संस्करणों
विविध

वकील से एक्टर बनीं श्रद्धा फिल्मों को मानती हैं बिजनेस चलाने जैसा

yourstory हिन्दी
23rd Jun 2018
Add to
Shares
3
Comments
Share This
Add to
Shares
3
Comments
Share

श्रद्धा श्रीनाथ के लिए लॉ से अभिनय तक की यात्रा टर्न और ट्विस्ट से भरी हुई रही है। उन्होंने हाल ही में फिल्म 'ऑपरेशन अलामेलम्मा' के लिए फिल्मफेयर क्रिटिक्स पुरस्कार के लिए सर्वश्रेष्ठ कन्नड़ अभिनेत्री का पुरस्कार जीता।

श्रद्धा श्रीनाथ (फोटो साभार- रोहित साबू)

श्रद्धा श्रीनाथ (फोटो साभार- रोहित साबू)


27 वर्षीय श्रद्धा अब तिग्मांशु धूलिया की अगली फिल्म 'मिलन टॉकीज' में अभिनेता अली फजल के अपोजिट काम कर रही हैं। इसके अलावा उन्होंने अभिनेता आर माधवन मारा के साथ अपना दूसरा प्रोजेक्ट भी साइन किया है।

श्रद्धा श्रीनाथ के लिए लॉ से अभिनय तक की यात्रा टर्न और ट्विस्ट से भरी हुई रही है। उन्होंने हाल ही में फिल्म 'ऑपरेशन अलामेलम्मा' के लिए फिल्मफेयर क्रिटिक्स पुरस्कार के लिए सर्वश्रेष्ठ कन्नड़ अभिनेत्री का पुरुस्कार जीता। वकील से अभिनेत्री बनीं श्रद्धा श्रीनाथ कहती हैं, "फिल्मों में अभिनय करना एक उद्यम चलाने की तरह है, जहां हर निर्णय आप पर निर्भर करता है। कैरेक्टर, स्क्रिप्ट, रोल, कुछ भी आप खुद तय करते हैं और उसको फॉलो भी करते हैं।" 27 वर्षीय श्रद्धा अब तिग्मांशु धूलिया की अगली फिल्म 'मिलन टॉकीज' में अभिनेता अली फजल के अपोजिट काम कर रही हैं। इसके अलावा उन्होंने अभिनेता आर माधवन मारा के साथ अपना दूसरा प्रोजेक्ट भी साइन किया है।

तीन साल पहले अपना अभिनय करियर शुरू करने वाली श्रद्धा ने 9 फिल्में की थीं। हालांकि 2018 श्रद्धा के उनके सबसे बिजी सालों में एक रहा है। तमिल फिल्म 'विक्रम वेधा' में चाहे चमकदार कलमकारी साड़ी हो या बिना मेकअप, बड़े चश्मे, और आरामदायक पैंट की एक जोड़ी हो, श्रद्धा ने बहुत आसानी से संभाला है। उनका मानना है कि फिल्म या रंगमंच के लिए अभिनय की कला समान है, लेकिन उनका मानना है कि मंच पर अभिनय करने के लिए एक ग्राफ होना चाहिए।

सिनेमा में भावनात्मक ग्राफ वैल्यू देता है। आपको एक अभिनेता के रूप में ज्यादा अवगत होना चाहिए कि आप किस कहानी में हैं, किस मानसिक स्थिति में हैं। श्रद्धा कहती हैं, "यह एक अतिरिक्त जिम्मेदारी है।" श्रद्धा आगे बताती हैं कि एक अभिनेता के रूप में आपको अच्छी तरह से सेल करने की जरूरत होती है और पता होना चाहिए कि आप क्या चाहते हैं। थिएटर एक ऐसी जगह है जहां आपको सह-कलाकारों, प्रोडक्शन हाउसेस और स्क्रिप्ट चयन के बारे में कुछ भी जानने की जरूरत नहीं है। लेकिन फिल्मों में, सबकुछ महत्वपूर्ण है। श्रद्धा के लिए लॉ से फिल्मों तक के सफर में कई घटनाएं घटीं।

लक बाई प्रोविडेंस

श्रद्धा कहती हैं, "वकील के रूप में मेरा आखिरी कामकाजी दिन 27 फरवरी, 2015 को था। वहां से मैंने पीछे मु़ड़कर नहीं देखा।" श्रद्धा आर्मीमैन की बेटी हैं। वे कहती हैं कि ये जीवन के बदलाव ही थे जिन्होंने उन्हें एक्टिंग को करियर बनाने में मार्गदर्शन किया। हालांकि डेकैथलॉन में उनका काम बहुत अच्छा था, लेकिन वह बहुत खुश नहीं थीं। वे कहती हैं कि "मेरे दिमाग में बहुत उथल-पुथल थी, और हर रात मुझे आश्चर्य होता था कि मैं क्या कर रही हूं।" हालांकि कुछ समय बाद श्रद्धा को कन्नड़ फिल्म प्रोडक्शन हाउस से एक ईमेल मिला। मेल में कहा गया कि उन्होंने फेसबुक पर श्रद्धा की प्रोफाइल देखी है और उन्हें कन्नड़ फिल्म के लिए कास्ट करना चाहते हैं।

श्रद्धा कहती हैं कि, "मैंने पहले सोचा कि कहीं ये फेक तो नहीं है। हालांकि जब असली डील का पता चला, तो मैं रोल के लिए गई और ऑडिशन दिया। लेकिन तब मुझे ये भी लगा कि ऐसा करने से जॉब छोड़नी पड़ेगी। ये बातें मेरे दिमाग में चल रही थीं, लेकिन उस वक्त ध्यान नहीं दिया। क्योंकि वास्तविकता हमेशा अलग होती है।" श्रद्धा को एहसास हुआ कि वह जॉब से खुश नहीं थी। और उन्होंने इस अवसर को अभिनय करने के लिए एक संकेत के रूप में देखा। अपने माता-पिता के साथ बातचीत के बाद, श्रद्धा ने एक्टिंग में जाने की ठानी। श्रद्धा कहती हैं, "मैं लगातार बदलाव से थक गई थी और मैंने अपने माता-पिता से कहा कि मैं ऐसा कुछ करना चाहूंगी जो मुझे पसंद है।"

श्रद्धा कहती हैं, "जब मैंने पहली बार लॉ की पढ़ाई शुरू कि तो मुझे भरोसा था कि एक बार जब मैं वकील बन जाऊंगी, तो दुनिया को बदल दूंगी, क्योंकि लॉ के पास बड़ी शक्ति और जिम्मेदारी होती है। वे कहती हैं, "मुझे लगा कि मैं बड़े केसेस लड़ूंगी। लेकिन जल्द ही अहसास हुआ कि ये सब आसान नहीं है। इसमें बहुत सी चीजें मेमोरी पर निर्भर करती हैं।"

थिएटर के लिए प्यार

श्रद्धा आगे कहती हैं, "मैंने 10वीं के बाद साइंस छोड़ दिया था। मैं कॉमर्स की स्टूडेंट थी, और मुझे पता था कि मैं एक पेशेवर कोर्स करना चाहती थी। कुछ ऐसा जो मेरे परिवार में किसी ने पहले नहीं किया हो। लॉ मेरे लिए सभी मानदंडों से मेल खाता है। हालांकि मैं लॉ के बारे में पैसनेट नहीं थी, लेकिन यह दिलचस्प लग रहा था।" लॉ की पढ़ाई के दूसरे साल के दौरान श्रद्धा की रुचि थियेटर में होने लगी। श्रद्धा 11वीं कक्षा से अभिनय करने में रूचि रखती थीं, और अब, उन्हें थिएटर के प्रति अपने प्यार को फिर से हासिल करने का मौका मिला था। मैं तीसरे साल तक बहाने बनाती रही थी।

वह कहती हैं, 'यहां कही जाने वाली और वास्तव में की जाने वाली चीजों में अंतर है। पहले साल मैंने एक्सक्यूज दिया कि मैं शहर में नई थी। उसके बाद मैंने दूरी और सफर का बहाना बनाया। मैं तीसरे साल तक बहाने बनाती रही थी। एक दिन फेसबुक पर इम्ब्रोल्यो प्रॉडक्शंस से कॉस्टिंग कॉल आया। मेरे दोस्त ने वह देखा और सोचा उस मौके को भुनाना चाहिए और मैं अभिनय की दुनिया में आ गई।

चूंकि, यह म्यूजिकल ऑफर था इसलिए श्रद्धा ने डांस, सिंगिंग और एक्टिंग के लिए ऑडिशन देने का फैसला किया था। उनकी पहली भूमिका सिंगिंग के लिए थी और अगले 6 महीने तक श्रद्धा की जिंदगी रिहर्सल के इर्द-गिर्द ही घूमती रही थी। वह कहती हैं, 'जब हमने स्टेज पर परफॉर्म किया, तब मुझे उपलब्धि का अहसास हुआ। उस समय मुझे लगा कि मैं यह कर सकती हूं।' उनका पहला एक्टिंग रोल नील सिमोन के ड्रामा 'गुड डॉक्टर' में था। इसमें उन्होंने कई भूमिकाएं निभाई थी।

श्रद्धा श्रीनाथ (फोटो साभार- रोहित साबू)

श्रद्धा श्रीनाथ (फोटो साभार- रोहित साबू)


श्रद्धा कहती हैं, 'मुझे पता था कि मेरा पहला एक्टिंग गिग खराब था। हालांकि, मैं सुधार करना चाहती थी। फिर मैंने समय के साथ कोशिश करना जारी रखा। मैंने खुद में सुधार होते हुए देखा। इसके बाद मैं भूमिका के साथ और भी ज्यादा सहज महसूस करने लगी। मेरी बॉडी एक्सप्रेशन के साथ मेरी कला की समझ भी बेहतर होती गई।'

लॉ- उसके लिए आसान नहीं था

श्रद्धा समय के साथ ही कॉलेज से निकल गई थीं। उन्होंने महसूस किया कि लॉ का उनके लिए कोई मायने नहीं है। इस वजह से कोर्स खत्म होते ही सीधे एक्टिंग में जाने की कोशिश शुरू कर दी थी। श्रद्धा को लगा कि उन्हें अब पैसा कमाने की जरूरत है। श्रद्धा बताती हैं, 'कॉलेज के 5 साल तक मैं पूरी तरह से अपने पैरेंट्स पर निर्भर थी।' इन सबके बाद वह सेंचुरी रियल एस्टेट के गैर-मुकदमेबाजी विभाग में शामिल हो गईं। हालांकि, उन्हें एक वकील के रूप में अपने काम में मजा नहीं आ रहा था। उन्होंने पाया कि रिहर्सल में उसे आनांद आता है। हालांकि, डेकाथलॉन में श्रद्धा का अगला काम बिल्कुल अलग था।

श्रद्धा कहती हैं कि, "मैं अपनी नौकरी का आनंद ले रही थी, मेरे पास संभालने के लिए बड़े प्रोजेक्ट्स थे और बहुत ट्रैवल करना पड़ता था। जिस टीम के साथ मैं काम कर रही थी वह शानदार, अलग और मजेदार थी। मैं काम में व्यस्त हो गई और फिर रिहर्सल के लिए नहीं जा सकी। हालांकि ये मेरे लिए वापसी करने के संकेत की तरह था। इसलिए मैं अपने बॉस के पास गई और पूछा कि क्या मैं दोनों काम कर सकती हूं?" श्रद्धा बताती हैं कि, "बॉस काफी अच्छी थीं, उन्होंने कहा कि जब काम पूरा हो जाता है तो वे कुछ भी करें। कहने की जरूरत नहीं है।" यह श्रद्धा के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ था। उसने महसूस किया कि जब उसके पास अच्छी नौकरी थी, और अच्छे लोगों के साथ काम कर रही थी, तो उसका दिल इसमें नहीं लग रहा था। अब, पीछे मुड़कर नहीं देखतीं हैं। श्रद्धा मौजूदा समय में अपने नए प्रोजेक्ट्स और रोल पर फोकस हैं।

यह भी पढ़ें: 'समर्थ' स्टार्टअप भारत के बेसहारा बुजुर्गों की जिंदगी में भर रहा खुशियां

Add to
Shares
3
Comments
Share This
Add to
Shares
3
Comments
Share
Report an issue
Authors

Related Tags

Latest Stories

हमारे दैनिक समाचार पत्र के लिए साइन अप करें