संस्करणों

ऊर्जा का पावर हाउस है अक्षय ऊर्जा

- अक्षय ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए पांच दोस्तों ने बनाई कंपनी।- 'इंवेक्टिस सौर ऊर्जा' नाम से एक सोशल इंटरप्राइज की नीव रखी। कोलकाता से की शुरुआत। - दिल्ली व बैंगलोर सहित अन्य राज्यों में भी विस्तार की हैं योजनाएं।

29th Jun 2015
Add to
Shares
0
Comments
Share This
Add to
Shares
0
Comments
Share

जब एक ही सोच और विचार रखने वाले दोस्त मिलते हैं तो कई बार यह मुलाकात सिर्फ मुलाकात नहीं रहती बल्कि एक नए विचार में बदल जाती है। और यह नया विचार कई बार भविष्य के लिए नए लक्ष्यों की नीव भी रख देता है। ठीक इसी प्रकार एक साल पहले कोलकाता में पांच दोस्त मिले और सबने मिलकर कुछ नया करने का मन बनाया। वैसे तो पांचों कॉलेज की पढ़ाई पूरी करने के बाद अच्छी नौकरियों पर थे। लेकिन कुछ नया और अलग करने की चाह उन्हें फिर एक साथ ले आई। सभी की सोच व लक्ष्य मिलता जुलता था वे सभी कोई ऐसा काम करना चाहते थे जो अलग भी हो और देश हित में भी हो। कुछ समय तक मुलाकातों और विचार-विमर्श का दौर चलता रहा और सभी इस निर्णय पर पहुंचे कि उन्हें अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में कुछ काम करना चाहिए। यह एक ऐसा विषय था जिस पर बहुत ज्यादा काम हुआ भी नहीं था इसलिए इस क्षेत्र में कुछ करने की संभावनाएं भी बहुत ज्यादा थीं। साथ ही सभी दोस्तों ने यह भी महसूस किया कि अपने इस कार्य से पर्यावरण की दिशा में भी कुछ सहयोग कर सकते हैं।

काफी सोचने विचारने के बाद सभी ने अपनी नौकरी छोड़ दी और 'इंवेक्टिस सौर ऊर्जा' नाम से एक सोशल इंटरप्राइज की शुरुआत की। यह कंपनी कोलकाता में अक्षय ऊर्जा प्रदान करती है।

image


पश्चिम बंगाल भारत का एक ऐसा राज्य है जहां सौर ऊर्जा का बहुत ज्यादा प्रचार नहीं है। ऐसे में इस राज्य में काम करना शुरुआत में थोड़ा मुश्किल था। हालाकि राज्य सरकार ने हाल ही में कुछ ऐसी नीतियां बनाई हैं जिससे छत पर रखे सोलर पैनल को बढ़ावा मिल सके।

पांच लोगों की टीम अब 22 लोगों की टीम में बदल चुकी है। जिसमें दो लोग ऐसे हैं जिनके पास इसी क्षेत्र में काम करने का चालीस वर्षों से अधिक समय का अनुभव है। टीम के कुछ लोग अक्षय ऊर्जा के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए कंसल्टेंसी देते हैं। जिसमें यह लोग अक्षय ऊर्जा के बारे में लोगों को विस्तार से बताते हैं। इससे होने वाले फायदों की जानकारी देते हैं।

image


टीम अब एसएमई और बड़े कॉरपोरेट इंस्टीट्यूशन के लिए भी काम कर रही है। हाल ही में इन लोगों को अक्षय ऊर्जा पैनल लगाने के लिए सरकार की ओर से जोर दिया जा रहा है। कोलकाता में उद्योग और कॉमर्शियल कंज्यूमर अपनी ऊर्जा संबंधी जरूरतों के लिए डीज़ल पर निर्भर रहते हैं। डीज़ल की कीमत लगातार बढ़ रही है साथ ही यह पर्यावरण के लिए भी नुक्सान दायक है। ऐसे में सोलर पैनल एक अच्छा विकल्प है। इसके दूरगामी प्रभाव भी अच्छे रहेंगे। हालाकि सरकार आजकल अक्षय ऊर्जा संयंत्र लगाने के लिए बहुत जोर दे रही है साथ ही लोगों को अवेयर भी किया जा रहा है कि यह योजना उनके लिए कितनी लाभकारी है। लेकिन यह भी सच है कि अभी भी कुछ लोग इसे अपनाने से हिचकिचा रहे हैं। जिसका मुख्य कारण यह है कि सौर पैनल लगाना शुरुआत में महंगा पड़ता है। लेकिन भविष्य को ध्यान में रखकर सोचा जाए तो यह सस्ता सौदा है।

image


'इंविक्टस' कोलकाता और उसके आसपास के इलाकों में सोशल मीडिया के द्वारा और पैंपलेट के माध्यम से सोलर एनर्जी के बारे में जागरूक कर रही है। वे लोगों तक यह संदेश पहुंचा रहे हैं कि इससे आपका बिजली का बिल कम तो होगा ही साथ ही यह पर्यावरण की भी रक्षा करेगा। धीरे-धीरे माहौल बदल रहा है और इंविक्टर्स अब विभिन्न संस्थाओं, अस्पतालों, आईटी कंपनियों, बड़े रेजिडेंशियल अपार्टमेंट के साथ टाईअप करने के लिए आगे आ रहा है।

image


इंविक्टर्स एक ऐसी योजना भी चलाता है जिसमें यदि सोलर पैनल से कंज्यूमर की जरूरत से अधिक एनर्जी उत्पन्न होती है तो जो अतिरिक्त ऊर्जा पैदा होगी वह इंविक्टर्स के पास वापस आ जाएगी। जिसका कि कंपनी उस व्यक्ति को उनकी छत इस्तेमाल करने का किराया देगी।

भाविष्य में यह लोग अपनी कंपनी को तेजी से आगे बढ़ाना चाहते हैं। जिसके लिए इन्हें पैसे की जरूरत है। कंपनी इस समय अपने लिए इंवेस्टर्स तलाश रही है। अब यह लोग कोलकाता के अलावा बैंगलोर और दिल्ली की ओर भी अपना रुख करना चाहते हैं। इस विस्तार के लिए इन्हें पैसे की सख्त जरूरत है।

अक्षय ऊर्जा एक ऐसी ऊर्जा है जोकि प्रदूषण रहित है साथ ही यह एक ऐसा प्राकृतिक संसाधन है जो हमेशा चलता रहेगा। साथ ही यह सस्ता सौदा भी है। इसलिए केवल सरकार ही नहीं हमें भी इसके प्रचार-प्रसार को बढ़ाना होगा।

Add to
Shares
0
Comments
Share This
Add to
Shares
0
Comments
Share
Report an issue
Authors

Related Tags

    Latest Stories

    हमारे दैनिक समाचार पत्र के लिए साइन अप करें