संस्करणों
शख़्सियत

यूके में भांगड़ा कंपनी खोलने वाली पहली महिला पर्व कौर

28th Oct 2017
Add to
Shares
253
Comments
Share This
Add to
Shares
253
Comments
Share

पर्व कौर ईटरनल ताल की संस्थापक और प्रबंधक हैं। ईटरनल ताल को 1999 में बर्मिंघम में स्थापित किया गया था। ईटरनल ताल में पेशेवर प्रशिक्षित भांगड़ा ढोल ड्रमर्स, नर्तक और एशियाई डीजे शामिल हैं। ये ग्रुप एक महिला ड्रमर के द्वारा चलाया जाने वाला यूके में पहला समूह है। पर्व के अलावा इस समूह में 50 से अधिक छात्र पुरुष और महिला हैं और लगातार मेंबर्स की संख्या बढ़ रही है।

साभार: ईटरनल ताल

साभार: ईटरनल ताल


ढोल और नगाड़ा बजाना, एक पुरुष प्रभुत्व वाला क्षेत्र है, लेकिन पर्व ने इस घिस चुकी परिपाटी को तोड़ने का शानदार काम किया है। पर्व के मुताबिक, यूके भांगड़ा उद्योग में बहुत पुरुष है और मैं अन्य महिलाओं को दिखाना चाहती हूं कि हम भी इस कर सकते हैं, हम भी अच्छा भांगड़ा परफॉर्म कर सकते हैं। 

पर्व यू.के. में भांगड़ा संगीत के पायनियर की बेटी हैं। पर्व के पिता बलबीर सिंह ने अपने बड़े भाई दलबीर सिंह के साथ 1967 में पंजाबी लोक गीतों और नृत्य संगीत के संयोजन को यूके में पेश किया था, आज जिसे भांगड़ा के रूप में जाना जाता है। 2001 में गिनीज बुक रिकॉर्ड ने 'ब्रिटेन में भांगड़ा संगीत के पायनियर्स' के लिए उनके नाम भी दर्ज किए।

पर्व कौर ईटरनल ताल की संस्थापक और प्रबंधक हैं। ईटरनल ताल को 1999 में बर्मिंघम में स्थापित किया गया था। ईटरनल ताल में पेशेवर प्रशिक्षित भांगड़ा ढोल ड्रमर्स, नर्तक और एशियाई डीजे शामिल हैं। ये ग्रुप एक महिला ड्रमर के द्वारा चलाया जाने वाला यूके में पहला समूह है। पर्व के अलावा इस समूह में 50 से अधिक छात्र पुरुष और महिला हैं और लगातार मेंबर्स की संख्या बढ़ रही है। ढोल और नगाड़ा बजाना, एक पुरुष प्रभुत्व वाला क्षेत्र है, लेकिन पर्व ने इस घिस चुकी परिपाटी को तोड़ने का शानदार काम किया है। पर्व के मुताबिक, यूके भांगड़ा उद्योग में बहुत पुरुष है और मैं अन्य महिलाओं को दिखाना चाहती हूं कि हम भी इस कर सकते हैं, हम भी अच्छा भांगड़ा परफॉर्म कर सकते हैं। ब्रिटेन और यूरोप के चारों ओर भांगड़ा संगीत को बढ़ावा देने के दौरान हमने बहुत से खट्टे मीठे अनुभवों से साबका किया है और हम अभी भी मजबूत हैं।

सपनों का पीछा करते रहना चाहिए-

पर्व यू.के. में भांगड़ा संगीत के पायनियर की बेटी हैं। पर्व के पिता बलबीर सिंह ने अपने बड़े भाई दलबीर सिंह के साथ 1967 में पंजाबी लोक गीतों और नृत्य संगीत के संयोजन को यूके में पेश किया था, आज जिसे भांगड़ा के रूप में जाना जाता है। 2001 में गिनीज बुक रिकॉर्ड ने 'ब्रिटेन में भांगड़ा संगीत के पायनियर्स' के लिए उनके नाम भी दर्ज किए। पर्व के मुताबिक, मेरे पिता मेरे संगीत यात्रा पर बहुत बड़ा प्रभाव रखते थे और वे हमेशा मुझे अपनी घटनाओं में आने और पृष्ठभूमि में प्रदर्शन करने के लिए प्रोत्साहित करते थे। यह मेरे मंच कौशल को विकसित करने और भांगड़ा संगीत के अधिक संगीत पहलुओं को सीखने का जरिया बना।

साभार: ईटरनल ताल

साभार: ईटरनल ताल


मुझे अपने पिता के माध्यम से 14 साल की उम्र से ही भांगड़ा संगीत के बारे में शिक्षा मिलने लगी थी। इस समय के दौरान, मैंने भांगड़ा संगीत की सच्ची कला सीखना शुरू किया और कीबोर्ड, ढोल ड्रम और ढोलकी ड्रम भी बजाना सीखा। हालांकि मुझे अपने पिता के साथ मंच पर प्रदर्शन करना पसंद था, लेकिन मैं अपने खुद के ड्रमर्स समूह को स्थापित करना चाहती थी। मेरी पढ़ाई चल रही थी, फिर मैंने शादी की, बच्चे हुए। लेकिन वो कहते हैं न कि अपने सपनों को पूरा करने के लिए सीने में आग होनी चाहिए। मैंने अपना खुद का बैंड बनाने का फैसला लिया। शुरू में तो ज्यादातर महिलाएं भांगड़ा ग्रुप की सदस्य बनने के नाम पर नाक भौंहें सिकोड़ने लगती थीं, लेकिन धीरे हमारी टीम के आत्मविश्वास और बेहतरीन परफॉर्मेंस ने लोगों का दिल जीतना शुरू कर दिया। और धीरे-धीरे ढेर सारी महिलाएं हमसे जुड़ने लगीं।

सफलता का एक ही मंत्र है, ईमानदार प्रयत्न-

हमारा उद्देश्य व्यापक श्रोताओं को भांगड़ा संगीत को बढ़ावा देना और प्रदर्शन करना है, चाहे वह एक छोटा मंच या उच्च प्रोफ़ाइल स्तर का मंच हो। ईटरनल ताल सुनिश्चित करता है कि हमारे प्रदर्शन पूर्ण ऊर्जा, रंग और जीवंतता के हैं। जब लोग एक बड़े वर्ग की महिलाओं को एक समान वर्दी में देखते हैं और ढोल ड्रम पकड़े हुए देखते हैं तो वो भी काफी उत्साहित हो जाते हैं। हम हमेशा दुनिया को अपनी प्रतिभा दिखाते हुए और संगीत का प्यार फैलाने वाले गौरव के साथ मुस्कुराते रहते हैं। हम कुछ भी दिल से नहीं लेते क्योंकि हमने एक नींव बनाने के लिए इतनी मेहनत की है कि हम भांगड़ा को व्यापक दर्शकों के सामने परफॉर्म कर सकें।

साभार: ईटरनल ताल

साभार: ईटरनल ताल


यद्यपि हर प्रदर्शन में हम हमेशा बेस्ट देते हैं लेकिन सबसे अच्छी यादें यमला पगला दीवाना 2 में धमेंद्र, सनी देओल और बॉबी देओल के साथ काम करने की हैं। उस फिल्म के लिए की गई शूटिंग को मैं कभी नहीं भूल सकती। हमारी टीम फिल्म शानदार और ऐ दिल है मुश्किल में काम कर चुकी है। हमारे काम को विश्व स्तर पर मान्यता दी गई है। 2010 में हमें हाउस ऑफ कॉमन्स से 'यूके में भांगड़ा संगीत का योगदान' सम्मान प्रदान किया गया। पिछले 18 वर्षों में ईटरनल ताल ने पूरे यूरोप और मुख्य धारा वाले टीवी जैसे बीबीसी, चैनल 4, ज़ी टीवी, बी 4 यू संगीत और कई उच्च प्रोफ़ाइल प्लेटफॉर्म पर प्रदर्शन किया है।

ये भी पढ़ें: हैदराबाद की सड़कों पर दिन काट रहे बेसहारा लोगों को नई जिंदगी देने वाला आदमी

Add to
Shares
253
Comments
Share This
Add to
Shares
253
Comments
Share
Report an issue
Authors

Related Tags

Latest Stories

हमारे दैनिक समाचार पत्र के लिए साइन अप करें