन दोनों चीजों का समावेश चाहती थी और ये शब्द एक दूसरे से संबंधित हैं। हाल ही में मिले निवेश के बारे में शुची का कहना है कि वो इस पैसे का इस्तेमाल नई नियुक्तियां, टेक प्लेटफॉर्म के निर्माण और अपने ग्राहक आधार का विस्तार करने में करेंगी।

‘Pipa+Bella’ फिलहाल मुंबई के अलावा सिंगापुर में काम कर रहा है। हालांकि उनकी योजना देश के और हिस्सों में अपने कारोबार को फैलाने की है, क्योंकि यहां का बाजार तेजी से विकसित हो रहा है। देश के साथ साथ इन लोगों की योजना विदेश में भी अपने पांव पसारने की है। फिलहाल ये लोग अगले साल तक अपना सारा ध्यान भारत पर ही लगाना चाहते हैं।

दरअसल आभूषण तो शुचि के खून में बसते हैं। तभी तो उनको इस क्षेत्र ने उनको आकर्षित किया। मुंबई में पली बड़ी शुचि का परिवार भी आभूषण के कारोबार से जुड़ा हुआ है। यही कारण है कि परिवार में रात के खाने के दौरान आभूषण के कारोबार को लेकर चर्चाएं छिड़ना आम बात होती थी। इस बातचीत में शुचि भी काफी गंभीरता से हिस्सा लेती थी। यही कारण है कि उनमें इस कारोबार को लेकर समझ बढ़ती गई और जल्द ही उनकी समझ में आ गया कि कैसे आभूषण का कारोबार किया जाता है। शुचि ने न्यूयॉर्क विश्वविद्यालय से मार्केटिंग की पढ़ाई की और जब वो वहां से वापस लौटी तो परिवार के कारोबार में मदद करने लगीं। इस दौरान उनको उत्पाद केंद्रित माहौल का तजुर्बा हासिल हुआ। साल 2010 में उन्होने एमबीए करने के लिए व्हार्टन स्कूल में दाखिला ले लिया और यहीं उनको ‘Pipa+Bella’ शुरू करने का विचार आया। जिसके बाद उन्होने नए जमाने और तकनीक पर आधारित कारोबार को शुरू करने से जुड़ी जानकारियां जुटानी शुरू कर दीं।

शुचि ने व्हार्टन स्कूल में पढ़ाई के दौरान अपना नाम आठ हफ्तों तक चलने वाले एक कोर्स में लिखवा दिया। ये कोर्स था कि कैसे अपने कारोबारी प्लान को खड़ा करें। अपनी जानकारी को और बढ़ाने के लिए शुचि ने फाइनेंस और अकाउंटिंग की क्लासेस लेनी भी शुरू कीं। सुचि का मानना है कि सही मार्गदर्शन और लोगों के अच्छे सुझाव के कारण ही ‘Pipa+Bella’ की शुरूआत हुई। इसके अलावा उनके परिवार का इस क्षेत्र में खासा तजुर्बा भी उनके ऑनलाइन कारोबार को खड़ा करने में काफी मददगार साबित हुआ। सुचि का मानना है कि फैशन ज्वैलरी की डिमांड तेजी से बढ़ रही है। आज का युवा फैशन को लेकर खासा संजीदा है और वो कुछ हटकर डिजाइन को पसंद करता है जो ना सिर्फ अच्छी क्वॉलिटी के हों बल्कि उसकी जेब के मुताबिक भी हो।

शुचि अपने बनाए गहनों में नवीनता को लेकर सजग रहती हैं जो उनको इस बाजार में बनाए रखने में मददगार साबित होता है। अपने काम को लेकर सुचि कितनी गंभीर हैं उसका अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि वो हर हफ्ते सौ से ज्यादा नये डिजाइन बाजार में उतारती हैं। इतना ही नहीं इन डिजाइन को बनाने में ग्राहक भी अपनी राय देते हैं। 12 सदस्यों की सुचि की इस टीम में इन्वेंट्री पर आधारित है। जिन्होने एक ऐसे ब्रांड को तैयार किया है जो ना सिर्फ लोगों का आकांक्षाओं को पूरा करता है बल्कि सस्ता भी है। अक्सर अच्छी गुणवत्ता के साथ कम दाम का मिलना मुश्किल होता है लेकिन इस क्षेत्र में उनका अनुभव उनके इस काम में काफी मददगार साबित हुआ।

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सुचि ने अपना कारोबार बढ़ाने के लिए विक्रेताओं के साथ मिलकर काम किया और उनको ये भरोसा दिलाया कि उनके उत्पाद की ना सिर्फ गुणवत्ता अच्छी है बल्कि इनके डिजाइन भी शानदार हैं। सुचि का कहना है कि लोगों को अपने साथ काम पर रखना बड़ी चुनौती है क्योंकि अच्छी प्रतिभा और लगन के साथ काम करने वाले लोगों को ढूंढना काफी मुश्किल है। उनके मुताबिक उनको ऐसे लोगों की तलाश रहती है जो अपने काम को लेकर ऊर्जा से भरे हों, रचनात्मक और कड़ी मेहनत से काम करना जानते हों और उनका रवैया ऐसा हो जो किसी भी चुनौती को स्वीकार करने से परहेज ना करें।

‘Pipa+Bella’ जल्दी ही अपने कारोबार को विस्तार देने के लिए मोबाइल ऐप लाने जा रहा है। इसके अलावा अपने प्लेटफॉर्म में ग्राहकों को अपनी ओर आकर्षित करने के लिए लॉयल्टी कार्यक्रम शुरू करने जा रहा है। सुचि का कारोबारी मंत्र है अनुशासन। उनका विश्वास है कि ज्यादा चीजों को करने से तरक्की नहीं मिलती इसलिए किसी को भी एक काम में ही ध्यान लगाना चाहिए। हाल ही निवेश हासिल करने वाली सुचि का मानना है कि कोई भी काम को जल्द जल्द शुरू कर देना चाहिए क्योंकि कोई भी सोच को हकीकत बनने में काफी वक्त लगता है। इसके अलावा निवेश हासिल करने के लिए निवेशक के साथ मोलभाव जरूर करना चाहिए। उनका कहना है कि निवेशक के प्रति ईमानदार रहना चाहिए और उन मुद्दों और चुनौतियों का सामना करना चाहिए जो आपके सामने आती हैं। क्योंकि जब कोई इन चीजों से बचने की कोशिश करता है तो वो निवेशक का विश्वास खो देता है। सुचि का मानना है कि आपके संबंध किसी के मूल्यांकन से ज्यादा महत्वपूर्ण होते हैं। उनका कहना है कि निवेश हासिल करने से पहले ये जरूर सोचें कि आपको निवेश की क्यों जरूरत है और आप उस पैसे को कैसे खर्च करेंगे। इसके अलावा खास बात ये कि आपके कारोबार में पैसा लगाने वाला कोई भी निवेशक अच्छा हो सकता है। इसलिए बेहतर यही है कि निवेशक के बारे में भी थोड़ी बहुत जानकारी एकत्रित कर लें। जिनके साथ आपने काम करना है।

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