संस्करणों
विविध

इंजीनियर ने बनाई मशीन, सिर्फ 60 सेकेंड में तैयार करें 30 तरह के डोसे

इंजीनियर ने बनाई 60 सेकेंड में 30 तरह के डोसा बनाने की मशीन...

yourstory हिन्दी
18th Apr 2018
Add to
Shares
47
Comments
Share This
Add to
Shares
47
Comments
Share

विकास ने सोचा कि मैकडॉनल्ड और केएफसी जैसे रेस्टोरेंट में हर चीज का दाम एक होता है, चाहे आप भारत के किसी कोने में हों। लेकिन डोसा के मामले में ऐसा क्यों नहीं है? जबकि ये तो पूरी तरह से भारतीय व्यंजन है। 

ईश्वर के विकास और डोसामैटिक मशीन

ईश्वर के विकास और डोसामैटिक मशीन


 विकास ने सोचा कि अगर डोसा बनने की मशीन भी बन जाए तो कारीगरों पर निर्भरता कम की जा सकती है। यह सब सोचने के बाद 2011 में इंजीनियरिंग कॉलेज में ही विकास ने अपने दोस्त सुदीप सबत के साथ मशीन बनाने का स्टार्ट अप शुरू किया।

डोसा, साउथ इंडियन फूड कैटिगरी की लिस्ट में ऐसा व्यंजन है जिसे पूरी दुनिया में पसंद किया जाता है। कहा जाता है कि इसका अविष्कार कर्नाटक के मंदिरों वाले शहर उडुपी में हुआ था। इसकी लोकप्रियता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि 30 से भी ज्यादा तरीकों का डोसा तैयार किया जाता है। लेकिन हर तरह के डोसे को बनाने में एक चीज कॉमन है और वो है इसके बनाने की विधि। आमतौर पर डोसा हाथ से ही बनाए जाते हैं, लेकिन बेंगलुरु के एक इंजीनियर ईश्वर विकास ने डोसा बनाने की तकनीक में क्रांतिकारी बदलाव किया है। ईश्वर ने एक ऐसी मशीन तैयार की है जिसमें हाथ लगाने की जरूरत ही नहीं पड़ती और डोसा तैयार हो जाता है।

एसआरएम यूनिवर्सिटी से इंजीनियरिंग करने वाले विकास एक बार दिल्ली गए थे। वहां उन्होंने देखा कि एक डोसा 110 रुपये का मिल रहा है, जबकि दक्षिण भारतीय राज्यों में वही डोसा अधिकतम 50 रुपये में या उससे भी कम में मिल जाता है। विकास ने सोचा कि मैकडॉनल्ड और केएफसी जैसे रेस्टोरेंट में हर चीज का दाम एक होता है, चाहे आप भारत के किसी कोने में हों। लेकिन डोसा के मामले में ऐसा क्यों नहीं है? जबकि ये तो पूरी तरह से भारतीय व्यंजन है। इसके पीछे की वजह जानने की कोशिश की तो विकास को पता चला कि ऐसे फूड चेन रेस्टोरेंट में सारा काम मशीन से होता है वहीं डोसा जैसी चीजों हाथ से बनती हैं।

डोसा जैसी डिश बनाने के लिए खास कारीगरों की आवश्यकता होती है और दक्षिण भारत में ऐसे कारीगर आसानी से कम पैसों पर मिल जाते हैं वहीं उत्तर भारत में उनके लिए रेस्टोरेंट मालिक को अधिक पैसे देने पड़ते हैं। इससे डोसे की लागत कुछ बढ़ जाती है। विकास ने सोचा कि अगर डोसा बनने की मशीन भी बन जाए तो कारीगरों पर निर्भरता कम की जा सकती है। यह सब सोचने के बाद 2011 में इंजीनियरिंग कॉलेज में ही विकास ने अपने दोस्त सुदीप सबत के साथ मशीन बनाने का स्टार्ट अप शुरू किया। वे डोसा बनाने की ऐसी मशीन विकसित करना चाहते थे जिसमें हाथ लगाने की भी जरूरत न पड़े और सिर्फ एक बटन के सहारे डोसा बन जाए।

मई 2012 में जब वे अपने कॉलेज के थर्ड ईयर में थे, तभी 'मुकुंद फूड्स' कंपनी की शुरुआत की। उन्होंने अपने आइडिया को इंडियन एंजेल नेटवर्क के सामने पेश किया और उनके स्टार्ट अप को इन्क्यूबेटर के लिए सेलेक्ट भी कर लिया गया। इन्क्यूबेशन सेंटर में एक साल बिताने के बाद 2013 में उन्हें आईएएन की तरफ से फंडिंग मिली। इस इन्वेस्टमेंट के पीछे हरि बालसुब्रमण्यन और पी गोपीनाथ का हाथ था।

शुरू में उन्होंने जो मशीन बनाई थी वह 1x1 मीटर बड़ी थी। लेकिन बाद में उन्होंने इस पर काम किया और इसे छोटा बनाया। अब इसका आकार एक माइक्रोवेव अवन के जितना है। इस मशीन का नाम उन्होंने 'डोसामैटिक' रखा। यह मशीन बटन के सहारे काम करती है और इसमें कई तरह से डोसा को आकार दिया जा सकता है। डोसे की मोटाई भी बटन के सहारे घटाई या बढ़ाई जा सकती है। 1mm से 6mm मोटा डोसा तैयार किया जा सकता है। डोसा बनाने के लिए आपको सिर्फ तेल और बाकी सामग्री मशीन में भर देनी होती है। इसके बाद जैसा भी चाहे डोसा तैयार कर सकते हैं। मशीन अपने आप तेल-मसाले डालकर डोसा तैयार कर देती है। खास बात ये है कि इससे सिर्फ 60 सेकेंड में डोसा तैयार हो जाता है।

विकास बताते हैं कि कि उन्होंने बाइक के स्टैंड से लेकर सूटकेस के लॉकर, अक्वैरियम और फव्वारे की तकनीक से इसे बेहतर बनाया। डोसामैटिक मशीन 220/110V पर 3 किलोवॉट के पावर से चलती है। डोसामैटिक की आधिकारिक वेबसाइट पर मशीन की पूरी जानकारी दी गई है कि इससे किस तरह के डोसे बनाए जा सकते हैं। इससे ऑमलेट और उत्तपम भी बनाए जा सकते हैं। इसके अलावा अगर आप चाहते हैं कि मशीन को कोई दूसरा प्रयोग न करे तो पासवर्ड डालकर इसे सुरक्षित भी बनाया जा सकता है।

यह भी पढ़ें: रिटायरमेंट की तैयारी में शुरू किया स्टार्टअप, वेस्ट मटीरियल से बनता है डिज़ाइनर फ़र्नीचर

Add to
Shares
47
Comments
Share This
Add to
Shares
47
Comments
Share
Report an issue
Authors

Related Tags