संस्करणों
प्रेरणा

अपने संगीत से युवाओं में नई चेतना भरने की कोशिश में सूरज निर्वान

1st Mar 2016
Add to
Shares
0
Comments
Share This
Add to
Shares
0
Comments
Share

- सूरज निर्वान अपने संगीत के माध्यम से कर रहे हैं जन जागरण...

- खुद गाना लिखते हैं, कंपोज करते हैं और फिर उसे गाते हैं सूरज...

- देश प्रेम और समाज को एक करना है मकसद...

- 4 साल की उम्र में पहली बार दिया था स्टेज में परफॉर्मेंस...

- देश भक्ति और सामाजिक मुद्दों पर गीत लिखकर युवाओं को जगाते हैं सूरज...


संगीत को समझने के लिए भाषा ज्ञान की जरूरत नहीं होती न ही संगीत को किसी सरहद में बांधा जा सकता है। संगीत तो वो चीज है जो लोगों को आपस में जोड़ता है। उनकी भावनाओं को शब्द देता है और उनके विचारों को अभिव्यक्त करता है। संगीत खुद में संपूर्ण है इसलिए लोग इससे खुद जुड़ जाते हैं। संगीत जहां व्यक्ति की थकान मिटाता है, लोगों को स्वस्थ मनोरंजन देता है वहीं देशप्रेम में भी संगीत का महत्वपूर्ण योगदान हमेशा से ही रहा है। आजादी के जमाने में भी देशप्रेम के कई गाने बने जिनसे लोग प्रेरित हुए, आपस में जुड़ें और देश के लिए कुछ कर गुजरने का जज्बा उनके अंदर आया।

भारत को युवाओं देश कहा जाता है। कारण, यहां पर युवाओं का आबादी दुनिया में सबसे ज्यादा है। यही वजह है कि दुनिया भारत की तरफ काफी उम्मीद से देखती है। भारत के युवा भी सबकी उम्मीदों में खरे उतर रहे हैं और देश ही नहीं दुनिया भर में अपनी प्रतिभा का डंका बजा रहे हैं। ऐसे ही एक युवा हैं सूरज निर्वान, जो अपनी प्रतिभा यानि संगीत के माध्यम से देश और समाज को एकजुट कर रहे हैं और लोगों के अंदर देश प्रेम की भावना को जागृत करने का काम कर रहे हैं।

image


अपने लिए तो हर कोई जीता है लेकिन सूरज अपने काम के द्वारा देश और समाज के लिए जो काम कर रहे हैं उसने उनके कद को काफी बढ़ा दिया है। 30 वर्षीय सूरज के आज देश ही नहीं दुनिया भर में फैन्स हैं।

सूरज के खून में ही संगीत बसता है। उनकी माता कथक से जुड़ी हुई हैं वही उनके पिता स्वर्गीय सुभाष निर्वान एक बेहतरीन तबलावादक थे। जब सूरज मात्र 4 साल के थे तब उन्होंने पहली बार स्टेज में परफॉर्मेंस दी थी। सूरज बताते हैं, 

"मेरे दादाजी ने मुझे गाने के लिए प्रेरित किया और मेरा हौंसला बढ़ाया उसके बाद सूरज ने स्कूल व विभिन्न मंचों पर परफॉर्म किया। जब मैं 11 वीं में था तब मैंने खुद गाना लिखने और उन्हें कंपोज करना शुरू कर दिया था और तब से लेकर आज तक लगातार अपने काम को अंजाम दे रहा हूं।"

सूरज दिल्ली घराने से हैं। वे एक ट्रेन्ड तबलावादक है और उन्होंने कई नामचीन इंडियन क्लासिकल संगीतज्ञों के साथ काम किया है इसके अलावा वे खुद गाने लिखते हैं कंपोज करते हैं व उन्हें गाते हैं। वे बताते हैं कि कुछ साल पहले वे सैम ग्रुप से जुड़े। सैम यानी सेल्फ असिसमेंट और मैनेजमेंट वर्कशॉप। सैम का कार्य समाजिक है। यह विभिन्न वर्कशॉप्स आयोजित करता है जहां पर ड्रग्स एडिक्शन और विभिन्न चीजों से युवाओं के बचाने के लिए कार्य किये जाते हैं। सैम मे जुड़ने के बाद सूरज ने खुद में काफी बदलाव देखे उन्हें काफी एक्पोजर मिला और उन्होंने ठान लिया कि वे अब हमेशा समाज और देश के लिए समर्पित रहेंगें।

image


सूरज अपने संगीत के माध्यम से युवाओं को देशभक्ति जगाने का प्रयास करते हैं और उनकी लगातार बढ़ती हुई लोकप्रियता ने यह सिद्ध कर दिया है कि उनका ये प्रयास रंग भी ला रहा है।

image


हाल ही में हुए पठानकोट आंतकी हमले पर भी सूरज ने गीत लिखा है जिसको उन्होंने हमले में शहीद हुए वीरों को समर्पित किया और युवाओं के बीच में गाया। सूरज बताते हैं, 

"गीत लिखते वक्त मैं इस बात का विशेष ख्याल रखता हूं कि उनके शब्द सरल हों लोगों को आसानी से समझ आ जाएं, लोगों को अंदर तक छू ले और सोचने पर मजबूर कर दें।" 

सूरज बताते हैं कि वे अपने म्यूजिक के माध्यम से अपने एक्सप्रेशन के सामने लाना चाहते हैं। पठानकोट के अलावा भी उन्होंने कई देशभक्ति से ओतप्रोत गीत लिखे व उन्हें विभिन्न मंचों पर गाया है। निर्भया रेप के बाद जब देश का युवा सड़कों पर उतर आया था उस समय भी सूरज ने अपने संगीत से लोगों को जोड़ने का प्रयास किया था।

सूरज द्वारा गाया हिट हरियाणवी रॉक गाना ‘ रॉकिनी ‘ उनके बेहद करीब है। इस गाने को भी काफी सफलता मिली और इस गाने ने उनके आत्मविश्वास को काफी बढ़ाया और इसके बाद बतौर कामर्शियल सिंगर उनका करियर तेजी से आगे बढ़ा।

image


आज सूरज दिल्ली विश्वविद्धालय में ‘ फैकल्टी ऑफ म्यूजिक और फाइन आर्ट्स ’ में फैकल्टी मैंबर हैं। सूरज ने पंडित बिरजू महाराज, डॉक्टर बाल मूर्ती क्रिशनन, कुमार गणेशन, सुश्मित सेन आदि बड़े नामों के साथ भी काम किया है।

सूरज कहते हैं, 

"केवल पैसा कमाना मेरा कभी भी लक्ष्य नहीं रहा और ना ही कभी रहेगा। मैं बस अपने संगीत के माध्यम से युवाओं को प्रेरित करना चाहता हूं और उनके अंदर ऊर्जा लाना चाहता हूं ताकि युवा समाज और देश के लिए बढ़ चढ़कर अपना योगदान दें।"
Add to
Shares
0
Comments
Share This
Add to
Shares
0
Comments
Share
Report an issue
Authors

Related Tags

Latest Stories

हमारे दैनिक समाचार पत्र के लिए साइन अप करें