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‘सेवा’ का मौका दीजिए, हो जाएगी घर बैठे आपके पुराने उपकरणों की मरम्मत

Pooja Goel
6th Nov 2015
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आप यह कह सकते हैं कि रवि रायजादा को स्टार्टअप के कीड़े ने तभी काट लिया था जब उन्होंने किशोरावस्था में कदम ही रखा था और उन्होंने 14 छात्रों को पढ़ाने के लिये कोचिंग क्लासों का संचालन प्रारंभ कर दिया। इसकी परिणति यह हुई कि रवि के भीतर एक ऐसे व्यवसाय को प्रारंभ करने की ललक ने जन्म ले लिया जिसे वे आगे जाकर अपना कह सकें। कुछ समय बाद वर्ष 2010 में उन्होंने देखा कि होम सर्विसेस ना तो उपलब्ध थीं और न ही लोगों की पहुंच में थी और इसके अलावा कुछ चुनिंदा जो उपलब्ध भी थीं वे भी बिना किसी मानक और प्रमाणिकता के संचालित हो रही थीं। इस परेशानी का अहसास उन्हें सबसे पहले अपने घर से हुआ जब उनकी माँ को घरेलू सामान और उपकरणों के खराब हो जाने पर उन्हें ठीक करवाने के लिये और विभिन्न घरेलू उपकरणों के रखरखाव के काम के लिये किसी को बुलाने में नियमित रूप से परेशानी का सामना करना पड़ता था। ऐसे में उन्होंने नियमित रूप से सामने आने वाली इस परेशानी का एक सकारात्मक समाधान तलाशने की ठानी।

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सेवा के रूप में ‘सेवा’

‘सेवा’ एक आॅन-डिमांड सेवा प्रदाता है जो घरेलू उपकरणों की मरम्मत घर पर ही करवाने के लिये तकनीशियन उपलब्ध करवाता है। इसके अलावा ये अपने उपभोक्ताओं को उनके इस्तेमाल किये हुए उपकरणों के लिये अच्छे खरीददार दिलवाने में भी मदद करते हैं और इस प्रकार ये ई-कचरे को कम करने की दिशा में भी एक सक्रिय समाधान खोजने की दिशा में प्रयास कर रहे हैं।

रवि के लिये ‘सेवा’ उनके सपने के साकार होने से कहीं अधिक है और वे इसे एक राष्ट्रव्यापी सेवा ब्रांड के रूप में विकसित होते हुए देखना चाहते हैं। रवि कहते हैं, ‘‘मेरा स्वाभाव कुछ ऐसा है कि मैं दूसरों की मदद करना पसंद करता हूँ और इसीलिये मैंने इसका नाम ‘सेवा’ रखा। हमनें अपने लोगो के रूप में पत्ती को चुना क्योंकि पेड़ और प्रकृति ऐसे प्रतीक हैं जो अपना सब कुछ न्यौछावर करके हमेशा सेवा में ही रहते हैं।’’

अपने प्रतिस्पर्धियों के विपरीत यह मंच एक आॅनलाइन बाजार नहीं है। बल्कि इस स्टार्टअप की जयपुर, जोधपुर, उदयपुर, दिल्ली, गुड़गांव, नोएडा और पुणे, इन सात स्थानों पर 47 सदस्यों की एक सक्रिय तकनीकी टीम है।

रवि बताते हैं, ‘‘हम अपने प्रतिस्पर्धियों के विपरीत प्रत्येक कार्यसंपादन की गहराई में जाने का प्रयास करते हैं जबकि वे सिर्फ आॅनलाइन बाजार बनकर रह जाते हैं। हमारे दूसरे प्रतिस्पर्धी स्थानीय सेवा प्रदाता हैं जो सीमित संसाधन और विस्तार के साथ काम करते हैं। इनमें से अधिकांश स्वरोजगार में लगे युवा हैं जिनकी टीम कुछ चुनिंदा क्षेत्रों में ही काम करती है।’’

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लागत

इनके सेवा शुल्क घरेलू उपकरणों की कीमत पर आधारित होते हैं। आमतौर पर यह 300 रुपये से प्रारंभ होता है और मरम्मत के दौरान बदले गए घटकों के आधार पर निर्धारित होता है।

इसके अलावा यह कंपनी विस्तारित वारंटी सेवा भी प्रदान करती है जिसके बदले में ये उपभोक्ता से प्रतिवर्ष 2999 से 7999 रुपये लेते हैं। एक तरफ 2999 रुपये में 60 हजार रुपये की कीमत के तमाम उपकरण शामिल होते हैं वहीं दूसरी तरफ 7999 में दो लाख रुपये तक के उपकरणों की सर्विसिंग भी शामिल है। वारंटी के क्रम में उपकरणों में किसी भी प्रकार की परेशानी आने पर मरम्मत की जिम्मेदारी कंपनी की होती है।

कंपनी का दावा है कि यह बीते 4 वर्षों में 500 प्रतिशत की दर से वृद्धि करने में सफल रही है और इसने वर्ष 2011-12 के 14 लाख रुपये के राजस्व के सापेक्ष में वित्तीय वर्ष 2014-15 में 70 लाख रुपये का राजस्व प्राप्त किया है। फिलहाल यह कंपनी 1300 से भी अधिक उपभोक्ताओं को सेवाएं प्रदान करवा रही है जिनमें से अधिकतर घरेलू हैं लेकिन अब ये वोडाफोन, इंफोसिस और एसबीआई जैसे बड़े काॅर्पोरेट्स पर भी अपनी नजरें गड़ाए बैठे हैं। रवि कि अनुसार इन्हें प्राप्त होने वाले 40 फीसदी अनुरोध उन उपभोक्ताओं के होते हैं जो पूर्व में इनकी सेवाओं का लाभ उठा चुके हैं और दोबारा इनके साथ जुड़ना चाहते हैं। इनका उपभोक्ता आधार भी 30 प्रतिशत प्रतिवर्ष की दर से बढ़ रहा है और कंपनी को अनुमान है कि आने वाले समय में यह 60 प्रतिशत की दर से बढ़ेगा।

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भविष्य की योजनाएं

इनकी योजना उपभोक्ताओं को पुराने उपकरणों को बेचने और खरीदने के क्रम में ‘सेवा’ की वारंटी देने का समर्थन प्रदान करने की है। यह सेवा जल्द ही उपलब्ध होने वाली इनकी मोबाइल एप्लीकेशन पर उपलब्ध होगी। कंपनी का इरादा अगली तिमाही में गुजरात में अपने कदम बढ़ाने का है और ये अहमदाबाद, राजकोट, सूरत और बड़ोदरा में अपने पैर जमाने की सोच रहे हैं।

अपनी दीर्घकालिक योजना के तहत ‘सेवा’ ई-कचरे के प्रबंधन की समस्या का समाधान पेश करने की भी योजना पर काम कर रही है। इसके संस्थापक कहते हैं, ‘‘चूंकि हम मशीनों की मरम्मत करने के अलावा उनकी देखभाल का काम भी करते हैं इसलिये हमें ही यह सबसे पहले पता होता है कि मशीन अब इस्तेमाल के लायक है या बिल्कुल बेकार हो गई है। इसके अलावा इस बात की भी पूरी संभावना है कि उपभोक्ता अपने पास मौजूद ऐसे कबाड़ को निबटाने के लिये हमसे ही संपर्क करेंगे। यह बाजार और लाॅजिस्टिक्स एक जैसा ही है इसलिये हमारे लिये ऐसा करना बहुत आसानी से संभव होगा।’’

याॅरस्टोरी का निष्कर्ष

हालांकि यी जटिलताओं और कृत्रिमता से भरा हुआ एक बिल्कुल ही अलग क्षेत्र है फिर भी यह स्टार्टअप खरीदने और बेचने के अलावा ई-वेस्ट के प्रबंधन जैसे नए क्षेत्रों में काफी अच्छा कर रहा है। यह भी एक सच्चाई है कि मरम्मत करने वाले कारीगरों को अपने साथ जोड़ना काफी कठिन काम है लेकिन यही इस स्टार्टअप को औरों से अलग बनाते हुए काफी आगे खड़ा भी करता है।

इसके अलावा यह कंपनी इस क्षेत्र में काफी अच्छा करने वाले हैंडीहोम जैसे दिग्गज के कंधे से कंधा मिलाकर आगे बढ़ रहा है। बीते दिनों में काफी अच्छा व्यवसाय करने के बाद यह देखना काफी दिलचस्प होगा कि यह मंच कंपनी की लाभप्रदता में कितना योगदान देने में सफल रहता है।

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