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ऐपल ने DU की आशना को दी स्कॉलरशिप, WWDC में शामिल होना का मिला मौका

6th Jun 2018
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ऐपल के सीईओ टिम कुक ने एक वीडियो जारी करर 350 स्टूडेंट्स के बारे में बताया जिन्हें एपल द्वारा स्कॉलरशिप दी जा रही है। ये स्टूडेंट्स WWDC में शिरकत कर रहे हैं। स्टू़डेंट्स की इस लिस्ट में दिल्ली की आशना नरूला का भी नाम है जो कि दिल्ली की रहने वाली हैं।

ऐपल के सीईओ टिम कुक के साथ आशना नरूला

ऐपल के सीईओ टिम कुक के साथ आशना नरूला


आमतौर पर एपल अपने नए प्रोडक्ट, इनोवेशन और सर्विस की लॉन्चिंग वर्ल्डवाइड डेवलपर्स कॉन्फ्रेंस (WWDC) इवेंट में करती रही है। इसकी शुरुआत कीनोट प्रेजेंटेशन से होती है। 

हर साल होने वाले ऐपल के सालाना वर्ल्डवाइड डेवलपर कॉन्फ्रेंस (WWDC) की शुरुआत हो चुकी है। इस प्रोग्राम के शुरुआत के वक्त ही सीईओ टिम कुक ने एक वीडियो जारी करर 350 स्टूडेंट्स के बारे में बताया जिन्हें एपल द्वारा स्कॉलरशिप दी जा रही है। ये स्टूडेंट्स WWDC में शिरकत कर रहे हैं। स्टू़डेंट्स की इस लिस्ट में दिल्ली की आशना नरूला का भी नाम है जो कि दिल्ली की रहने वाली हैं। कुक ने अपने ट्वीट मं कहा, 'नए और ताजे विचारों से ज्यादा प्रेरणादायक कुछ नही होता।' आशना दिल्ली यूनिवर्सिटी में एमएससी कंप्यूटर साइंस की छात्रा हैं और वह प्री स्कूल के बच्चों के लिए ऐप पर काम कर रही हैं।

नरूला ने कहा कि इस ऐप लेट्स शेपिफाई (Let’s Shapify) पर काम करने से पहले उन्होंने काफी रिसर्च की। उन्होंने कहा, 'शुरू में मैंने सभी आकार को स्क्रीन पर सही आकार में लगाने की कोशिश की, लेकिन जल्द ही मुझे लगा कि इसमें रंगों को भी शामिल करना चाहिए। इसलिए मैंने आकार के साथ रंग को भी शामिल किया।' नरूला का यह ऐप बच्चों के भीतर वर्गीकरण की क्षमता विकसित करने में मदद करता है।

नरूला ने बताया, 'आकारों को मिलाने के वक्त आपको रंगों पर भी ध्यान देना होगा। इसे पूरा करने के लिए बच्चे को खास समयसीमा दी जाएगी।' वह कहती हैं कि उन्होंने अपने 5 साल के भतीजे कार्तिक से इस ऐप को बनाने की प्रेरणा ली। उन्होंने कहा, 'तमाम बच्चों की तरह कार्तिक भी एक समस्या से जूझ रहा था। वह चीजों में अंतर नहीं समझ पाता था। इसके बाद मेरे दिमाग में ख्याल आया कि बच्चों के लिए आयोजित किए जाने वाले प्रोग्रामों में उन्हें आकार और रंग के बारे में क्यों समझाया जाता है। मैंने सोचा कि सिर्फ आकार ही क्यों, नंबर और अक्षर क्यों नहीं होता।'

इसके बाद नरूला ने इस पर काम शुरू कर दिया। वह कहती हैं कि जब छोटा बच्चा भिन्न-भिन्न आकारों और रंगों में फर्क सीखना शुरू करता है तो दरअसल यह सीखने की शुरुआती प्रक्रिया होती है। आजकल बच्चे टेक्नोलॉजी के बेहद करीब आ गए हैं इसलिए उन्हें इसके जरिए सिखाना काफी आसान हो गया है। नरूला ऐसे प्रॉजेक्ट पर काम करना चाहती हैं जो बच्चों को मजेदार तरीके से सिखा सके। यह ऐप एपल के स्विफ्ट कोडिंग लैंग्वेज से डेवलप किया गया है। WWDC इवेंट हर साल कैलिफोर्निया में आयोजित होता है, जिसमें दुनियाभर के डेवलपर्स को बुलाया जाता है।

आमतौर पर एपल अपने नए प्रोडक्ट, इनोवेशन और सर्विस की लॉन्चिंग वर्ल्डवाइड डेवलपर्स कॉन्फ्रेंस (WWDC) इवेंट में करती रही है। इसकी शुरुआत कीनोट प्रेजेंटेशन से होती है। इसके अलावा Apple हर साल सितंबर में भी एक इवेंट आयोजित करता है, जिसमें iPhone समेत कई बड़े हार्डवेयर्स को लॉन्च किया जाता है। इसमें ज्यादातर सॉफ्टवेयर पर ही फोकस किया जाता है। इवेंट में iPhone के लिए iOS, Mac के लिए MacOS, Apple Watch के लिए WatchOS समेत कई सॉफ्टवेयर वर्जन को लॉन्च किया जाता है। हालांकि, WWDC में कंपनी कई नए प्रोडक्ट्स की जानकारी भी देती है।

यह भी पढ़ें: लॉ फर्म में काम करने 'चायवाली' से मिलिए, ऑस्ट्रेलिया में चाय के बिजनेस ने दिलाई पहचान

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