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15 साल के संकेत रेप के खिलाफ समाज को जागरूक करने के लिए साइकिल से कर रहे मुंबई की यात्रा

23rd May 2018
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संकेत महर्षि बेंगलुरू से मुंबई तक साइकिल चलाकर छेड़खानी के खिलाफ जागरूकता फैलाने का काम कर रहे हैं। वह 'स्पीक आउट' नाम से कैंपेन चलाते हैं। संकेत एक बाल कलाकार भी हैं। वे समाज में अपना संदेश देने के लिए साइकिलिंग और संगीत, चित्रकारी का भी सहारा लेते हैं।

संकेत महर्षि

संकेत महर्षि


संकेत की मां रामा का कहना है कि छेड़खानी और रेप का मामला काफी गंभीर है। इस पर बात करने की जरूरत है कि आखिर हमारा समाज किस दिशा में जा रहा है। उन्हें खुशी है कि उनका बेटा ऐसी पहलें आयोजित कर रहा है।

'किशोरावस्था समाज में घुलने मिलने और बहुत कुछ सीखने का वक्त होता है, न कि किसी को छेड़ने का' , ये कहना है बेंगलुरु के रहने वाले 15 वर्षीय संकेत महर्षि का, जो बेंगलुरू से मुंबई तक साइकिल चलाकर छेड़खानी के खिलाफ जागरूकता फैलाने का काम कर रहे हैं। वह 'स्पीक आउट' नाम से कैंपेन चलाते हैं। संकेत एक बाल कलाकार भी हैं। वे समाज में अपना संदेश देने के लिए साइकिलिंग, संगीत और चित्रकारी का भी सहारा लेते हैं। उन्होंने बीते सप्ताह पेंटिंग्स पर आधारित कैंपेन शुरू किया, जिसके तहत लोगों को इकट्ठा कर एक गाना भी तैयार किया। संकेत जब सिर्फ 3 साल के थे तब से पेंटिंग कर रहे हैं।

संकेत ने बीते 21 मई को बेंगलुरू से मुंबई के लिए साइकिल से सफर शुरू किया है। द न्यूज मिनट के मुताबिक वे रास्ते भर लोगों से मिलेंगे और छेड़खानी और शारीरिक उत्पीड़न जैसी समस्याओं पर बात करेंगे। संकेत 2 जून को मुंबई पहुंचेंगे। उन्होंने कहा, 'मेरी मां काउंसलर के तौर पर काम करती हैं। उनके पास शारीरिक उत्पीड़न और छेड़खानी के कई मामले आते हैं। यहां तक कि मेरे कई दोस्तों को भी इसका सामना करना पड़ा। ये बात मुझे अंदर तक हिला कर रख देती है। इसलिए मैंने फैसला लिया कि मैं समाज में इन सारी बातों को लेकर जागरूकता फैलाऊंगा और पीड़ितों को सामने लाकर उन्हें अपना अनुभव साझा करने के लिए प्रोत्साहित करूंगा।'

संकेत अपने पिता जॉन और मां रामा के साथ बेंगुलुरू की प्रसिद्ध इलेक्ट्रॉनिक सिटी में रहते हैं। उनके पिता जॉन ने कहा, 'अभी हाल ही में उन्नाव और कठुआ में हुई रेप की वीभत्स घटनाओं ने मेरे बेटे को विचलित कर दिया। समाज में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए हमें लोगों को जागरूक करने की जरूरत है और संकेत वही कर रहा है।' वहीं संकेत की मां रामा का कहना है कि छेड़खानी और रेप का मामला काफी गंभीर है। इस पर बात करने की जरूरत है कि आखिर हमारा समाज किस दिशा में जा रहा है। उन्हें खुशी है कि उनका बेटा ऐसी पहलें आयोजित कर रहा है।

संकेत ने शोमी बनर्जी से पेंटिंग सीखी और वह पेंटिंग को समाज में जागरूकता लाने के लिए एक टूल के तौर पर प्रयोग कर रहा है। संकेत की पेंटिंग में गाढ़े काले और लाल रंग का इस्तेमाल होता है जो कि पीड़ित का प्रतिनिधित्व करते हैं। बेंगलुरु में कैंपेन में शामिल हुए एक आर्टिस्ट ने कहा, 'संकेत अभी एक बालक है और रेप जैसी समस्याएं काफी गंभीर प्रवृत्ति की हैं। लेकिन इस मुद्दे को लेकर अधिक से अधिक लोगों के बीच बात करने की जरूरत है। किसी एक इंसान के कुछ करने से बदलाव नहीं आएगा बल्कि इसके लिए पूरे समाज को एकजुट होना पड़ेगा।'

संकेत ने अपनी साइकिल यात्रा के बारे में बताते हुए कहा, 'साइकिल से चलते हुए आप अपने आस पास के लोगों से मिल सकते हैं और उनसे बात कर सकते हैं। यह काम आप गाड़ी चलाते हुए नहीं कर सकते। इसके साथ ही साइकिल हमारे पर्यावरण और समाज के लिए कई तरह से फायदेमंद है। इससे आप मानसिक और शारीरिक रूप से फिट भी रहते हैं।' संकेत ने अपने इस कैंपने के लिए बॉलिवुड के डायरेक्टर सुकांत पनिगढ़ी की भी मदद ली। पनिगढ़ी ने कहा, 'समाज में महिलाओं पर सदियों से अत्याचार किया जाता रहा है और अक्सर महिलाएं अपने हक के लिए आवाज नहीं उठातीं। उन्हें बोलने की जरूरत है।'

बेंगलुरु के लोगों ने संकेत की पहल का स्वागत किया और उसकी हौसलाफजाई भी की। लेखक संध्या मेंडोनका ने कहा कि समाज में युवा ही बदलाव लाता है और उन्हें इसके लिए प्रोत्साहित करने की जरूरत है। उनका प्रयास समाज में बड़ा बदलाव ला सकता है। संकेत ने कहा कि अभी ये उनकी शुरुआत है। आने वाले समय में वे कला के कई अन्य माध्यमों के इस्तेमाल से अपनी पहल को आगे बढ़ाएंगे।

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