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छत्तीसगढ़ के इस जिले में पहले होती थी सिर्फ एक खेती, अब फूलों से खुशहाल हो रही किसानों की जिंदगी

फूलों की खेती से लाखों कमा रहे छत्तीसगढ़ के किसान...

8th Aug 2018
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यह लेख छत्तीसगढ़ स्टोरी सीरीज़ का हिस्सा है..

छत्तीसगढ़ में केवल एक ही खेती करने वाले किसानों को अन्य दूसरी फसलें उगाने के लिए भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसका परिणाम ये हुआ कि पहले जहां किसान सिर्फ धान की फसल करते थे अब वे सब्जी, फूल और अन्य फसलें लगाने लगे हैं। इससे उन्हें काफी फायदा भी हो रहा है।

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 सूजरपुर जिले के रविन्द्रनगर में किसान परंपरागत खेती के अलावा फूल और सब्जियों की खेती बड़ी मात्रा में करते हैं यही कारण है कि यहां के किसान अब आर्थिक रूप से भी मजबुत हो रहे हैं 

भारत में आधी से अधिक आबादी प्रत्यक्ष तौर पर खेती पर निर्भर है। किसानों को देश में अन्नदाता कहा जाता है, लेकिन पर्याप्त सुविधा और जानकारी न होने के कारण किसानों की स्थिति जस की तस बनी रहती है। कई इलाके ऐसे हैं जहां किसान साल में सिर्फ एक ही खेती करते हैं। इससे उन्हें काफी नुकसान होता है। छत्तीसगढ़ में केवल एक ही खेती करने वाले किसानों को अन्य दूसरी फसलें उगाने के लिए भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसका परिणाम ये हुआ कि पहले जहां किसान सिर्फ धान की फसल करते थे अब वे सब्जी, फूल और अन्य फसलें लगाने लगे हैं। इससे उन्हें काफी फायदा भी हो रहा है।

सरकार केवल एक ही फसल से होने वाले नुकसान से किसानों को बचाने के लिए दूसरी फसलों पर ध्यान देने के पुरजोर प्रयास कर रही है। प्रदेश में किसान केवल धान की परंपरागत खेती करते हैं जिससे उनके आर्थिक स्तर में सुधार नहीं हो पाता है। इसलिए सरकार चाहती है कि प्रदेश के किसान सब्जी, फल, फूल और अन्य खेतियों पर ध्यान दें और सरकार को उद्यानिकी से जुड़ी खेती करने के लिए किसानों को समझाने में सफलता मिल रही है। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले की बात करें तो यहां किसान हजारों की संख्या में फूल, फल और सब्जियों की खेती में लाखों का मुनाफा कमा रहे हैं। इसीलिए मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने भी किसानों की मेहनत का लोहा मानते हुए इसे "फूलों का जिला" जैसे शब्दों से संबोधित किया है।

सूरजपुर जिले के कई इलाकों में अब किसानों के खेत रंग बिरंगे फूलों से भरे नज़र आते है। सूजरपुर जिले के रविन्द्रनगर में किसान परंपरागत खेती के अलावा फूल और सब्जियों की खेती बड़ी मात्रा में करते हैं यही कारण है कि यहां के किसान अब आर्थिक रूप से भी मजबूत हो रहे हैं और ये सब संभव हूआ है प्रदेश की सरकार के हार्टिकल्चर को सकारात्मक उर्जा प्रदान करने से। जिले के किसान भी मानते हैं की पहले एक फसल के बाद उनके खेत बेजान पड़े रहते थे लेकिन अब सरकार के उद्यानिकी विभाग के सहयोग से वे पूरे साल अपने खेतों से फूल और फलों सहित सब्जी की खेती कर भारी मुनाफा कमा रहें हैं।

गौरतबल है कि छत्तीसगढ़ में जिन नये नौ जिलों का निर्माण किया गया उनमें एक जिला सूरजपुर भी शामिल था। इन नए जिलों को विकसित करने के लिए सरकार ने विकास नीतियों के साथ साथ कृषि को बढ़ावा देने के कार्यक्रम उद्यानिकी विभाग के माध्यम से चलाये। जिसमें सूरजपुर जिले के किसान काफी उत्साह के साथ भाग ले रहे हैं और लाभ भी ले रहे हैं। उद्यानिकी विभाग के मुताबिक जिलें में पांच सौ हेक्टेयर में 961 किसान फल,सब्जी और फूलों की खेती कर लाभान्वित हो रहें हैं। इसके साथ ही जिलें में सब्जियों की बम्पर पैदावार के कारण यहां कृषक उत्पादक संघ का गठन किया जा रहा है ताकि वे अपने उत्पाद का व्यापार कर सकें।

जिले में सब्जी और फूलों का उत्पादन करने वाले पच्चीस सौ से अधिक किसान पंजीकृत हो चुके है इसके अलावा पंजीयन का कार्य प्रगति पर है। जिले में हार्टिकल्चर के माध्यम से हो रही बम्पर पैदावार को देखते हुए कृषि मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने जिले में हाट बाजार आर मंडी निर्माण के लिए भी स्वीकृति प्रदान की है।

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यह भी पढ़ें: कबीरधाम के इस किसान ने खेती से की अपनी आय दोगुनी

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