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SMS के ज़रिए स्वास्थ्य से जुड़ी कई तरह की जानकारियां देता 'mDhil'

गोल्डमैन सैच बैंक के साथ एक निवेश बैंकर के रूप में कार्यरत रहे नंदू माधव ने वर्ष 2009 में किया शुरूएसएमएस आधारित सेवाओं के जरिये लोगों को स्वास्थ्य संबंधित जानकारी करवाते हैं मुहैयाभारत के अलावा पाकिस्तान, सउदी, फिलीपींस और इंडोनेशिया जैसे देशों के लोग इनसे करते हैं संपर्क

12th Jul 2015
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नंदू माधव गोल्डमैन सैच बैंक के साथ एक निवेश बैंकर के रूप में कार्यरत थे और वे अपने काम में संतुष्टि और आनंद नहीं ले पा रहे थे। लेकिन इनके बावजूद गोल्ड सैच के साथ काम करने के दौरान मिल रहे अनुभवों के अपने फायदे थे। अपने इस कार्यकाल के दौरान उन्हें सिलिकाॅल वैली के उद्यमियों के साथ काम करने का मौका मिला और इसी दौरान उन्हें यह अहसास हुआ कि उन्हें भी उद्यमिता के क्षेत्र में अपनी किस्मत आजमानी चाहिये। लेकिन एक स्टार्टअप स्थापित करने का विचार कहां से आया? लैटिन अमेरिका में अपने प्रवास के दौरान उन्होंने 2 वर्षों तक ‘पीस काॅप्र्स’ के साथ एक स्वयंसेवक के रूप में काम किया और उस दौरान उन्होंने स्वास्थ्य से संबंधित बेहद महत्वपूर्ण जानकारी के अभाव को महसूस किया। जिन लोगों को इस जानकारी की सबसे अधिक आवश्यकता है उनकी इस जानकारी तक पहुंच ही नहीं है और एड्स, गर्भावस्था इत्यादि जैसे विषयों को तो निषिद्ध मानकर लोग इनके बारे में बात करने से भी कतराते हैं।

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mDhil के संस्थापक नंदू माधव कहते हैं, ‘‘एक स्वयंसेवक के रूप में मुझे लगता था कि मेरा काम अपने आप में परिपूर्ण है। जब आप किसी करोड़पति के लिये और अधिक पैसा कमाने की रणनीति विकसित करते हैं तो उसका कोई अधिक मोल नहीं होता है क्योंकि अगर आप ऐसा नहीं करेंगे तो भी कोई और वानर उस काम को वैसे भी करने के लिये तैयार ही बैठा है। इसके उलट उन लोगों को वत्रस्वास्थ्य संबंधी जानकारी मुहैया करवाना जो सिर्फ डाॅक्टरों की कमी की वजह से इससे महरूम हैं अधिक प्रेरणादायी और फायदेमंद है।’’ हार्वर्ड से एमबीए करने के बाद नंदू आॅफिस टाइगर में शामिल हो गए। आॅफिस टाइगर के अधिग्रहण के बाद नंदू को पता कि अब समय आ गया है जब उन्हें अपना कुछ काम शुरू करना चाहिये।

अपना पूरा जीवन अमरीका में बिताने के बाद नंदू वर्ष 2008 में भारत लौटे और वर्ष 2009 में उन्होंने mDhil की स्थापना की। आमतौर पर स्वास्थ्य को एक मुसीबत के तौर पर देखा जाता है और वह प्राथमिकताओं की अंतिम पायदान पर स्थान रखती है। हालांकि नंदू स्वास्थ्य को एक ऐसे सार्वभौमिक मुद्दे के रूप में देखते हैं जो उनके हिसाब से भारतीय समाज के प्रत्येक वर्ग में फैली हुई है। नंदू कहते हैं, ‘‘स्वास्थ्य के साथ अधिकतर लोग भारत में फैली स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की गंभीरता को महसूस करने में विफल रहते हैं। यह सिर्फ एक बी.ओ.पी. समस्या नहीं है। मधुमेह और धूम्रपान से होने वाली बीमारियों के अलावा कई अन्य स्वास्थ्य संबधी मुद्दे उच्च आय वर्ग के साथ-साथ समाज के लगभग हर वर्ग में बहुतायत में हैं। स्वास्थ्य के क्षेत्र में आपको प्रत्येक आयुवर्ग के लोगों के साथ हर समय जागरुक रहना होता है।’’

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प्रारंभिक दौर में mDhil अपनी एसएमएस आधारित सेवाए शहरों में उच्च और मध्यम तबके के 17 से 25 वर्ष के आयुवर्ग के लोगों को ध्यान में रखकर शुरू की गईं क्योंकि इस आयुवर्ग के लोग मोबाइल और वेब तकनीक को सबसे जल्दी अपनाने वाले होते हैं। साथ ही ये सेवाएं सभी मोबाइल नेटवर्कों पर भी उपलब्ध थीं। इस आयवर्ग में यौन स्वास्थ्य एक बहुत बड़ा विषय है और ऐसा ही कुछ महिलाओं के स्वास्थ्य को लेकर भी है। ये कुछ ऐसे निषिद्ध विषय हैं जिनके बारे में अक्सर खुलेआम चर्चाएं देखने को नहीं मिलती हैं। इन्ही सब वजहों को ध्यान में रखते हुए इन्होंने इस आयु वर्ग पर सबसे अधिक ध्यान दिया।

हालांकि इनकी ये कंपनी अब भी एसएमएस आधारित सेेवाएं बहुतायत में उपलब्ध करवा रही है बीते दो वर्षों के दौरान इन्होंने खुद को मोबाइल और डेस्कटाॅप एप्लीकेशंस तैयार करने के अलावा वीडियो सामग्री के क्षेत्र में भी विस्तारित किया है। हालांकि इनसे संपर्क करने वालों में 60 प्रतिशत लोग मोबाइल फोन के द्वारा संपर्क करते हैं लेकिन बाकी 40 प्रतिशत कंप्यूटर का प्रयोग करने वाले हैं। इनके उपभोक्ताओं में 85 प्रतिशत भारत से होने के अलावा 10 प्रतिशत के लगभग पाकिस्तान, सउदी, फिलीपींस और इंडोनेशिया जैसे देशों से आते हैं।

एसएमएस सेवाओं को मुख्यतः भाषा संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ता है और इस चुनौती से पार पाने के लिये इन्होंने अपनी एसएमएस सेवा को अंग्रेजी और हिंदी दोनों ही भाषाओं में रखा है। वीडियो और वेब के माध्यम से और अधिक संपन्न सामग्री अपने उपभोक्ताओं तक पहुंचाना चाहते हैं जो आने वाले समय में भाषा को लेकर आने वाली समस्याओं से इन्हें दूर रखने में काफी मदगार रहेगा।

नंदू कहते हैं, ‘‘मेरा ध्यान राजस्व पर कम और उपयोगकर्ताओं के अनुभव पर अधिक टिका है। मैं अभी बहुत धीमी गति से अपने कदम आगे बढ़ा रहा हूँ क्योंकि मुझे लगता है कि अभी भारत में ई-काॅमर्स इतना अधिक प्रयोग और प्रचार नहीं है। यहां लोग ऐसे नहीं है कि वे नींद से उठकर कहेंगे कि बाजार में यह सेवा भी उपलब है तो चलो इसका भी उपयोग कर लेेते हैं। इसके उलट लोग हमसे कुछ ऐसी जानकारी चाहेंगे कि मेरी बेटी को मासिकस्त्राव प्रारंभ हो गए हैं। क्या मैं इस बारे में और अधिक जानकारी बिल्कुल निजी तौर पर अपनी भाषा में पा सकती हूँ क्योंकि हम इस बारे में खुलकर बात नहीं कर सकते ।’’

इस सबको पीछे छोड़ते हुए इनका अधिकतर राजस्व फार्मा कंपनियों के उत्पादों के लिये विज्ञापन सामग्री और डिजिटल आउटरीच के लिये साझेदारी के माध्यम से हासिल होता है। इसके अलावा वे एयरटेल जैसे प्रदाताओं से एसएमएस सेवा के लिये शुल्क भी वसूलते हैं। यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर जैसे सोशल मीडिया के माध्यमों से लोग इनके संपर्क में रहते हैं।

आने वाले पांच वर्षों में mDhil का लक्ष्य खुद को उस बड़े तबके के लिये एक विकल्प के रूप में स्थापित करने का है जिनकी स्वास्थ्य सेवाओं या चिकित्सकों तक आसान पहुंच नहीं है और जो अपने स्वास्थ्य के बारे में अधिक जानकारी पाने की चाह रखते हैं।

आप भी अपने फोन पर अपने स्वास्थ्य से संबंधित जानकारी चाहते हैं? mDhil पर एक नजर डालें।

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