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यादों को सहेजकर रखने का शानदार तरीका इजाद किया IIT के छात्रों ने...

13th Mar 2015
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आईआईटी गुवाहाटी के कुछ मेधावी छात्रों ने बनाई अनोखी ईयर-बुक...

यादों को एक किताब की शक्ल में मूर्त रूप देने वाली है ये ऑनलाइन सेवा...

प्रोजेक्ट में तथागत लोखण्डे और शिखर सक्सेना की रही सबसे महत्वपूर्ण भूमिका...

ईयरबुक के बाद अगला लक्ष्य है ‘‘टीमबुक’’ इन छात्रों का...


स्कूल से काॅलेज जाने की ललक और काॅलेज पासआऊट करते समय वहां बिताए यादगार लम्हे किसी के लिये भी उसकी जिंदगी के सबसे खूबसूरत पल होते हैं। आप और हम सबमें से प्रत्येक व्यक्ति काॅलेज की जिंदगी के दौरान बिताया गया खूबसूरत वक्त और उस समय की यादें समेटने के लिये बेकरार रहते हैं और पढ़ाई के अंतिम समय में आकर इस उहापोह में रहते हैं कि कैसे इस वक्त को हमेशा के लिये कैद कर लिया जाए।

आज का युवा सोशल मीडिया और अत्याधुनिक गैजेट्स से लैस है और इन सुहानी यादों को संजोने के लिये उसे एक मंच की आवश्यकता है जो आईआईटी गुवाहाटी के कुछ मेधावी छात्रों ने प्रदान किया है। इसी वर्ष वैलेंटाइन डे के दिन इन यादों को संजोकर एक आॅनलाइन ‘‘ईयरबुक’’ तैयार करने और उसे छपवाकर सदा के लिये सहेजने के लिये आईआईटी गुवाहाटी के इन मेधावियों ने zaffingo.com के नाम से एक वेबसाइट की शुरुआत की है जिसपर जाकर कोई भी काॅलेज के अपने दिनों की यादों को एक किताब की शक्ल में मूर्त रूप दे सकता है।

इस वेबसाइट के बारे में बताते हुए इसके सह-संस्थापक और सीईओ शिखर सक्सेना कहते हैं कि यह ईयरबुक सिर्फ कुछ पन्नों की एक किताब नहीं है बल्कि यह खूबसूरत यादों का एक ऐसा गुलदस्ता है जो ताउम्र आपके जीवन को महकाता रहेगा।

इंटरनेट पर आने के बहुत ही कम समय के अंदर यह वेबसाइट पूरे देश के युवाओं में खासी लोकप्रियता हासिल करती जा रही है। इस वेबसाइट पर आप अपने मित्रों को आमंत्रित कर उन्हें उन्हें अपनी यादों को शब्दों में पिरोने यानी की उन खूबसूरत लम्हों के बारे में लिखने की आजादी देते हैं जो आप लोगों ने काॅलेज में साथ गुजारे हैं। इसके अलावा आप और आपके साथी इस वेबसाइट पर फोओ अपलोड करके उनकी एडीटिंग भी बहुत आसानी से आॅनलाईन ही कर सकते हैं। इस तरीके से ईयरबुक तैयार करके यादों को संजोने का काम करना न केवल आसान है बल्कि मनोरंजक भी हो जाता है।

zaffingo.com की परिकल्पना को साकार करने में आईआईटी गुवाहाटी से स्नातक कर रहे दो छात्रों तथागत लोखण्डे और शिखर सक्सेना का बड़ा योगदान रहा है। इस वेबसाइट के सहसंस्थापक और सीईओ शिखर का कहना है कि यह ईयरबुक सिर्फ एक किताब नहीं है बल्कि खूबसूरत यादों की एक माला है। काॅलेज या पढ़ाई के समय बिताया गया समय किसी की भी जिंदगी में लौटकर नहीं आता और इन यादों को सहेजने के लिये zaffingo.com सबसे सशक्त माध्यम है।

इसके अलावा शिखर मानते हैं कि हमारे देश में अभी भी इस तरह ईयरबुक तैयार करने की परंपरा नहीं है लेकिन जैसे-जैसे युवाओं को उनकी इस वेबसाइट के बारे में पता चल रहा है उन लोगों की रुचि इस ओर बढ़ती जा रही है। साा ही उनका यह भी कहना है कि अबतक ईयरबुक बनाने के मामले में हमलोग बाकी दुनिया से बहुत पीछे थे और किताबों में कलम से भरकर और फोटो चिपकाकर अपनी यादों को संजोने का काम करते रहे हैं। शिखर बताते हैं कि प्रारंभ में उनकी टीम को इस काम को साकार करने में खासी माथापच्ची करनी पड़ी क्योंकि उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती था डाटा इकट्ठा करना और उसके बाद इस डाटा को ईयरबुक का मूर्त रूप् देना। लेकिन इन लोगों ने इस काम को एक चुनौती की तरह लिया और ईयरबुक तैयार करने के काम को रोचक और मनोरंजक बना दिया।

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इस वेबसाइट को तैयार करने में आया सारा खर्चा इस लोगों की टीम ने खुद वहन किया और काॅलेज या किसी और से किसी भी प्रकार की आर्थिक सहायता नहीं ली। भविष्य की याजनाओं में ये लोग सिर्फ छात्रों के दायरे से खुद को बाहर निकालकर बड़े स्तर तक ले जाने की तैयारी में हैं। ईयरबुक के बाद इनका अगला पड़ाव है ‘‘टीमबुक’’ के सपने को साकार करना जिसमें क्लबों में होने वाले आयोजनों और बड़ी कंपनियों इत्यादि के यादगार पलों को एक डिजिटल एल्बम का सवरूप् दिया जा सके और वो भी घर बैठे आॅनलाइन।

इस पूरी प्रक्रिया में सबसे रोचक यह है ईयरबुक को तैयार करने का सारा काम आप घर बैठे इंटरनेट के माध्यम से कर सकते हैं। zaffingo.com पर जाने और ईयरबुक तैयार करने के बाद आपके पास विकलप होता है कि आप चाहें तो इसको प्रिंट करवा सकते हैं या इसकी कंप्यूटर पर रखने के लिये साॅफ्ट काॅपी ले सकते हैं।

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