संस्करणों
विविध

पुलिस इंस्पेक्टर ने इस तरह छूटने से बचाई 12वीं के बच्चों की बोर्ड परीक्षा

रास्ते में खराब हुई एग्जाम देने जा रहे बच्चों की बस, पुलिस इंस्पेक्टर ने अपनी गाड़ी से पहुंचाया स्कूल...

yourstory हिन्दी
2nd Mar 2018
Add to
Shares
10
Comments
Share This
Add to
Shares
10
Comments
Share

 हैदराबाद में 12वीं का एग्जाम देने जा रहे कुछ स्टूडेंट्स उस वक्त मुश्किल में आ गए जब उनकी बस रास्ते में ही खराब हो गई और उन्हें ले जाने के लिए कोई दूसरा साधन भी नहीं मिल रहा था। उसी वक्त पुलिस इंस्पेक्टर ए श्रीनिवासुलु इन बच्चों की जिंदगी में मसीहा बनकर आए और सभी को टाइम से एग्जाम सेंटर पर पहुंचाया। 

image


बच्चों का एग्जाम वेस्ट मैरेडपैली इलाके के गवर्नमेंट जूनियर कॉलेज में था। बच्चों को स्कूल छोड़ने के बाद सोशल मीडिया पर इंस्पेक्टर श्रीनिवास की तस्वीरें वायरल होने लगीं। पुलिस डिपार्टमेंट ने श्रीनिवास को शाबासी दी और बच्चों ने दुआएं।

स्कूल के बोर्ड एग्जाम्स स्टूडेंट्स के लिए कितने महत्वपूर्ण होते हैं ये सबको पता है। बोर्ड एग्जाम देने वाले बच्चों में एग्जाम के लिए एक अलग सी बेताबी होती है। अक्सर बच्चे काफी पहले ही एग्जाम सेंटर पर पहुंच जाते हैं। हैदराबाद में 12वीं का एग्जाम देने जा रहे कुछ स्टूडेंट्स उस वक्त मुश्किल में आ गए जब उनकी बस रास्ते में ही खराब हो गई और उन्हें ले जाने के लिए कोई दूसरा साधन भी नहीं मिल रहा था। उसी वक्त पुलिस इंस्पेक्टर ए श्रीनिवासुलु इन बच्चों की जिंदगी में मसीहा बनकर आए और सभी को टाइम से एग्जाम सेंटर पर पहुंचाया। श्रीनिवासुलु को पुलिस डिपार्टमेंट के अधिकारियों ने पुरस्कृत किया और सोशल मीडिया पर भी उनकी तारीफ हो रही हैं।

मैरेडेपली पुलिस थाने में तैनात इंस्पेक्टर श्रीनिवासुलु पुलिस चौकी के पास ड्यूटी कर रहे थे तभी उन्होंने देखा कि कुछ स्टूडेंट वहां पर किसी साधन की तलाश में परेशान हो रहे हैं। श्रीनिवास उनके पास गए और उनकी परेशानी का कारण पूछा। बच्चों ने बताया कि वे सभी बोर्ड एग्जाम देने के लिए जा रहे थे कि रास्ते में उनकी बस धोखा दे गई। उन्हें मजबूरन बस से उतरना पड़ा। श्रीनिवास ने तुरंत बच्चों की मदद करनी शुरू कर दी। उन्होंने वहां आस-पास के सभी ऑटोवालों को रोका और बच्चों को उस पर बैठाकर स्कूल भेजा।

ए श्रीनिवासुलू (बाएं) को पुरस्कृत करते पुलिस अधिकारी

ए श्रीनिवासुलू (बाएं) को पुरस्कृत करते पुलिस अधिकारी


लेकिन बच्चे ज्यादा थे और सब को ले जाने के लिए ऑटो नहीं मिल रहा था। इस स्थिति में श्रीनिवास ने अपनी पुलिस पेट्रोलिंग कार पर बैठाकर बच्चों को स्कूल तक छोड़ा। ये सभी बच्चे महेंद्र हिल्स जूनियर कॉलेज के थे। श्रीनिवास ने बताया, 'मैं मैरेपडपैली चेकपोस्ट के पास खड़ा था तो देखा कि लगभग 40 स्टूडेंट परेशान हो रहे हैं और ऑटो की तलाश कर रहे हैं। मैंने उनसे पूछा तो उन्होंने अपनी समस्या बताई। वहां पर स्कूल के वॉर्डेन भी थे। मैंने उन्हें ऑटो दिलाने में मदद की। लेकिन कुछ बच्चों को लिए ऑटो नहीं मिल रहा था तो मैंने उन्हें पुलिस की गाड़ी से स्कूल छोड़ा।'

टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक जो लड़कियां स्कूल पहुंचने में रह गई थीं वे सभी रोने लगीं क्योंकि परीक्षा शुरू होने में सिर्फ 10 मिनट बचे थे। इस हालत में श्रीनिवास ने अपनी गाड़ी में सभी बच्चियों को बैठाया और ड्राइवर से कहा कि वो सायरन भी बजा दे ताकि रास्ता खाली हो जाए और बच्चियां टाइम पर एग्जाम के लिए पहुंच सकें। बच्चों का एग्जाम वेस्ट मैरेडपैली इलाके के गवर्नमेंट जूनियर कॉलेज में था। बच्चों को स्कूल छोड़ने के बाद सोशल मीडिया पर इंस्पेक्टर श्रीनिवास की तस्वीरें वायरल होने लगीं। पुलिस डिपार्टमेंट ने श्रीनिवास को शाबासी दी और बच्चों ने दुआएं।

यह भी पढ़ें: किसान के 17 वर्षीय बेटे ने केले के तने और पेपर से पैदा की बिजली

Add to
Shares
10
Comments
Share This
Add to
Shares
10
Comments
Share
Report an issue
Authors

Related Tags