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पूजा-पाठ की सामग्री से लेकर पूजा कराने वाले पंडित की बुकिंग के लिए Hellopunditji.com

30th Jan 2016
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आज के भागदौड़ भरे जीवन में जहां इंसान अपने परिवार के लिए बड़ी मुश्किल से समय निकाल पाता है वहीं उसे अपने ईष्ट भगवान को याद करने, पूजा पाठ हवन लिए समय ही नहीं मिल पाता है। और यदि जरूरत पड़ने पर घर मे पूजा हवन का आयोजन करने की कोई व्यक्ति सोचे तो यह बड़ा भारी भरकम सा काम जान पड़ता है। इस तरह का आयोजन करने में बहुत सारे काम आपके सामने आ जाते हैं जैसे सबसे पहले पंडित जी को ढूंढना, पूजा सामग्री की लिस्ट बनाना, बाजार में अलग-अलग स्थानों पर जाकर सम्पूर्ण पूजा सामग्री इकट्टा करना फिर घर पहुंचकर हवन कुण्ड समेत हवन के लिए शुद्ध लकड़ियों की व्यवस्था करना,फूल माला,पत्ते आदि लेकर आना। ये सभी जुटाना टेड़ी खीर लगने लगती है। इन सभी परेशानियों को खत्म करने और नईसंकल्पनाओं के साथ सेवाएं जोड़कर एक नया स्टार्टअप http://www.hellopunditji.com आपकी पूजा संबंधित सभी चिंताओं को दूर आया है।

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आज जब सारा विश्व एक ग्लोबल विलेज तब्दील हो चुका है तो हमारी वैदिक परंपराए, संस्कार, धार्मिक पूजा-पाठ आदि के विधि विधान की सुविधा भी क्यों ना आधुनिक संसाधनों के माध्यम सेआसान बनाई जाये ? इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता की प्राचीन समय से ही भारत में राजाओं धनांढ्य लोगों से साथ–साथ आम जनता के बीच भी राजपुरोहित की व्यवस्था की जाती रहीहै। पुरोहित का शाब्दिक अर्थ है पूरा+हित अर्थात पूरा हित चाहने वाला। पहले पुरोहित एवं जजमान के बीच परस्पर गुरू शिष्य परंपरा का पालन होता था।

वर्तमान में समय बदलने के साथ ये रिश्ता कमजोर पड़ने लगा जिसके पीछे अनेक कारण हैं मसलन- पलायन,शहरीकरण,वैश्वीकरण के प्रभाव,आदि। लेकिन फिर भी हिंदु धर्म में आस्था रखनेवाले लोग अपनी धार्मिक आवश्यकताओं की पूर्ति जैसे- तैसे कर रहे हैं लेकिन इन सभी से संतुष्ट नहीं हो पाते हैं। जिसके प्रमुख कारण हैं वैदिक संस्कृति के जानकारी का अभाव, योग्य पंडित जीकी उपलब्धता, शुद्ध पूजा सामग्री आदि। जिन वजह से ये सभी धार्मिक आयोजन पूर्णतः सफल नहीं हो पाते हैं एवं इनका संपूर्ण लाभ श्रद्धालुओं को नहीं मिल पाता है। हेलोपंडितजी डॉट कॉम का एकमात्र ध्येय रहा है वास्तविक वैदिक परंपरा को एकमंच पर खड़ा करना जिसके माध्यम से इस सम्पूर्ण प्राचीन ज्ञान का वास्तविक लाभ सभी लोगों कोमिलता रहे चाहे वह दुनियां के किसी भी कोने में क्यों न हो।

वर्तमान में हेलोपंडितजी डॉट कॉम ने दिल्ली एनसीआर, बेंगलुरू समेत मुम्बई में अपनी सभी सेवाएं प्रारंभ की है। इसके तहत सनातन धर्म से संबधित किसी भी प्रकार की पूजा,धार्मिक अनुष्ठान के लिए पंडित बुकिंग, पूजा आयोजन, पूजा सामग्री, भोज आयोजन, भजन कीर्तन, भंडारा एवं दान सेवा शुरू की है। ये समस्त सेवाएं पूर्णतः वैदिक रीति के अनुसार, वैदिक रीतिके जानकारों के मार्गदर्शन में पूरी की जाती है। जिसमें हेलोपंडितजी डॉट कॉम के द्वारा चयनित पंडित जी जजमान के घर जाकर अथवा चयनित स्थान पर पूजा करा रहे हैं। इसके साथ -साथ हेलोपंडितजी डॉट कॉम विदेश में रह रहे हिंदु धर्म मे आस्था रखने वालों के लिए अत्याधुनिक तकनीकि के द्वारा ई पूजा की व्यवस्था करता है।

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उदाहरण के तौर पर बेल्जियम में रहने वाला एक हिंदु परिवार, हरिद्वार में अपने बच्चे के जन्मदिन के शुभ अवसर पर ब्राह्मण भोज अथवा अंध भोज का आयोजन करने की इच्छा रखता है लेकिन समय और साधन के अभाव के चलते उसकी यह इच्छा पूरी नहीं हो पा रही है। हेलोपंडितजी डॉट कॉम इस प्रकार की सभी धार्मिक आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए सदैव तत्परहै। इस सेवा के द्वारा श्रद्धालु(जजमान) विश्व के किसी भी कोने में बैठकर अपने कम्प्यूटर,स्मार्टफोन आदि से एक क्लिक पर हेलोपंडितजी डॉट कॉम की सेवा बुक कराकर अपने धार्मिक उद्देश्यों की पूर्ति के लिए इस तरह के आयोजन सम्पन्न करा सकते हैं साथ ही इन आयोजनों को लाइव देखकर अपने स्थान पर ही अभूतपूर्व असीम शान्ति एवं पुण्य का अनुभव व प्राप्तकर सकते हैं। ज्योतिष विज्ञान में विश्वास रखने वालों के लिए बड़े मंदिरों में जाप व पूजा के आयोजन में भी हेलोपंडितजी डॉट कॉम एक महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है। इस प्रकारकी पूजा आयोजित करवाने वालों को समय नहीं मिल पा रहा हो या पूजा करने में अन्य समस्याएं आ रही हों तो इन सभी समस्याओं का निराकरण हेलोपंडितजी डॉट कॉम के माध्यम से किया जा सकता है। इस पोर्टल के माध्यम से आप किसी भी स्थान पर रहकर इस प्रकार के सफल आयोजन संपन्न करा सकते हैं।

हैलो पंडित जी के फांउडर एवं सीईओ चंद्रशेखर सिंह एक सीरीयल टेक्नोलॉजी आंत्रेप्रेन्योर हैं। आईटी क्षेत्र से जुड़े होने के साथ- साथ भारत के जाने-माने मोटिवेशनल स्पीकर भी है। हैलो पंडित जीकी स्थापना पर योर स्टोरी से बात करते हुए चंद्रशेखर बताते हैं, 

मेरी वैदिक संस्कृति में अटूट आस्था रही है। मैंने स्वयं इस प्रकार के आयोजनों को पूरा करने में अनेक कठिनाइयों का सामना किया। हिंदु धार्मिक पूजा पाठ, संस्कारों एवं धार्मिक आयोजनों के लिए सबसे पहले वैदिक रीतियों के जानकार एवं संस्कृत के शुद्ध उच्चारण एवं मंत्रों के वास्तविक अर्थ को जाननेवाले पंडित जी को खोजना बड़ा कठिन होता है। फिर पूजा में प्रयोग होने वाली शुद्ध सामग्री मिल पाना भी बेहद मुश्किल होता है। कई सामग्रियां तो आस पास के बाजार में मिल ही नहीं पाती। फिरइस तरह के आयोजनों को करने की वास्तविक वजह ही पता नहीं चल पाती है। 

सिंह बताते हैं कि वतर्मान में पूजा आयोजन एक औपचारिकता मात्र रह गया है जिसका वास्तविक फायदा लोगों को नहीं मिल पाता है। साथ ही वे कहते हैं कि ऐसा नहीं है कि लोग इस तरह के आयोजन नहीं करते या इनमें पैसा खर्च नहीं करते हैं। चंद्रशेखर आगे बताते हैं कि इस तरह के आयोजन में देश और विदेश में सनातन धर्म में आस्था रखने वाले लोग बहुत सारा धन खर्च कर देते हैं यदि वैदिक रीतियों के अनुसार सभी विधि विधान पूर्ण किए जाए तो यह वास्तविक पुण्य फल एवं आनंद प्रदानकरते हैं। http://www.hellopunditji.com पोर्टल को मिल रहे रिस्पांस पर चंद्रशेखर सिंह बताते है कि इस सेवा को प्रारंभ करने के बाद उन्हें सकारात्मक प्रतिक्रियाएं मिल रही हैं। लोग इस प्रकार की सेवाओं में बढ़ चढ़कर अपनी दिलचस्पी दिखा रहे हैं और इन सेवाओं को हाथों हाथ ले रहे हैं। उनका मानना है आने वाले समय में यह सिससिला और अधिक बढ़ेगा। वर्तमान में हेलोपंडितजी डॉट कॉम देश का सबसे तेजी से बढ़ने वाला आध्यात्मिक वेव पोर्टल है।

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चंद्रशेखर ने बताया की उन्हें अपने इस लीक से हटकर पोर्टल के लिए एंजेल फंडिंग भी मिल चुकी है और उनका कहना है की वो जल्द ही बहुत ही नए अंदाज़ में बाजार में अपनी सेवाएं बहुत बड़े पैमाने पर लेकर आ रहे है.

चंद्रशेखर पूर्ण आत्मविश्वास के साथ कहते हैं कि आने वाले कुछ ही समय में हम विश्व के नं 1 आध्यात्मिक पोर्टल बन कर सामने आएंगे ।

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