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आभूषण विक्रेताओं पर कर विभाग की कड़ी नजर

15th Nov 2016
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सरकार के 500, 1000 रपये के नोट बंद करने के फैसले के बीच कालेधन का उपयोग आभूषण खरीद में किये जाने पर कर अधिकारियों की कड़ी नजर है। इस बात को लेकर नजर है कि कहीं बिना पैन दर्ज किये बड़ी संख्या में पुराने नोटों से दो लाख रपये से कम की कई किस्तों में आभूषणों की बिक्री तो नहीं की जा रही है।सरकार के पुराने बड़े मूल्य वर्ग के नोटों को अमान्य करने के बाद अवैध धन को खपाने का सोना, चांदी की खरीद को सबसे उपयुक्त तरीका माना जा रहा है। पिछले सप्ताह जैसे ही सरकार ने यह फैसला किया सोना 50,000 रपये प्रति 10 ग्राम के भाव तक बिकने के समाचार हैं जबकि बाजार मूलय 31,000 रपये के आसपास बना हुआ है। कालेधन को खपाने के लिये अवैध राशि में 20 से 40 प्रतिशत कटौती की भी बात सामने आई है।

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केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड :सीबीडीटी: के चेयरमैन सुशील चंद्रा ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘दो लाख रपये से अधिक के आभूषण खरीदने पर खरीदार का स्थायी खाता संख्या :पैन: दर्ज करना जरूरी है। हम इस मामले में सर्राफा कारोबारियों पर नजर रखे हुये हैं कि पैन का उल्लेख नहीं करने के लिये कहीं वह आभूषणों की बिक्री दो लाख रपये से कम रखने के लिये कई टुकड़ों में तो नहीं कर रहे हैं’’ उन्होंने कहा कि जहां कहीं भी इस नियम का उल्लंघन होता दिखेगा उनपर जरूरी कारवाई की जायेगी और जुर्माना लगाया जायेगा। 

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