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‘इस पीढ़ी को उथल पुथल कर देने का जरिया है इंटरनेट. यही इंटरनेट अब एक अरब लोगों तक तकनीक पहुंचाएगा.'

तकनीक एक अरब के लिए और इससे बेहतर टिप्पणी क्या हो सकती है, जो कहती है. ‘आज जो सबसे बड़ी हलचल हो रही है वह है इंटरनेट है.’

Aamir Ansari
31st Oct 2015
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‘इंटरनेट के जरिए जल्द ही सात अरब लोग एक दूसरे से जुड़ जाएंगे.’ टेकस्पार्क 2015 के छठे एडिशन के उद्घाटन भाषण में यह बातें टी वी मोहनदास पई ने कही. वे आगे कहते हैं कि आज आपको दुनिया से जुड़ने के लिए बस एक मोबाइल फोन और वाईफाई कनेक्शन की जरूरत है. वास्तव में आज दुनिया पूरी तरह से समतल है. पई कहते हैं, ‘कृत्रिम बुद्धि और मशीन लर्निंग असत्य और कल्पनाशील नहीं है.’

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जैसा कि हम जानते हैं, दस सालों में दुनिया बदल जाएगी. मोहनदास पई आगे विस्तार से बताते हैं, अगर आप दुनिया को देखना चाहते हैं और इस बदलाव को समझना चाहते हैं तो इतिहास को देखें.

‘हम दो सौ साल पहले मानव शक्ति पर निर्भर थे. हमने इंसानी शक्ति की मदद से पिरामिड और महान स्मारकों का निर्माण किया.’ इसके बाद वे कहते हैं कि अचानक आपके पास भाप इंजन की शक्ति को इस्तेमाल करने की क्षमता आ गई. वे कहते हैं, ‘पहले जहां किसी चीज को करने के लिए सौ इंसानों की जरूरत होती थी अब उसे एक इंसान अकेला संभाल लेता है.’ मोहनदास पई आगे अपनी बात को इस तरह से जोड़ते हैं, इससे दुनिया बदल गई. इसने हमें गति और बल दिया है. रेलवे ने क्षेत्रों और स्थानों को जोड़ा, इसके बदले में औद्योगिक क्रांति होने में मदद मिली, कारखानों का निर्माण हुआ और व्यापार में मदद मिली. मोहनदास पई आगे कहते हैं यह एक बहुत ही सरल बदलाव है. यह इंटरनेट है. यह हमारे रोजमर्रा के जीवन का हिस्सा हो सकता है. पई कहते हैं कि केवल एक ही साझा मंच दुनिया के कोने कोने में बैठे लोगों को जोड़ रहा है. सूचना तक पहुंच हो रही है, व्यापार हो रहा है और लोग एक समान बाजार में एक साथ जुड़े हुए हैं. वे कहते हैं कि आज इंटरनेट एक बटन दबाने पर ज्ञान और जानकारी दे रहा है. मोहनदास पई आगे अपनी बात इस तरह से कहते हैं, ‘सूचना को अब और दबाया नहीं जा सकता है. ट्विटर क्रांति का शुक्रिया. आज हर व्यक्ति सशक्त हो रहा है. इसने हर किसी को आवाज दी है.’ इंटरनेट ने कई उपकरणों और तकनीक के ग्रोथ और विकास में मदद की है.’


मोहनदास पई आगे कहते हैं और इसने बदले में उपभोक्ताओं और व्यवसायों दोनों के लिए ही विभिन्न स्तरों पर पारदर्शिता लाया. उपभोक्ता को जाहिर तौर पता चला जाता है कि किसी सेवा या उत्पाद के रूप में दुनिया भर में क्या उपलब्ध है और व्यवसायों के लिए सप्लाई चेन मैनेजमेंट और तेज हुई है. मोहनदास पई कहते हैं, ‘आज हर कोई सशक्त है.’ एक कारीगर जो बनारसी साड़ी बना रहा है वह बैंगलोर में उपभोक्ता से जुड़ सकता है, जो कि एक दशक पहले नामुमकिन था. यह पहुंच विभिन्न पहलुओं और क्षेत्र में फैल रही है, शिक्षा, वित्त, बाजार और दुनिया.’ मोहनदास पई के मुताबिक स्टेम सेल रिसर्च के इस्तेमाल से लंबी आयु का विचार अब सपना नहीं है. अक्षय ऊर्जा का इस्तेमाल आसान है. आज से पहले कभी प्रौद्योगिकी इतनी सुविधा प्रदान नहीं कर रही थी.’ वे कहते हैं इंटरनेट की मदद से बदलाव हो रहे हैं, तकनीक और कनेक्टिविटी की मदद से नवरचना हो रही है.’

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