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बदल गया गूगल ट्रांसलेशन का रूप, जुड़े ऑफलाइन समेत ये नए फीचर्स

26th Sep 2017
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हम आपको इसके कुछ नए फीचर्स के बारे में बताने जा रहे हैं जो ट्रैवलर्स, स्टूडेंट्स और प्रफेशनल्स के लिए भी मददगार साबित होगा। इसमें से एक फीचर यह भी है कि ऐप इंस्टैंट विजुअल ट्रांसलेशन की सुविधा दे रहा है। 

सांकेतिक तस्वीर (साभार- सोशल मीडिया)

सांकेतिक तस्वीर (साभार- सोशल मीडिया)


इसके अलावा यूजर को मैसेज ट्रांसलेट करने के लिए उसे पूरा कॉपी पेस्ट करने की भी जरूरत नहीं होगी। इसमें एक नया फीचर जोड़ा गया है जिसका नाम दिया गया है एसएमएस ट्रांसलेशन फीचर।

ऑफलाइन ट्रांसलेशन फीचर को इस्तेमाल करने के लिए आपको पहले से ही संबंधित भाषा का पैक डाउनलोड करना पड़ेगा। इससे फिर इंटरनेट की जरूरत खत्म हो जाएगी।

गूगल अपने लैंग्वेज ट्रांसलेट टूल को और भी ज्यादा सटीक और नैचुरल बनाना चाहता है। इसीलिए कंपनी आर्टिफिशल इंटेलिजेंस पर काम कर रही है। सरल शब्दों में कहें तो यह शब्द से ज्यादा आपके लिए ट्रांसलेट कर सकेगा। गूगल के मुताबिक अभी तक ट्रांसलेट सिस्टम पूरे वाक्य को एक ही बार में ट्रांसलेट कर देता था। लेकिन अब यह उसे टुकड़ों में बांटकर सही से ट्रांसलेट करेगा इससे सेंटेंस को समझने में काफी मदद मिलेगी। इससे ट्रांसलेट और भी ज्यादा नैचुरल लगेगा। गूगल इसे और भी ज्यादा तेजी से और कई सारी भाषाओं में ट्रांसलेशन उपलब्ध करवाने की तैयारी कर रहा है। यह 103 भाषाओं को सपोर्ट करता है। इसमें 9 भारतीय भाषाएं हिंदी, बांग्ला, मराठी, तमिल, तेलुगू, गुजराती, पंजाबी, मलयालम और कन्नड़ भी शामिल है।

हम आपको इसके कुछ नए फीचर्स के बारे में बताने जा रहे हैं जो ट्रैवलर्स, स्टूडेंट्स और प्रफेशनल्स के लिए भी मददगार साबित होगा। इसमें से एक फीचर यह भी है कि ऐप इंस्टैंट विजुअल ट्रांसलेशन की सुविधा दे रहा है। इससे यूजर किसी भी शब्द की फोटो खींचकर उसका ट्रांसलेशन कर सकेंगे। इससे उन्हें उस शब्द को टाइप करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। अभी तक यह फीचर केवल इकलौती भारतीय भाषा हिंदी के लिए काम करता था, लेकिन अब यह बाकी सात भारतीय भाषाओं के लिए भी काम करेगा। जिसमें बांग्ला, गुजराती, हिंदी, तमिल, तेलुगू, कन्नड़ और उर्दू भी शामिल है।

गूगल ट्रांसलेट यूजर्स अब ऑफलाइन ट्रांसलेशन का भी मजा ले सकेंगे। यह सुविधा भी इन सभी भाषाओं में उपलब्ध रहेगी। ऑफलाइन ट्रांसलेशन फीचर को इस्तेमाल करने के लिए आपको पहले से ही संबंधित भाषा का पैक डाउनलोड करना पड़ेगा। इससे फिर इंटरनेट की जरूरत खत्म हो जाएगी। गूगल ने इसमें एक और मोड जोड़ा है जिसे कन्वर्सेशन मोड कहा जाएगा। इसके साथ यूजर्स ट्रांसलेट ऐप के साथ दो भाषाओं में बात कर सकेंगे। इस फीचर का इस्तेमाल करने के लिए आपको माइक ऑन करके सलेक्टेड लैंग्वेज में बोलना है, जिसके बाद यह ऐप ऑटोमैटिक वॉयस समझकर सलेक्टेड वॉयस के अनुसार ट्रांसलेशन करेगा।

गूगल के वर्ल्ड लेंस फीचर कंटेंट ट्रांसलेशन का एक नया अनुभव है। जिसके साथ यूज़र्स फोन का कैमरा इस्तेमाल करके किसी विशेष शब्द को ट्रांसलेट कर सकेंगे यह फीचर ट्रैवलर्स के लिए काफी फायदेमंद साबित होगा। अब ट्रांसलेशन का मजा लेने के लिए ऐप डाउनलोड करने की बाध्यता भी खत्म कर दी गई है। अगर आपके स्मार्टफोन में गूगल का ट्रांसलेशन ऐप नहीं है तो भी आप गूगल क्रोम एक्सटेंशन, गूगल ऐप और गोबोर्ड ऐप के जरिए ट्रांसलेशन पा सकते हैं। इसके अलावा यूजर को मैसेज ट्रांसलेट करने के लिए उसे पूरा कॉपी पेस्ट करने की भी जरूरत नहीं होगी। इसमें एक नया फीचर जोड़ा गया है जिसका नाम दिया गया है एसएमएस ट्रांसलेशन फीचर। जिसके जरिए पूरा इनबॉक्स ही ऐप में दिखेगा। इससे सीधे किसी भी मैसेज को ट्रांसलेट किया जा सकेगा। 

यह भी पढ़ें: सरकारी स्कूल के बच्चों को साइंस पढ़ाने के लिए इस युवा ने छोड़ दी लाखों की नौकरी

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