गुजरात और आंध्र प्रदेश में टोल रोड बनाने वाली कंपनी का अडानी ने 3100 करोड़ रुपये में किया अधिग्रहण

By Vishal Jaiswal
August 08, 2022, Updated on : Mon Aug 08 2022 08:10:07 GMT+0000
गुजरात और आंध्र प्रदेश में टोल रोड बनाने वाली कंपनी का अडानी ने 3100 करोड़ रुपये में किया अधिग्रहण
अडानी समूह ने बृहस्पतिवार को जारी बयान में कहा कि 972 किलोमीटर के इस पोर्टफोलियो की रियायत की अवधि काफी लंबी है. इसमें पश्चिमी एवं दक्षिणी भारत के रणनीतिक रूप से स्थित महत्वपूर्ण यातायात गलियारे शामिल हैं.
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अडानी समूह की कंपनी अडानी रोड ट्रांसपोर्ट लिमिटेड (ARTL) vs आंध्र प्रदेश और गुजरात में मैकक्वेरी एशिया इंफ्रास्ट्रक्चर फंड की टोल रोड परियोजनाओं का 3,110 करोड़ रुपये में अधिग्रहण के लिए समझौता किया है.


समूह ने बृहस्पतिवार को जारी बयान में कहा कि 972 किलोमीटर के इस पोर्टफोलियो की रियायत की अवधि काफी लंबी है. इसमें पश्चिमी एवं दक्षिणी भारत के रणनीतिक रूप से स्थित महत्वपूर्ण यातायात गलियारे शामिल हैं.


अडाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड (एईएल) की अनुषंगी अडाणी रोड ट्रांसपोर्ट (एआरटीएल) देश में सड़कों एवं राजमार्ग परियोजनाओं के विकास, निर्माण, संचालन और प्रबंधन में शामिल है.


कंपनी ने गुजरात रोड एंड इन्फ्रास्ट्रक्टर कंपनी लिमिटेड (GRICL) और स्वर्ण टोलवे प्राइवेट लिमिटेड (STPL) के साथ एक पक्का समझौता किया है. इन दोनों कंपनियों में मैकक्वेरी एशिया इन्फ्रास्ट्रक्चर की क्रमश: 56.8 प्रतिशत और शत प्रतिशत हिस्सेदारी है.


समूह ने कहा, ‘‘ARTL.....GRICL की 56.8 प्रतिशत और STPL की 100 फीसदी हिस्सेदारी का अधिग्रहण करेगी. इस समझौते के सितंबर में पूरा होने की उम्मीद है और इसे अभी नियामकों की मंजूरी दी जानी बाकी है.’’


स्वर्ण टोलवे के पास आंध्र प्रदेश में टोल रोड्स के दो हिस्से हैं. पहला हिस्सा NH-16 पर टाडा से नेल्लोर तक का है जो कि आंध्र प्रदेश में चेन्नई और कृष्णापट्टनम को जोड़ता है जबकि दूसरा नंदीगामा से इब्राहिमपट्टनम से विजयवाड़ा जैसे महत्वपूर्ण बंदरगाहों को जोड़ता है.


वहीं, GRICL गुजरात में दो टोल सड़कों का संचालन करता है, जहां अडानी अपने प्रमुख मुंद्रा पोर्ट का मालिक है, जो कि एसएच-41 पर अहमदाबाद से मेहसाणा को जोड़ता है. वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (WDFC) भी मेहसाणा से होकर गुजरेगा. वडोदरा से दूसरी सड़क दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर का हिस्सा है.


अडानी समूह फिलहाल भारत के 10 राज्यों में 8 हाइब्रिड एनुइटी मोड (एचएएम) प्रोजेक्ट्स, 5 बिल्ड-ऑपरेट-ट्रांसफर (बीओटी) प्रोजेक्ट्स और 1 टोल-ऑपरेट-ट्रांसफर (टीओटी) रोड प्रोजेक्ट्स का संचालन करता है. इस तरह अडाणी समूह के पास 41,000 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाएं हैं.


बता दें कि, रिलायंस इंडस्ट्रीज Reliance industries के मालिक मुकेश अंबानी को पीछे छोड़कर एशिया के सबसे अमीर शख्स बन चुके अडानी समूह के मालिक गौतम अडानी इस समय दुनिया के पांचवें सबसे अमीर शख्स हैं.


ब्लूमबर्ग बिलेनियर्स इंडेक्स के अनुसार, गौतम अडानी कुल कुल संपत्ति 116 अरब डॉलर (92 खरब रुपये) है. यही नहीं, अडानी इस साल दुनिया में सबसे अधिक संपत्ति इकट्ठा करने वाले कारोबारी बन गए हैं.


इंफ्रास्ट्रक्चर टाइकून माने जाने वाले अडानी पॉवर, ग्रीन इनर्जी, गैस, पोर्ट्स और अन्य बिजनेस अपने नाम पर चलाते हैं. अडानी दुनिया में ग्रीन इनर्जी के सबसे बड़े प्रोड्यूसर बनना चाहते हैं और उन्होंने कहा है कि वे रिन्यूबल इनर्जी प्रोडक्ट्स में 70 अरब डॉलर निवेश करना चाहते हैं.


हाल ही में, अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन (एपीएसईजेड) और गैडोट समूह के एक संघ ने इजराइल के ‘पोर्ट ऑफ हाइफा’ के संचालन की बोली को जीत लिया है.