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‘सिल्वर पुश’ से जानिए विज्ञापन के ज़रिए कैसे करें मार्केटिंग और सेल्स पहले से बेहतर

22nd Feb 2017
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इंटरनेट ने दुनियाभर में क्रांति ला दी है। वेबसाइट, ई-कॉमर्स, फेसबुक, ट्विटर, यूट्यूब वगैरह-वगैरह ने हर किसी पर अमिट छाप छोड़ा है। ऐसे में एक सवाल लगातार उठता रहता है कि क्या टीवी का दौर खत्म होने वाला है और सबकुछ इंटरनेट और यूट्यूब पर सिमटने वाला है? सवाल अहम है। पर ऐसा नहीं है कि सबकुछ खत्म होने वाला है। टीवी की अपनी अहमियत है और उसका वजूद इतनी जल्दी खत्म होने वाला है, ऐसा लगता नहीं है। FICCI के मुताबिक 2015 में टेलीविजन विज्ञापन का बाज़ार 17,460 करोड़ तक रहने का अनुमान है जो कि 2019 तक 29,910 करोड़ रुपए तक पहुंच सकता है। ज़ाहिर है जो ताक़त विजुअल मीडियम में है उसकी तुलना अब भी किसी से नहीं की जा सकती। दूसरा कारण यह भी है कि टीवी दूर दराज के उन इलाकों तक अपनी पहुंच बनाए हुए है जहां इंटरनेट को पहुंचने में अब भी वक्त लगेगा। हम आपसे टीवी और टीवी पर दिखाए जा रहे विज्ञापनों की दुनिया और उसके बाज़ार के बारे में बात एक खास वजह से कर रहे हैं। क्योंकि हम बात कर रहे हैं टीवी विज्ञापन की दुनिया में एक ऐसे 'पुश' की जो वाकई 'सिल्वर' है। टीवी भले न रुपहले पर्दे की तरह हो पर यह तय है कि आज उसकी ताकत रुपहले पर्दे से कम नहीं।

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सिल्वर पुश

‘सिल्वर पुश’--एक ऐसा ‘पुश’ जो किसी भी कंपनी की किस्मत चमका दे, एक ऐसा संस्थान जो दूसरी कंपनियों की मार्केटिंग और सेल्स को पहले से बेहतर करने में मददगार है। दुनियाभर की कंपनियां ‘सिल्वर पुश’ का इस्तेमाल कर उपभोक्ताओं के मन मिज़ाज को समझ सकते हैं और उस हिसाब से अपनी कंपनी का टर्नओवर बढ़ाने के लिए ज़रूर कदम उठा सकते हैं। असल में ‘सिल्वर पुश’ टेलीविजन पर दिखाए जाने वाले विज्ञापनों का गहराई से अध्ययन करती है और मोबाइल के ज़रिए ऐसे आंकड़ें इकठ्ठा करती है कि किस विज्ञापन का असर लोगों पर पड़ा और कितना पड़ा। सीधे शब्दों में कहें तो सिल्वर पुश उपभोक्ताओं और विज्ञापन के बीच मोबाइल के ज़रिए एक सेतु का काम करता है और यह बताने में सक्षम है किस विज्ञापन का कितना असर हुआ।

हितेश चावला

हितेश चावला


सिल्वर पुश की शुरुआत

सिल्वर पुश की शुरुआत हितेश चावला और मुदित सेठ ने मिलकर की। योर स्टोरी से बातचीत के दौरान को-फाउंडर हितेश चावला ने बताया कि “हम कुछ अलग करने की कोशिश कर रहे थे। लगातार कोशिश में थे कि कुछ नया किया जाए। तभी आइडिया आया कि क्यों न टेलीविजन विज्ञापन के आंकड़ों और उससे उपभोक्तों पर होने वाले असर के बारे में कुछ किया जाए। टेलीविजन विज्ञापन का असर उपभोक्ताओं पर कितना पड़ता है, इस दिशा में काम किया जाए। लगभग तीन साल पहले अक्टूबर 2012 में हमने सिल्वर पुश की शुरुआत की।”

मुदित सेठ

मुदित सेठ


हितेश ने योर स्टोरी को बताया- “2004 में आईआईटी दिल्ली से निकलने के बाद अलग-अलग जगहों पर काम करने के बाद 2011 में वाइज़असिस्ट नाम की कंपनी की शुरुआत की। इस दौरान एक प्रोडक्ट वाइज़टच भी बनाया, जो आउटडोर मीडिया, स्क्रीन और टेबलेट्स के लिए सेंट्रलाइज़ प्लेटफॉर्म का काम करता था। इसी दौरान सिल्वर पुश का आइडिया आया। हितेश का ये भी कहना है- “असल में लगा कि कोई ऐसा काम करें जिसमें आम लोगों को जोड़ा जाए और बाज़ार का भी ध्यान रखा जाए। चूंकि टीवी इंडस्ट्री में पैसा काफी है और इसमें नया करने के लिए बहुत कुछ था इसलिए हमने इस दिशा में काम करना शुरू किया।

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सिल्वर पुश में निवेश

सिल्वर पुश का दावा है कि स्मार्टफोन और 6-7अप्लीकेशन के ज़रिए उन्होंने अबतक 18 मिलियन उपभोक्ताओं तक अपनी पहुंच बनाई है। जहां तक निवेश का सवाल है सिल्वर पुश के संस्थापकों को शुरू में अपनी जेब से पैसे लगाने पड़े। फिर धीरे-धीरे इनकी पहुंच निवेशकों तक होने लगी। और देखते ही देखते इनका आइडिया कई निवेशकों को अपनी तरफ खींचने लगा। फिल्म निर्माता और स्टार्टअप्स में निवेश करने वाले रॉनी स्क्रूवाला की कंपनी यूनीलेज़र ने सिल्वर पुश में निवेश किया। इसके अलावा आईडीजी वेंचर, 500 स्टार्टअप्स ने भी सिल्वर पुश में निवेश किया है।

विज्ञापन कंपनियों को आंकड़े

योर स्टोरी के साथ बातचीत में सिल्वर पुश के को-फाउंडर हितेश चावला ने बताया कि आंकड़ा इकठ्ठा करने का काम निहायत ही ऑर्गनाइज़ तरीके से किया जाता है। अगर विज्ञापन कंपनियों को ज़रूरत होती है तो सिल्वर पुश उन्हें रोज़ान भी आंकड़ें मुहैया कराता है। इन आंकड़ों की सत्यता ही सिल्वर पुश की सबसे बड़ी पूंजी है और यही वजह है कि आज हर बड़ा ब्रैंड या विज्ञापन कंपनियां सिल्वर पुश के साथ जुड़ी हैं। आंकड़े जुटाने का काम बहुत ही सावधानी और तकनीकी तौर पर निहायत ही सक्षम तरीके से किया जाता है।

भविष्य की योजनाएं

सिल्वर पुश ने अपना आकार बढ़ाया है। देशभर में अपनी मजबूत साख बनाने के बाद अब ये विदेशों में भी विज्ञापन कंपनियों के साथ काम करने की तैयारी कर रही है। हितेश का कहना है कि उनकी कंपनी फिलिपीन्स में भी काम कर रही है। भविष्य में अमेरिका और यूरोप के देशों में भी विस्तार की योजना है।

ज़ाहिर है अलग सोच और उसे दृढ़ता और ईमानदारी के साथ निभा पाने की हिम्मत की बदौलत ही सिल्वर पुश तीन वर्षों में आज इस मकाम पर है।

वेबसाइट- http://www.silverpush.co/#!/



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