संस्करणों

वृद्धि को मजबूत बनाने के लिए ‘पूरे नीतिगत दाव’ लगाएंगे जी-20 देश

YS TEAM
25th Jul 2016
Add to
Shares
0
Comments
Share This
Add to
Shares
0
Comments
Share

भारत समेत विश्व की 20 प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं ने आर्थिक जगत का उत्साह बढ़ाने और वैश्विक वृद्धि को मजबूती प्रदान करने के लिए आज सभी संभव ‘नीतिगत दाव’ आजमाने का संकल्प किया। इन देशों का कहना है कि यूरोपीय संघ छोड़ने के ब्रिटेन के फैसले से आर्थिक वातावरण ‘चुनौतीपूर्ण’ और अनिश्चित हुआ है।

चीन के चेंगदू शहर में जी20 के वित्तमंत्रियों और केंद्रीय बैंकों के गर्वनरों के सम्मेलन के बाद जारी एक बयान में कहा गया है, ‘‘वैश्विक आर्थिक वातावरण चुनौतीपूर्ण हैं और गिरावट के जोखिम बने हुए हैं और यह जिंसों की कीमतों में उतार-चढ़ाव तथा पड़ोसी अर्थव्यवस्थाओं में निम्न मुद्रास्फीति के रूप में दिख रहा है।’’ इस बैठक में आर्थिक मामलों के सचिव शक्तिकांता दास ने भाग लिया। यह बैठक सितंबर में चीन के ही हांगझोउ शहर में होने वाली जी20 शिखर बैठक के सिलसिले में आयोजित की गई थी।

image


बयान में कहा गया है कि यूरोपीय संघ से निकलने के ब्रिटेन के फैसले से वैश्विक आर्थिक वातावरण की अनिश्चिता बढ़ी है। गौरतलब है कि विश्व व्यापार में 28 सदस्यीय यूरोनीय संघ की 16 प्रतिशत हिस्सेदारी है।

चीनी समाचार समिति शिन्हुआ ने इस वक्तव्य का हवाला देते हुए अपनी एक रपट में कहा है कि विश्वास बढ़ाने के लिए आर्थिक गतिविधियों और कीमत स्थितरता को सुनिश्चित करने के लिए मौद्रिक नीतियों का समर्थन जारी रहेगा, लेकिन केवल मौद्रिक उपायों से ही संतुलित वृद्धि हासिल नहीं की जा सकती है। बयान में जी20 के वित्तमंत्रियों ने कहा है कि, ‘‘हम राजकोषीय नीति के लचीलेपन का प्रयोग कर रहे हैं तथा कर नीति और सार्वजनिक व्यय नीति को आर्थिक वृद्धि की दृष्टि से अधिक अनुकूल बना रहे हैं।’’ वित्तमंत्रियों ने संकल्प लिया है, ‘‘हम अपनी वृहद आर्थिक और बुनियादी नीतियों को सोच-समझकर तय करेंगे और उनकी सूचना स्पष्ट तरीके से देंगे ताकि अनिश्चिता कम हो, नीतियों का दूसरों पर दुष्प्रभाव कम से कम हो और पारदर्शिता को बढ़ावा मिले।’’ पीटीआई

Add to
Shares
0
Comments
Share This
Add to
Shares
0
Comments
Share
Report an issue
Authors

Related Tags

Latest Stories

हमारे दैनिक समाचार पत्र के लिए साइन अप करें