संस्करणों

नो झंझट, 'कैश कुमार' देगा विदेशी मुद्रा फटाफट

“कैश कुमार” करेंसी एक्सचेंज की जरूरत करे पूरीबैंगलौर में छाया “कैश कुमार” अब मुंबई की बारीविदेशी मुद्रा के कारोबारी और ग्राहकों के लिए नायाब प्लेटफॉर्म

12th Jun 2015
Add to
Shares
0
Comments
Share This
Add to
Shares
0
Comments
Share

ये उन लोगों की कहानी है जिन्होने अकसर पेश आनी वाली अपनी परेशानियों को दूर करने के लिए कुछ ऐसा किया कि वो दूसरों के लिए मिसाल बन गया। धीरेन मखीजा, कनन कनडप्पन और योगेश जोशी अकसर विदेश यात्राएं करते थे। इस दौरान उनको सबसे ज्यादा दिक्कत आती थी भारतीय रुपये को विदेशी मुद्रा में बदलने के दौरान। क्योंकि उनको मोलभाव करने के लिए विदेशी मुद्रा का कारोबार करने वालों के कई चक्कर काटने पड़ते थे। ये पता लगाने के लिए कि कौन सही तरीके से विदेशी मुद्रा का मूल्य चुका रहा है। जब इन लोगों ने अपनी इस परेशानी को लेकर दूसरे लोगों के साथ बातचीत की तो ये एक बड़ी चुनौती नजर आई जिसका हल ढूंढना काफी मुश्किल था।

image


शुरूआत में इन तीनों ने इस पर काफी दिमाग खपाया इसके बाद खरीदार और विदेशी मुद्रा बेचने वालों को एक प्लेटफॉर्म में लाने की कोशिश की लेकिन उनको कोई खास सफलता नहीं मिली। CashKumar.com के संस्थापक धीरेन के मुताबिक “इस नाम को कनन ने दिया था क्योंकि वो चाहते थे कि ये नाम लोगों से जुड़े। ऐसे में कैश शब्द को रखना मुख्य वजह थी जबकि कुमार शब्द को सभी पहचानते हैं।” इसके अलावा उस दौरान ये लोग विदेशी मुद्रा के व्यापार की समझने की कोशिश कर रहे थे तब ये चाहते थे कि जो भी नाम हो वो कुछ हट कर हो और लोगों से जुड़े और जब ये नाम सामने आया तो सबने इसका समर्थन किया।

कनन और योगेश जोशी कॉलेज के दोस्त थे इन्होने पहले आईआईआईटीबी से साथ पढ़ाई की और उसके बाद एक एमएनसी के आईटी विभाग में नौकरी की, लेकिन ये लोग कुछ नया रोमांच से भरपूर काम करना चाहते थे। योगेश बताते हैं कि “ एक दोस्त के जरिये इन लोगों की मुलाकात धीरेन से हुई जिन्होने आईआईएम, अहमदाबाद से अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद एक कंपनी शुरू की थी लेकिन कुछ दिक्कतों की वजह से उसको बंद कर दिया था। कुछ वक्त पहले हम लोगों के साथ मेघा नायक भी जुड़ीं जो टाटा ग्रुप के साथ 6 साल काम कर चुकी थीं जिनके पास मार्केटिंग का अच्छा खासा अनुभव है।“

कैशकुमार विदेशी मुद्रा कारोबारियों के लिए एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म है जो विदेशी मुद्रा के लेनदेन में अपने ग्राहकों की ज्यादा से ज्यादा मदद करता है। तो दूसरी ओर विदेशी मुद्रा का कारोबार करने वाले कारोबारी भी ज्यादा से ज्यादा ग्राहकों तक अपनी पहुंच बनाने में कामयाब रहते हैं। कैश कुमार में ग्राहक को अपनी जरूरत और विदेशी मुद्रा की जानकारी देनी होती है। इस जानकारी को स्थानीय विदेशी मुद्रा के कारोबारियों के साथ साझा किया जाता है। ये जानकारी मिलने के बाद कारोबारी के पास 15 मिनट का वक्त होता है जिसमें उसको पूछी गई जानकारी का जवाब देना होता है। इसके बाद ग्राहक को जिसकी बोली ठीक लगती है वो उसे मंजूर कर लेता है। इस सारी प्रक्रिया के बाद ग्राहक और कारोबारी के बीच संपर्क स्थापित किया जाता है।

धीरेन मखीजा, कनन कनडप्पन, योगेश जोशी, मेघा नायक

धीरेन मखीजा, कनन कनडप्पन, योगेश जोशी, मेघा नायक


कैश कुमार के इस प्लेटफॉर्म में फिलहाल 8 से 10 बड़े विदेशी मुद्रा के कारोबारी हैं और जल्द ही ये लोग इस संख्या में और इजाफा करने वाले हैं। कैश कुमार की वेबसाइट को और सरल बनाने के लिए कई तरह के उपाय किये जा रहे हैं। ये लोग अपनी वेबसाइट में यूआई और यूएक्स तकनीक लाना चाहते हैं इसके लिए कनन खुद इसका कोर्स भी कर रहे हैं। इन लोगों को विश्वास है कि ये एक सरल और आसान प्लेटफॉर्म है। अब इन लोगों की योजना विदेशी मुद्रा के कारोबारियों के लिए एक मोबाइल ऐप लाने की भी है। चूंकि इऩ लोगों के पास एक छोटी टीम थी और बजट भी कम था लिहाजा इन लोगों ने इस काम की शुरूआत बेंगलौर से की लेकिन अब अगले कुछ महीनों के दौरान इस काम को मुंबई और पुणे में भी विस्तार करना चाहते हैं। टीम की सदस्य मेघा का कहना है कि “हमारी नजर इसके बढ़ते हुए बाजार पर बनी हुई है जहां पर अब तक विदेशी मुद्रा के काम पर किसी ने खास ध्यान नहीं दिया था। हमने अलग अलग स्तर पर कई समझौते किये हैं। साथ ही हमारी रणनीति आक्रमक ढंग से सोशल मीडिया में अपने काम के प्रचार पर भी है।”

टीम के सदस्यों का मानना है कि विदेशी मुद्रा की जरूरत विदेश यात्रा के दौरान, शिक्षा और स्वास्थ के मकसद से कई बार पड़ती है। ऐसे में रीमिटन्स और डिमांड ड्राफ्ट की भी बड़ी भूमिका रहती है इसी बात को ध्यान में रखते हुए इन लोगों ने अपना ध्यान दूसरे क्षेत्रों में भी लगाना शुरू किया है। फिलहाल ये लोग सभी विदेशी मुद्रा के कारोबारियों के साथ कमीशन का एक सा प्रतिशत रखने पर काम कर रहे हैं।

image


एक अनुमान के मुताबिक हर साल भारत में 35 बिलियन डॉलर का मुद्रा विनिमय होता है और इनमें से 60 से 65 प्रतिशत ट्रैवल कार्ड और नकद होता है। भारत में BookmyForex भी इसी कारोबार में है लेकिन उनका बिजनेस मॉडल CashKumar से बिल्कुल अलग है। CashKumar का असली मुकाबला Nafex से है।

Add to
Shares
0
Comments
Share This
Add to
Shares
0
Comments
Share
Report an issue
Authors

Related Tags