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पूरे एशिया में बीज उत्पादन के क्षेत्र में बढ़ रहा है भारत का दबदबा

13th Nov 2018
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भारत एशिया में एक प्रमुख बीज ‘केंद्र’ के रूप में उभर रहा है। एक ताजा अध्ययन में शामिल 24 बीज कंपनियों में से 18 ने भारत में बीजों के विकास और उत्पादन गतिविधियों में निवेश किया है।

सांकेतिक तस्वीर

सांकेतिक तस्वीर


एक वक्त ऐसा था कि भारत में सिर्फ देसी बीजों से ही खेती की जाती थी। इन बीजों की खासियत तो कई थीं, लेकिन इनसे होने वाला उत्पादन अपर्याप्त होता था। यही वजह थी कि हाइब्रिड बीजों को बनाने के लिए रिसर्च किया गया।

खेती में सबसे महत्वपूर्ण चीज होती है बीज। अगर बीज की गुणवत्ता सही नहीं रही तो कितना भी खाद पानी देकर मेहनत कर ली जाए, उसका कुछ हासिल नहीं निलकलता। एक वक्त ऐसा था कि भारत में सिर्फ देसी बीजों से ही खेती की जाती थी। इन बीजों की खासियत तो कई थीं, लेकिन इनसे होने वाला उत्पादन अपर्याप्त होता था। यही वजह थी कि हाइब्रिड बीजों को बनाने के लिए रिसर्च की गई। भारत में 1963 में राष्ट्रीय बीज निगम की स्थापना की गई थी। पिछले चार दशकों में बीज उद्योग में काफी वृद्धि हुई।

पीटीआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत एशिया में एक प्रमुख बीज ‘केंद्र’ के रूप में उभर रहा है। एक ताजा अध्ययन में शामिल 24 बीज कंपनियों में से 18 ने भारत में बीजों के विकास और उत्पादन गतिविधियों में निवेश किया है। इसमें कहा गया है कि वैश्विक और स्थानीय बीज कंपनियां भारत में भारी निवेश कर रही हैं ताकि छोटी कृषि जोत वाले किसानों के लिए फसल उत्पादकता बढ़ाई जा सके।

वर्ल्ड बेंचमार्किंग अलायंस (डब्ल्यूबीए) द्वारा प्रकाशित एक्सेस टु सीड्स इंडेक्स (एएसआई) में कहा गया है कि भारत में करीब 10 करोड़ किसान ऐसे हैं जिनके पास छोटी कृषि जमीन है। अध्ययन में कहा गया है, ‘‘क्षेत्र की 24 प्रमुख बीज कंपनियों के आकलन से पता चलता है कि इनमें से 21 कंपनियां भारत में बीज बेचती हैं। 18 कंपनियों ने देश में बीच नए बीजों के विकास और उत्पादन गतिविधियों में निवेश किया है।’’

इसकी तुलना में मात्र 11 कंपनियों ने थाइलैंड में प्रजनन गतिविधियों में निवेश किया है। आठ कंपनियों ने इंडोनेशिया में निवेश किया है। ये दोनों देश अन्य प्रमुख क्षेत्रीय बीज केंद्र हैं। इंडेक्स की पहली बार जारी रैंकिंग में चार भारतीय कंपनियों एडवांटा, एक्सेन हाइवेज, नामधारी सीड्स ओर न्यूजीवेदु सीड्स दक्षिण और दक्षिणपूर्व एशिया की शीर्ष दस कंपनियों में शामिल हैं। यह रैंकिंग छोटी जोत वाले किसानों को उत्पादकता में मदद देने के प्रयासों के आधार पर तैयार की गई है। इस सूची में शीर्ष पर थाइलैंड की ईस्ट वेस्ट सीड है।

यह भी पढ़ें: गरीब दिव्यांगों को कृत्रिम अंग बांटने के लिए स्कूली बच्चों ने जुटाए 40 लाख रुपये

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