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"महिलाएं महान प्रोग्रामर हैं, प्रौद्योगिकी में और महिलाओं की ज़रूरत"

“सीमा आज जहाँ है वहाँ पहुचने के लिए उन्हें कई निजी बाधाओं और असफलताओं का सामना करना पड़ा है”

Prakash Bhushan Singh
4th Sep 2015
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सीमा लाल गुलाबरानी की कहानी दिल को छू लेने वाली और प्रेरणादायक है. वह एक भावुक तकनीकी विशेषज्ञ है और तकनीक के क्षेत्र के हर नए विकास के साथ स्वयं को अद्यतन रखती हैं. वह विभिन्न पूर्वाग्रहों की वजह से महिलाओं को तकनीक में पीछे रहने के बारे में सोचती है, लेकिन जब वह वापस अपने अनुभव पर विचार करती है तो उनका मानना है कि महिलाएं महान प्रोग्रामर हैं. 'हर स्टोरी' ने उनके जीवन में झाँकने की कोशिश की.

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पृष्ठभूमि:

मैंने कम्प्यूटर एप्लीकेशन में मास्टर्स किया है, जिसके बाद मुझे Fujitsu नामक कंपनी में पुणे में नौकरी मिल गयी. और उसके बाद मैं NIIT दिल्ली चली गयी. इन दोनों स्थानों पर, मैं ने एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में शुरूआत की. मैं ने NIIT में 4 साल बिताए. उसके बाद मैं ने कॉर्पोरेट जगत से एक छोटा सा अवकाश ले लिया. इस चरण के दौरान, मैं ने एक स्टार्टअप के साथ अपना समय बिताया है और दिल्ली में छोटे और मध्यम व्यवसायों के को परामर्श दिया. मैं ने Java में भी काम किया. और फिर मैं 2 साल के लिए गुड़गांव में Sapient Technologies में चली गयी. मैं 2003 से Sopra के साथ हूँ. मैं ने एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में शुरूआत की थी, और आज मैं वरिष्ठ वास्तुकार हूँ.

मैं तकनीकी समर्थक विशेषज्ञ हूँ. मैं पहले दिन से ही प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में रही हूँ. यही मेरे कैरियर के दौरान मेरी खासियत रही है. मैं जानती थी कि यह एक बहुत ही लंबी दौड़ होने जा रही है. और मैं आज जहाँ हूँ, मैं बहुत खुश हूं. मैं अपने काम के लिए जुनून की वजह से इस लंबी दौड़ में थी, और न पद या भूमिका के लिए.

एक सॉफ्टवेयर वास्तुकार होना:

यूरोप के हमारे ग्राहकों के लिए मैं सॉफ्टवेयर समाधान का निर्माण करती हूँ. उत्पाद की संकल्पना से लेकर उस चरण तक जहाँ ग्राहक इसका इस्तेमाल कर सकते हैं, मैं इसके प्रौद्योगिकी पक्ष पर काम करती हूँ. मैं ने एक ही समय में कई परियोजनाओं को संभाला है. मैं दैनिक परिचालन के स्तर पर अपनी इंजीनियरिंग टीमों के साथ काम करती हूँ.

व्यक्तिगत बाधाओं को पार करना:

मेरे बेटे बहुत छोटे थे जब मेरे पति का निधन हो गया. मैं बर्बाद हो गयी थी. उन दिनों में, भारत में एकल माँ बनने के बारे में सोचना भी अकल्पनीय था. लेकिन मेरे पास नौकरी थी, और मैं खुद अपने पैरों पर खड़ी हो सकी. इसलिए मैं ने अवसाद से उबर कर अपना और अपने बेटों के जीवन का ध्यान रखना शुरू किया. इतने चुनौती की बाद भी मैं कहना चाहूंगी कि मैं अपने काम और घर की जिम्मेदारियों के बीच संतुलन बना सकी. कई बार परिस्थितियाँ अत्यंत कठिन हो सकती हैं, लेकिन चुनौतियों के बावजूद आगे बढ़ते रहना ही सफलता की कुंजी है.

प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में महिलाएँ:

मैं हार्ड कोर प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में और अधिक महिलाओं को देखना चाहती हूँ. तकनीक के साथ आप को, अपने आप को लगातार अद्यतन रखना होता है. चूंकि यह क्षेत्र बहुत गतिशील है, इसलिए प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में होना रोमांचक है. जैसे जैसे आप वरिष्ठ होते जाते हैं, आप को नवीनतम जानकारियों से सूचित रहना विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि आपकी टीम, आपकी ओर देख रही होती है, आपको उनका नेतृत्व करना होता है. युवा महिलाओं के लिए, जिन्हे तकनीक को लेकर जूनून है, उनके लिए पर्याप्त रोल मॉडल वहाँ हैं, बस आप इसमें जाइए तो सही! मुझे वास्तव में प्रौद्योगिकी से प्यार है और इसलिए मैं इसके साथ चलने में सक्षम हूँ

मैं एक ऐसी प्रवृत्ति भी देख रही हूँ, जहां महिलाएँ मूल विकास से दूर जा रही हैं. संभव है कि आज महिलाएँ घर के और अन्य पूर्वाग्रहों और प्रतिबद्धताओं के कारण अधिक विकास की ओर नहीं जा पा रही हों. लेकिन हमें वहाँ यह अनुपात बढ़ाने की जरूरत है.

महत्वाकांक्षा:

मैं निश्चित रूप से 10 वर्षों में एक कंपनी की प्रौद्योगिकी प्रमुख होना चाहती हूँ.

आपको कोई रोक नहीं सकता. महिलाओं में प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में होने की क्षमता है. आप इस क्षेत्र में जाएँ, इसके साथ रहें और इसका आनन्द उठाएं!

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