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आग लगे ट्रैक्टर को लेकर तालाब में कूदा युवा किसान, बचाईं कई जानें

19th Nov 2018
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28 वर्षीय येनकप्पा ट्रैक्टर पर सूखी घास लेकर जा रहे थे। अचानक उस घास में आग लग गई। जिस जगह पर ट्रैक्टर खड़ा था वहां पर कई घर थे और ट्रैक्टर आगे नहीं बढ़ता तो लगभग 100 घर आग की जद में आ सकते थे।

येनकप्पा

येनकप्पा


ट्रैक्टर में आग कैसे लगी इसके बारे में बताते हुए येनकप्पा ने कहा कि वे ट्रैक्टर को संकरी गलियों से लेकर जा रहे थे और घरों से सटी हुई बिजली की लाइन ट्रैक्टर में छू गई और स्पार्किंग होने से आग लग गई।

हमारे आस पास ही न जाने कितने लोग होते हैं जो अपनी जिंदगी में किसी हीरो से कम नहीं होते। कर्नाटक के एक युवा किसान की कहानी सुनकर आपका मन भी उसकी तारीफ करने का करने लगेगा। बीते सप्ताह 28 वर्षीय येनकप्पा ट्रैक्टर पर सूखी घास लेकर जा रहे थे। अचानक उस घास में आग लग गई। जिस जगह पर ट्रैक्टर खड़ा था वहां पर कई घर थे और ट्रैक्टर आगे नहीं बढ़ता तो लगभग 100 घर आग की जद में आ सकते थे। लेकिन येनकप्पा ने बहादुरी दिखाई और ट्रैक्टर को लेकर पास के एक तालाब में कूद गए।

येनकप्पा की बहादुरी की जमकर तारीफें हो रही हैं। यह घटना उत्तरी कर्नाटक के बागलाकोट से 25 किलोमीटर दूर एक गांव की है। टाइम्स ऑफ इंडिया से बात करते हुए येनकप्पा ने बताया, 'मैं चाहता तो ट्रैक्टर छोड़कर भाग सकता था, लेकिन इससे आसपास के घर जल सकते थे और कई जानें जा सकती थीं। लेकिन मुझे लगा कि लोगों की जान बचाना ज्यादा जरूरी है।' ट्रैक्टर में आग कैसे लगी इसके बारे में बताते हुए येनकप्पा ने कहा कि वे ट्रैक्टर को संकरी गलियों से लेकर जा रहे थे और घरों से सटी हुई बिजली की लाइन ट्रैक्टर में छू गई और स्पार्किंग होने से आग लग गई।

ट्रैक्टर में 30 फीट ऊपर तक घास लदी हुई थी। लेकिन जैसे ही आग लगी उसने चंद मिनटों में विकराल रूप धारण कर लिया। आग को देखते ही वहां के लोग चिल्लाने लगे और आग बुझाने के लिए पानी खोजने लगे। लेकिन आग इतनी भयंकर थी कि पानी से बुझने वाली नहीं थी। येनकप्पा बताते हैं कि ड्राइवर सीट तक आग की लपटें आ रही थीं, लेकिन वे ट्रैक्टर छोड़कर नहीं गए और उसे सुरक्षित जगह पर पहुंचाने में लगे रहे।

स्थानीय निवासी संजीव ने कहा, 'ये सब सिर्फ 20 मिनट के भीततर हुआ। इतने कम समय में आग पर काबू पाना मुश्किल था, लेकिन येनकप्पा ने अपनी बहादुरी से कई जानें बचा लीं। नहीं तो कई घर तबाह हो सकते थे।' 

यह भी पढ़ें: हिंदी मीडियम से कैसे बना जा सकता है IAS, बता रहे हैं UPSC टॉपर IAS निशांत जैन

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