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क्या वाकई ‘बोट स्टोर’ बन रहा है नया ‘ऐप स्टोर’?

Harish Bisht
31st Oct 2015
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2 हजार से ज्यादा संगठन इस्तेमाल कर रहे हैं ‘बोट स्टोर’

10 में से 6 ऐप होते हैं मैसेजिंग ऐप

सुनहरा भविष्य है मैसेजिंग प्लेटफॉर्म का


तकनीक की दुनिया में मोबाइल ने बड़ी तेजी से अपनी अलग जगह बनाई है और मोबाइल ऐप ग्राहकों को किसी भी कारोबार से जोड़ने का महत्वपूर्ण जरिया बन गया है। तभी तो कई स्टार्टअप और बड़ी कंपनियां अपने उत्पाद से जुड़ा मोबाइल ऐप लाने में देरी नहीं करती क्योंकि वो जानती हैं कि बाजार में बढ़त बनाये रखने में उनका ऐप काफी कारगर साबित हो सकता है।

कुणाल पटके

कुणाल पटके


‘टीमचैट’ एक ऐसा उद्यम है जो मैसेज और बिजनेस चैट ऐप्लिकेशन के क्षेत्र में काम करता है। जिसकी मदद से किसी भी संगठन के अंदर टीम में बेहतर संवाद स्थापित किया जा सकता है। योर स्टोरी के टेकस्पार्क-2015 में मौजूद टीमचैट के वाइस प्रेजिडेंट कुणाल पटके ने बताया कि आज के दौर में मैसेजिंग, मोबाइल का एक नया ‘यूजर इंटरफेस’ बनाता जा रहा है। उन्होंने इस पर भी जोर दिया कि भविष्य में मैसेजिंग का बेहतर इस्तेमाल किस तरह होगा।

मैसेजिंग एप्लिकेशन कर रहे हैं एप्लिकेशन स्टोर पर राज

कुणाल ने बताया कि “प्लेस्टोर में मैसेजिंग ऐप की काफी डिमांड है, फिर चाहे वो ऐनराइड हो या आईओएस ऐप। प्लेस्टोर में मिलने वाले हर 10 मोबाइल ऐप में से 6 ऐप या तो मैसेजिंग ऐप होते हैं या फिर उनमें मैसेजिंग ऐप का कुछ अंश होता है।” आज मैसेजिंग ऐप का इस्तेमाल करने वालों की संख्या काफी ज्यादा है। इसमें वो सभी लोग शामिल हैं जो ऐप का नियमित तौर पर इस्तेमाल करते हैं या फिर वो लोग जो कभी कभार ऐप से जुड़ते हैं। उनके मुताबिक दुनिया में तेजी से बदलाव देखने को मिला है। तभी तो जहां पहले छोटे कम्प्यूटर थे उनकी जगह पर्सनल कम्प्यूटर और लैपटॉप ने ली और अब स्मॉर्टफोन ने ले ली है। इस वजह से उपयोगकर्ताओं में भी परिवर्तन देखने को मिला है। इसमें वो सभी उपयोगकर्ता शामिल हैं जो भले ही तकनीक की समझ रखते हों या नहीं।

आज के दौर में कंपनियां अपने ग्राहकों पर नियंत्रण चाहती हैं तो वहीं दूसरी ओर हम आज परिवर्तन के दौर से गुजर रहे हैं तभी तो ये नियंत्रण, ऑपरेटिंग सिस्टम से सर्च इंजन और उसके बाद ऐप स्टोर के पास आ गया है। ये कई दूसरी चुनौतियों को सामने लाता है। इससे ऐप काफी ओवरलोडेड हो गए हैं। आम लोग अपने फोन में वही ऐप रखना पसंद करते हैं जो वो नियमित तौर पर इस्तेमाल करते हैं।

इस चुनौती से निपटने के लिए कई प्रसिद्ध मैसेजिंग ऐप ‘ऐप के अंदर ऐप’ योजना पर काम कर रहे हैं। इस संबंध में Kakaotalk, WeChat, और Line काफी अच्छे उदाहरण हैं। ये अपने आप को बुनियादी संदेश से बांध कर नहीं रखते बल्कि पेमेंट, ई-कॉमर्स, कैब बुकिंग इत्यादि में बखूबी इस्तेमाल किये जाते हैं।

बोट स्टोर्स, एक नया ऐप स्टोर ?

टीमचैट को विश्वास है कि भविष्य ‘बोट स्टोर्स’ का है। जहां पर उपयोगकर्ता को अपने स्मॉर्टफोन में ऐप की डाउनलोडिंग और इंस्टॉलिंग के बारे में सोचना नहीं पड़ेगा। लेकिन अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए उसे खास बोट्स पर निर्भर रहना होगा। जैसे ‘वर्ल्ड न्यूज बोट’, ‘वेदर बोट’, ‘ईएमआई कैलकुलेटर बोट’ इत्यादी। फिलहाल डेवलपर ‘बोट एसडीके’ का इस्तेमाल कर रहे हैं।

दुनिया भर में 2 हजार से ज्यादा संगठन इसका इस्तेमाल कर रहे हैं। टीमचैट को विश्वास है कि जल्द ही स्मार्ट मैसेजिंग सेवा, आमतौर पर इस्तेमाल की जाने वाली मैसेजिंग सेवा की जगह ले लेगी। क्योंकि इसमें काफी फायदे हैं। स्मार्ट मैसेजिंग सेवा अपने प्लेटफॉर्म के जरिये किसी भी संगठन में मैसेजिंग का बेहतर वातावरण बनाने में मदद करेगी। टीम चैट कंपनी, Webaroo जिसका मुख्यालय सिलिकॉन वैली में है, उसका हिस्सा है। इनके अन्य उत्पाद है गपशप। ये क्लॉउड अधारित एपीआई है। जो उद्यमों को अपने ग्राहको के साथ एसएमएस, वॉयस और डॉटा चैनल के जरिये जोड़े रखता है। इनको विश्वास है कि मैसेजिंग प्लेटफॉर्म भविष्य में भी मुख्यधारा के साथ जुड़ा रहेगा। जिसमें वेब सर्विस, एंटरप्राइज सर्विसेज और आईओटी डिवाइस का मिश्रण होगा।

वेबसाइट : Teamchat

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