संस्करणों
विविध

मिलिए फॉर्च्यून 50 ग्रेटेस्ट लीडर लिस्ट 2018 में जगह बनाने वाले तीन भारतीयों से

वो तीन भारतीय जिन्होंने अपने काम से किया दुनिया भर में देश का नाम रौशन...

yourstory हिन्दी
26th Apr 2018
Add to
Shares
5
Comments
Share This
Add to
Shares
5
Comments
Share

हाल ही में फॉर्च्यून 50 ग्रेटेस्ट लीडर 2018 की लिस्ट जारी की गई है जिसमें तीन भारतीयों को शामिल किया है। इन तीनों ने अपने-अपने कामों से न केवल अपना बल्कि दुनिया में भारत का नाम रौशन किया है। 

बालकृष्ण दोशी, इंदिरा जयसिंह और मुकेश अंबानी

बालकृष्ण दोशी, इंदिरा जयसिंह और मुकेश अंबानी


 रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी, मानवाधिकार वकील इंदिरा जयसिंह और प्रसिद्ध वास्तुकार बालकृष्ण दोशी ने सूची में ऐप्पल चीफ एक्जीक्यूटिव टिम कुक, न्यूजीलैंड के प्रधान मंत्री जैकिंडा अर्र्डन और फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमानुअल मैक्रॉन के साथ स्थान पाया है।

अभी हाल ही में फॉर्च्यून 50 ग्रेटेस्ट लीडर 2018 की लिस्ट जारी की गई है जिसमें तीन भारतीयों को शामिल किया है। इन तीनों ने अपने-अपने कामों से न केवल अपना बल्कि दुनिया में भारत का नाम रौशन किया है। रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी, मानवाधिकार वकील इंदिरा जयसिंह और आर्किटेक्ट बालकृष्ण दोशी फॉर्च्यून पत्रिका के 2018 सूची के हालिया 50 महानतम नेताओं में शामिल किए गए हैं।

इंदिरा जयसिंह

भारतीय सांसद और लॉयर कलेक्टिव की संस्थापक इंदिरा जयसिंह को मुकेश अंबानी से ऊपर 20वे स्थान पर रखा गया है। इंदिरा जयसिंह ने 1984 में भोपाल गैस कांड का शिकार बने लोगों का केस लड़ा है। उनके करियर ने सीरियाई ईसाई महिलाओं के जैसे ऐतिहासिक मामलों को देखा है, और वह भारत के पहले घरेलू हिंसा कानून को तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। रोहिंग्या मुसलमानों के उत्पीड़न की जांच के लिए उन्हें हाल ही में संयुक्त राष्ट्र द्वारा नियुक्त किया गया था। फॉर्च्यून के मुताबिक "जब भारत में सबसे गरीब को आवाज की आवश्यकता होती है, तो उन्हें जयसिंह में एक वकील मिल जाता है। एक वकील जिसने अन्याय से जूझने के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया है।"

मुकेश अंबानी

इन तीनों भारतीयों ने फॉर्च्यून पत्रिका के 50 महानतम नेताओं के उस अंक में शामिल किय गया है जो "विचारकों, वक्ताओं और कर्ताओं को समर्पित है। जो आज की चुनौतियों को पूरा करने के लिए कदम उठा रहे हैं।" रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी, मानवाधिकार वकील इंदिरा जयसिंह और प्रसिद्ध वास्तुकार बालकृष्ण दोशी ने सूची में ऐप्पल चीफ एक्जीक्यूटिव टिम कुक, न्यूजीलैंड के प्रधान मंत्री जैकिंडा अर्र्डन और फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमानुअल मैक्रॉन के साथ स्थान पाया है। हाल ही में अपना 61वां जन्मदिन मनाने वाले अंबानी ने जिओ के साथ एक क्रांतिकारी डेटा योजना लाने के दो साल से भी कम समय में 24वें स्थान पर कब्जा किया है। पूरी दुनिया में आईपी-आधारित होने वाला पहला मोबाइल नेटवर्क, रिलायंस जियो ने भारत में इंटरनेट खपत को फिर से परिभाषित किया।

इस सफलता का राज क्या है? जिओ बहुत-सस्ता डेटा और मुफ्त कॉल (और उन्हें प्रसारित करने वाले बुनियादी ढांचे में अरबों डॉलर की खर्च करना) प्रदान करता है। जिओ-फिकेशन नामक प्रभाव ने भारत के उच्च मूल्य वाले वाहकों (नेटवर्क प्रदाता) को लागत कम करने के लिए प्रेरित किया है। और भारत की मासिक डेटा खपत में 1,100 फीसदी की वृद्धि हुई है।

बालकृष्ण दोशी

देश के सबसे प्रसिद्ध आर्किटेक्ट्स में से एक, बालकृष्ण दोशी को 43वें स्थान पर रखा गया है। प्रित्जकर पुरस्कार के प्राप्तकर्ता ने वास्तुकला के क्षेत्र में 70 साल बिताए हैं और उन्हें अक्सर "गरीबों का वास्तुकार" कहा जाता है। बता दें कि भारत के मशहूर आर्किटेक्ट बालकृष्ण दोशी को नोबल पुरस्कार के बराबर माने जाने प्रतिष्ठित 'प्रित्जकर' पुरस्कार से पहले ही सम्मानित किया जा चुका है। आपको बता दें कि इस साल की सूची में बिल और मेलिंडा गेट्स, टेनिस सनसनी सेरेना विलियम्स, जनरल मोटर्स सीआरओ मैरी बररा, टेनसेंट सीईओ हुआतेंग 'पोनी' मा और हॉलीवुड अभिनेता रीज विदरस्पून जैसे नाम शामिल थे।

यह भी पढ़ें: मशीन लर्निंग के माध्यम से ट्रेनों में होने वाली देरी और समय की सही जानकारी दे रहा है ये स्टार्टअप 

Add to
Shares
5
Comments
Share This
Add to
Shares
5
Comments
Share
Report an issue
Authors

Related Tags

Latest Stories

हमारे दैनिक समाचार पत्र के लिए साइन अप करें