16 साल की जलवायु एक्टिविस्ट ग्रेटा बनीं टाइम पर्सन ऑफ द इयर, यह सम्मान पाने वालीं दुनिया की सबसे कम उम्र की शख्सियत

By yourstory हिन्दी
December 13, 2019, Updated on : Fri Dec 13 2019 05:31:31 GMT+0000
16 साल की जलवायु एक्टिविस्ट ग्रेटा बनीं टाइम पर्सन ऑफ द इयर, यह सम्मान पाने वालीं दुनिया की सबसे कम उम्र की शख्सियत
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16 साल की स्वीडिश जलवायु एक्टिविस्ट ग्रेटा थनबर्ग को टाइम मैगजीन ने साल 2019 के लिए पर्सन ऑफ द इयर चुना है। इसके साथ ही वह इस सम्मान को पाने वाली सबसे कम उम्र की शख्सियत बन गई हैं।

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फोटो: Shutterstock

पर्यावरण को लेकर अपने आंदोलनों और अपने एग्रेसिव भाषणों के लिए पूरी दुनिया में पहचान बना चुकीं ग्रेटा थनबर्ग को दुनिया की सबसे प्रतिष्ठित मैगजीन टाइम ने सम्मानित किया है। 16 साल की स्वीडिश जलवायु एक्टिविस्ट ग्रेटा थनबर्ग को टाइम मैगजीन ने साल 2019 के लिए पर्सन ऑफ द इयर चुना है। इसके साथ ही वह इस सम्मान को पाने वाली सबसे कम उम्र की शख्सियत बन गई हैं।


अमेरिका की प्रसिद्ध मैगजीन टाइम ने ग्रेटा को इस सम्मान से नवाजा। ग्रेटा से पहले इस अवॉर्ड को पाने वाली सबसे कम उम्र की शख्सियत का नाम चार्ल्स लिंडबर्ग के नाम था जिन्हें साल 1927 में टाइम पर्सन ऑफ द इयर के अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था। 


ग्रेटा इसी साल सितंबर में चर्चा में आई थीं जब उन्होंने संयुक्त राष्ट्र जलवायु सम्मेलन में शक्तिशाली देशों के अध्यक्षों को निशाने पर लिया था। वहां पर उनका हाउ डेयर यू भाषण वाला विडियो काफी वायरल हुआ था।


उस वायरल भाषण में दुनिया के बड़े नेताओं के सामने ग्रेटा ने कहा था,

'आपने अपनी खोखली बातों से मेरे सपने और मेरा बचपन छीना है। लोग मर रहे हैं, वे त्रस्त हैं। पूरा पर्यावरण खत्म हो रहा है। हाउ डेयर यू।'


इसके अलावा भी वह कई बड़े मंचों पर अपनी बात रख चुकी हैं। इसी साल जनवरी में उन्हें दावोस में हुए वर्ल्‍ड इकनॉमिक फोरम में बुलाया गया। ग्रेटा का जन्म 3 जनवरी 2003 को हुआ था। 


टाइम का ट्वीट,

ग्रेटा के बारे में कहा जाता है कि वह बचपन से ही पर्यावरण को लेकर काफी जागरूक रही हैं। पूरी दुनिया को पर्यावरण रक्षा के लिए जागरूक करने की शुरुआत उन्होंने अपने घर से की थी। उन्होंने अपने माता-पिता से जीवनशैली बदलने के लिए कहा। इसमें शाकाहारी खाने, जानवरों की खाल से बनी चीजों का उपयोग बंद करने, एयरोप्लेन का प्रयोग बंद करने जैसे बदलाव शामिल थे।


टाइम पर्सन ऑफ द इयर चुने जाने पर ग्रेटा ने ट्विटर पर लिखा,

'वाह, यह अविश्वसनीय है। मैं इस बड़े सम्मान को फ्राइडे फॉर फ्यूचर मुहिम के सभी साथियों और बाकी सभी जलवायु एक्टिविस्टों के साथ शेयर करती हूं।'


ग्रेटा का ट्वीट, 

बीबीसी में छपी एक खबर के मुताबिक, ग्रेटा ने साल 2018 में लोगों के बीच जलवायु परिवर्तन को लेकर जागरूकता पैदा करने के लिए स्वीडन की संसद के बाहर प्रदर्शन करते हुए हर शुक्रवार कोई अपना स्कूल छोड़ा था। इसी मुहिम को #FridayForFuture के नाम से जाना गया जो बाद में विश्व के कई देशों में फैली। उन्हें यह सम्मान देते हुए टाइम मैगजीन के एडिटर ने कहा कि इस दौर में क्लाइमेंट चेंज पूरी दुनिया के लिए सबसे बड़ा और जरूरी मुद्दा है और ग्रेटा थनबर्ग इस मुद्दे को प्रमुखता से उठा रही हैं। 


हालांकि उन्हें लेकर दुनिया की बड़ी हस्तियां दो भागों बंट गई हैं। एक उनके समर्थन में है तो दूसरे का मानना है कि ग्रेटा को मीडिया से कुछ ज्यादा अटेंशन मिल रहा है। उनको निशाने पर लेने वालों में अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप सबसे आगे हैं।


ग्रेटा को टाइम पर्सन ऑफ द इयर घोषित किए जाने पर ट्रंप ने ट्वीट कर लिखा,

'बहुत हास्यापद। ग्रेटा को अपने गुस्से पर नियंत्रण वाली समस्या पर काम करना चाहिए। उसके बाद किसी दोस्त से साथ अच्छी पुरानी फैशन मूवी देखने जाना चाहिए। शांत रहो ग्रेटा, शांत।' 

ट्रंप का ट्वीट,

ये हैं पिछले 10 टाइम पर्सन ऑफ द इयर


2019- ग्रेटा थनबर्ग

2018- द गार्जियन्स

2017- द साइलेंस ब्रेकर्स

2016- डॉनल्ड ट्रंप

2015- एंजेला मॉर्केल

2014- इबोला फाइटर्स

2013- पोप फ्रांसिस

2012- बराक ओबामा

2011- द प्रोटेस्टर्स

2010- मार्क जुकरबर्ग