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लकी ग्राहक योजना और डिजि-धन व्यापार योजना शुरू

ये योजनाएं भारतीय राष्‍ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) द्वारा क्रियान्‍वित की जायेंगी। केवल रुपे कार्डों, यूएसएसडी, यूपीआई और एईपीएस के जरिए किए जा रहे लेन-देन ही इन योजनाओं के दायरे में आयेंगे।

26th Dec 2016
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घरेलू अर्थव्यवस्था में डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देकर नकदी के प्रयोग को कम करने के उद्देश्य से सरकार ने लकी ग्राहक योजना और डिजि धन व्यापार योजना की घोषणा कर दी है। इन योजनाआें को शुरू करते हुए वित्त मंत्री अरूण जेटली ने ‘डिज धन मेला’ कार्यक्रम में कहा, कि ‘यह एक बड़ा कदम है। इससे लोगों को डिजिटल भुगतान की तरफ आकषिर्त करने में मदद मिलेगी।’ इस अवसर पर केंद्रीय सूचना प्रौद्योगिकी एवं विधि मंत्री रवि शंकर प्रसाद भी उपस्थित थे।

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डिजिटल लेनदेन से देश की अर्थव्यवस्था को बेहतर और साफ सुथरी बनाने में मदद मिलेगी : अरूण जेटली

प्रौद्योगिकी एवं विधि मंत्री रवि शंकर प्रसाद का कहना है, कि देश में डिजिटल लेनदेन की वजह से 300 से 350 प्रतिशत तक का उछाल आया है। उधर दूसरी तरफ आईडीएफसी बैंक ने व्यापारियों के लिए आधार से जुड़ी अखिल भारतीय भुगतान सेवा की भी शुरूआत कर दी है। इस सेवा के तहत खुदरा विक्रेता के स्मार्टफोन से डिजिटल भुगतान किया जा सकेगा। बैंक ने एक बयान में कहा है, कि आईडीएफसी बैंक ने भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) और भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) के साथ मिलकर ‘आधार पे’ तैयार किया है।

आधार पे के माध्यम से देशभर में लाखों कारोबारी कम लागत पर नकदी रहित खरीद-फरोख्त कर सकते हैं।

बैंक के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी राजीव लाल ने कहा है, कि इससे देश के सुदूरतम इलाके के लोग भी डिजिटल भुगतान करने में सक्षम हो सकेंगे। ऐसे लोग भी डिजिटली भुगतान कर सकेंगे जिनके पास अपना खुद का फोन नहीं है। इस तरीके से भुगतान करने के लिए आपके पास सिर्फ आधार से जुड़ा बैंक खाता होना चाहिए। इस माध्यम से भुगतान करने पर दुकानदार या ग्राहक दोनों को किसी तरह का कोई शुल्क नहीं देना होगा। आईडीएफसी बैंक की एक विज्ञप्ति के अुनसार ‘आईडीएफसी आधार पे’ को पिछले हफ्ते आंध्र प्रदेश में सरकारी राशन की दुकानों पर चालू किया गया। वहां इसका उद्घाटान मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू किया गया। इसे अब दिल्ली और बिहार में दुकानों पर भी उपयोग में लाया जा रहा है।

कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्री राजीव प्रताप रूडी ने कहा है, कि रेहड़ी-पटरी पर खाने-पीने की चीजें बेचने वाले दुकानदारों को भी नकदी रहित लेन-देन व्यवस्था का हिस्सा बनाया जाना चाहिए और उन्हें डिजिटल लेनदेन का प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए। रूडी ने यह बात राष्ट्रीय रेहड़ी-पटरी खानपान मेला के समापन समारोह को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने इस अवसर पर ‘कुशल भारत मिशन’ के तहत प्रशिक्षित किए गए कुछ जलपान दुकानदारों को प्रमाणपत्र भी सौंपे। उन्होंने दिल्ली के सरोजनी नगर इलाके की चाय बेचने वाली एक महिला राधा देवी को वैज्ञानिक तरीके से विकसित एक ठेली भी भेंट की। साथ ही रेहड़ी-पटरी वालों को साफ-सुथरी और स्वस्थकर खाद्य सामग्री बेचने के फायदे समझाए। नोटबंदी के मद्देनजर रूडी ने इस बात पर जोर दिया कि अब समय आ गया है कि जब सभी रेहड़ी-पटरी वालों को डिजिटल भुगतान का प्रशिक्षण दिया जाए ताकि वे ग्राहकों से नकदी रहित लेनदेन कर सकें।

स्वास्थ्य देखभाल एक महत्वपूर्ण पहलू है और भारत धीरे धीरे विश्व का स्वास्थ्य केंद्र बन रहा है। एक तरफ हमारे पास सर्वश्रेष्ठ सुविधाएं हैं और दूसरी ओर हमारे पास भारी मांग है : मनोहर पर्रिकर

उधर दूसरी तरफ केंद्र सरकार की पहल के अनुरूप डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने के लिए रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने शहर के अस्पतालों से अपील की है, कि वे नकदरहित सेवाएं अपनाएं जैसा उनके गृहराज्य गोवा के करीब 25 अस्पतालों ने किया है। पर्रिकर ने केएमसी अस्पताल के एक नये उन्नत उपचार खंड का उद्घाटन करने के बाद कहा, कि ‘गोवा में करीब 25 अस्पतालों ने नकद रहित सेवाएं अपनायी हैं। मैं यहां सभी अस्पतालों का आह्वान करता हूं, कि वे भी वैसा ही करें।’ उन्होंने लोगों को क्रिसमस और नववर्ष की शुभकामनाएं देते हुए सुझाव दिया कि केएमसी को गरीबों और जरूरतमंदों की मदद करने के ईसा मसीह के आह्वान को ध्यान में रखते हुए कुछ प्रतिशत मरीजों का इलाज कम दरों पर करना चाहिए।

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