संस्करणों
विविध

योग अपनाने वालों की संख्या में 30 प्रतिशत वृद्धि

21st Jun 2016
Add to
Shares
0
Comments
Share This
Add to
Shares
0
Comments
Share

 अन्तरराष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियों के बीच उद्योग मण्डल ‘एसोचैम’ के एक ताज़ा सर्वे के मुताबिक सेहतमंद रहने के लिए योग जैसी प्राचीन पद्धति को अपनाने वालों की संख्या में 30 प्रतिशत की उत्साहजनक बढ़ोतरी हुई है। लखनऊ के योग केन्द्रों में अभ्यास करने वालों की तादाद में 45 फ़ीसदी का उछाल आया है और इसमें ज्यादातर महिलाएं हैं।

एसोचैम के राष्ट्रीय महासचिव डी. एस. रावत ने आज यहाँ बताया कि सर्वे रिपोर्ट के मुताबिक कसरत की पुरातन पद्धति के फायदे लेने और आध्यात्मिक विकास के लिये बड़ी संख्या में लोग योग की तरफ आ रहे हैं। इनमें छात्र, दिनभर थकान भरा काम करने वाले विभिन्न पेशों से जुड़े लोग, कई कम्पनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और सेवानिवृत्त लोग भी शामिल हैं।

उन्होंने बताया कि एसोचैम के सोशल डेवलपमेंट फ़ाउंडेशन ने लखनऊ, अहमदाबाद, बेंगलूरू, चेन्नई, दिल्ली-एनसीआर, हैदराबाद, इन्दौर, जयपुर, कोलकाता और मुम्बई समेत 10 बड़े शहरों में ‘योग या जिम’ शीर्षक से सर्वे किया है। रावत ने बताया कि इस दौरान 100 जिम प्रशिक्षकों, फिटनेस पेशेवरों तथा जिम में पसीना बहाने वाले 1000 लोगों से बातचीत की गयी। सर्वे की रिपोर्ट में पाया गया है कि योग करने वालों की संख्या में 30 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।एसोचैम का यह सर्वे ऐसे वक्त किया गया है जब दुनिया 21 जून को अन्तरराष्ट्रीय योग दिवस मनाने की तैयारी में जुटी है।

image


ज्यादातर जिम प्रशिक्षकों ने कहा कि उनके जिम में आयी 50 प्रतिशत से ज्यादा महिलाओं ने अपेक्षाकृत अधिक फायदा देखते हुए जिम की कसरत छोड़कर योग को अपना लिया है। हालांकि अधिकतर जिम प्रशिक्षकों का मानना है कि योग के साथ-साथ जिम का साथ भी बरकरार रखना सेहत के लिये ज्यादा फ़ायदेमंद होगा।

अध्ययन के अनुसार लखनऊ के योग केन्द्रों में आने वाले लोगों की संख्या में 45 प्रतिशत तक का उछाल आया है। इनमें से ज्यादातर महिलाएं हैं। रावत ने बताया कि योग की आदत ने एक अच्छा खासा बाजार भी तैयार किया है। देश में अनुमान के तौर पर करीब चार करोड़ लोग योगाभ्यास करते हैं। इसके लिये वे लगभग एक हजार करोड़ रुपये के विशेष वस्त्र, बिछावन, तौलिये और अन्य साजोसामान का इस्तेमाल करते हैं।

(पीटीआई)

Add to
Shares
0
Comments
Share This
Add to
Shares
0
Comments
Share
Report an issue
Authors

Related Tags