संस्करणों

मुंबई पर आतंकी ख़ौफ़ की कहानी के भीतर झाँकती नाज़िया सैयद और शरमीन हकीम की नयी पुस्तक

YS TEAM
11th Jul 2016
Add to
Shares
0
Comments
Share This
Add to
Shares
0
Comments
Share

दो पत्रकारों की एक नई किताब दस साल पहले मुम्बई में हुए 7.11 के ट्रेन बम धमाकों के पूरे घटनाक्रम का ना सिर्फ ब्योरा पेश करती है, बल्कि इन भयानक विस्फोट में शामिल लोगों की पृष्ठभूमि की पड़ताल करती है और बताती है कि कैसे पुलिस ने इस पूरी साजिश को बेनकाब किया।

पत्रकार नाज़िया सैयद और शरमीन हकीम की पुस्तक ‘सिक्स मिनट्स ऑफ टेरर: द अनटोल्ड स्टोरी ऑफ 7.11 मुम्बई ट्रेन ब्लास्ट्स’ का प्रकाशन पेंग्विन रैंडम हाउस इंडिया ने की है और इसे इन विस्फोटों ओर बाद हुई सुनवाई का एक वस्तुपरक विवरण माना जाता है। बस छह मिनट के अंतराल पर सात रेलवे स्टेशनों पर सात विस्फोटों ने बंबई को दहला दिया था और इन विस्फोटों में 189 लोगों की जान चली गयी थी जबकि 700 से अधिक लोग घायल हुए थे।

image


प्रकाशक ने कहा कि इस पुस्तक में देश के अंदर पनपे आतंकवादियों के दिमाग में झांकने की कोशिश की गयी है जिन्होंने अप्रत्याशित तबाही मचायी और मासूम लोगों की जान ली। बम हमला मुम्बई में 1993 के धमाकों के बाद घातक आतंकवादी हमलों में एक था। आतंकवादी संगठन लश्कर ए तैयबा की इस करतूत का लक्ष्य शहर की जीवन रेखा स्थानीय ट्रेन पर हमला कर शहर को पंगु बना देना था।

रोज़ाना इन ट्रेनों से करीब 70 लाख लोग सफर करते हैं। वैसे यहां की रेल लाइनें बुरी स्थिति में हैं और मानसून के सीजन में रेल मार्गों पर पानी भी भर जाता है। लेकिन यह लाखों मुम्बईवासियों के लिए किसी तरह प्रभावी तरीके से काम करता है और इसे वित्तीय राजधानी की जीवन रेखा कहा जाता है। पुस्तक कहती है, ‘‘वाकई, भीड़ भरी ट्रेनें शहर की गड्ढे भरी सड़कों और यातायात जाम से आगे निकल जाती है और हजारों कार मालिक भी अक्सर अपना निजी वाहन घर पर छोड़ देते हैं और ट्रेन से निकल पड़ते हैं और समय से काम पर पहुंचते हैं। यह दुनिया का व्यस्ततम रेल नेटवर्क और एशिया का सबसे पुराना रेलनेटवर्क है। चाहे उसके मार्ग में कोई तकनीकी गड़बड़ी हो या रेलमार्ग पर जलजमाव, यदि मुम्बई लोकल (ट्रेनें) रूकती हैं, महानगर भी थम जाता है। ’’ लेखकों ने कहा कि 11 जुलाई, 2006 को आतंकवादी पूरी तैयारी के साथ आए थे। शहर की जीवन रेखा कुछ घंटे के लिए ही सही लेकिन थम गयी थी।

(पीटीआई)

Add to
Shares
0
Comments
Share This
Add to
Shares
0
Comments
Share
Report an issue
Authors

Related Tags

Latest Stories

हमारे दैनिक समाचार पत्र के लिए साइन अप करें