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बुजुर्गों के लिए खास तौर पर चलने वाली टैक्सी बना रही हैं उनकी जिंदगी आसान

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21st Jun 2018
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वरिष्ठ नागरिकों के लिए कैब से सफर करना आमतौर पर आसान होता नहीं है। ड्राइवर के व्यवहार और आपसी तालमेल कम हो पाने के कारण उनके लिए कैब से सफर करना असुविधाजनक हो जाता है। इस मुश्किल को आसान कररने के लिए कोच्चि में एक एनजीओ 'मैजिक्स' ने बुजुर्गों के लिए खासतौर पर कैब सर्विस शुरू की है।

सीनियर टैक्सी (फोटो साभार- इंडिया टाइम्स)

सीनियर टैक्सी (फोटो साभार- इंडिया टाइम्स)


 इन टैक्सियों का नाम 'सीनियर टैक्सी' रखा गया है। इसे चलाने वाले ड्राइवरों को खास तौर पर प्रशिक्षण दिया जाता है ताकि वरिष्ठ नागरिकों को सफर करने में किसी प्रकार की दिक्कत न हो।

बुजुर्गों के लिए शहर में एक जगह से दूसरी जगह जाना काफी मुश्किल होता है। खासतौर पर उनके लिए जो अपने बच्चों के साथ नहीं रहते। मेडिकल चेकअप से लेकर शहर के किसी दूसरे कोने में रहने वाले रिश्तेदार के यहां जाने के लिए उन्हें कैब या टैक्सी पर निर्भर रहना पड़ता है। लेकिन वरिष्ठ नागरिकों के लिए कैब से सफर करना आमतौर पर आसान होता नहीं है। ड्राइवर के व्यवहार और आपसी तालमेल कम हो पाने के कारण उनके लिए कैब से सफर करना असुविधाजनक हो जाता है। इस मुश्किल को आसान कररने के लिए कोच्चि में एक एनजीओ 'मैजिक्स' ने बुजुर्गों के लिए खासतौर पर कैब सर्विस शुरू की है।

कोच्चि में वरिष्ठ नागरिकों के लिए कहीं भी जाना आसान हो गया है। एनजीओ 'मैजिक्स' ने पायलट प्रॉजेक्ट के तौर पर यह कैब सर्विस शुरू की थी। मैजिक्स के सेक्रेटरी बोनिफेस जैस्पर ने इंडियाटाइम्स से बात करते हुए बताया, 'यह हमारे मानसिक स्वास्थ्य की दिशा में सुधार से जुड़ी हुई पहल थी। दरअसल एक जगह से दूसरी जगह जाने पर इंसान को मानसिक रूप से शांति मिलती है। उसके मानसिक स्वास्थ्य में भी सुधार होता है।' इन टैक्सियों का नाम 'सीनियर टैक्सी' रखा गया है। इसे चलाने वाले ड्राइवरों को खास तौर पर प्रशिक्षण दिया जाता है ताकि वरिष्ठ नागरिकों को सफर करने में किसी प्रकार की दिक्कत न हो।

जैस्पर कहते हैं, 'यह सर्विस ऐसी है जैसे कोई रिश्तेदार या दोस्त आपको घुमाने ले जा रहा है। जैसे परिवार के लोग बड़े लोगों का ख्याल रखते हैं ठीक वैसे ही हमारे ड्राइवर हैं जो कि यात्रियों के साथ आत्मीयता से पेश आते हैं।' सभी ड्राइवरों और गाड़ियों को वॉलंट्री तौर पर चुना गया है, जिसमें कार और बस दोनों शामिल हैं। जैस्पर ने बताया, 'इन ड्राइवरों को कई फील्ड के विशेषज्ञों द्वारा ट्रेनिंग दी गई है। इसमें मनोविज्ञान के पाठ से लेकर बेसिक लाइफ सपोर्ट और फर्स्ट ऐड की भी ट्रेनिंग शामिल है। इससे ड्राइवरों का आत्मविश्वास भी बढ़ गया और इमर्जेंसी की हालत में यात्रियों को सहायता भी मिल जाएगी।'

अभी कोच्चि में ऐसी लगभग 150 सीनियर सिटिजन टैक्सी चल रही हैं लेकिन रिस्पॉन्स अच्छा मिलने पर इनकी संख्या में इजाफा भी होगा। कैब सर्विस के साथ ही अब वरिष्ठ नागरिकों के लिए ऑनलाइन सर्विस मुहैया कराई जाएगी। एक ऐसी ही पहल के द्वारा वरिष्ठ नागरिकों को स्मार्ट फोन, कंप्यूटर, नेट बैंकिंग जैसी चीजें सिखाई जा रही हैं। इससे उन्हें आमजीवन में किसी भी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।

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