ड्रापआउट्स ने डेवलप किया सोशल नेटवर्किंग का डिजाइन

By Pooja Goel
March 30, 2015, Updated on : Thu Sep 05 2019 07:20:58 GMT+0000
 ड्रापआउट्स ने डेवलप किया सोशल नेटवर्किंग का डिजाइन
गेम तैयार करते-करते बना डाली सोशल साइट ‘स्मार्टिकन’लुसियाना विश्वविद्यालय में गेम डवलपमेंट की कर रहे थे पढ़ाईबिना अपनी पहचान उजागर किये कर सकते हैं विचार साझाचार युवाओं की टीम लगी हुई है नेटवर्किंग की दुनिया को बदलने में
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आज सूचना प्रौद्योगिकी का युग है और दिन-प्रतिदिन दुनिया बहुत छोटी होती जा रही है। आज का युवा अपने विचारों को सोशल मीडिया के जरिये एक दूसरे तक आसानी से पहुंचा रहा है और अपना काफी समय इसपर गुजार रहा है। ऐसे में कुछ युवा इस सोशल मीडिया की दुनिया में क्रांति लाने के लिये प्रयासरत हैं और इसका प्रयोग विषय आधारित नेटवर्किंग के रूप में करने के लिए प्रतिबद्ध होकर काम कर रहे हैं। युवाओं का ऐसा ही एक समूह सामने लाया है सोशल नेटवर्किंग का एक नया मंच ‘स्मार्टिकन’।

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ऐसे की कुछ युवाओं ने 2012 में एक समूह बनाया और मोशन पंच स्टूडियो की नींव रखी। आस्था अलमस्त, चरक अलमस्त, अभिषेक पुरी और मणिदेव का शुरू में इरादा स्मार्टफोन के लिये गेम्स तैयार करने का था लेकिन सोशल मीडिया की दुनिया में आई क्रांति ने इनका रास्ता बदल दिया और इन्होंने इस दिशा में कुछ नया करने की ठानी।

अमरीका के प्रसिद्ध लुसियाना विश्वविद्यालय से कंप्यूटर साइंस में गेम्स डवलपमेंट में एमए कर रहे दो छात्रों चरक अलमस्त और मणिदेव ने पढ़ाई के दौरान मोशन पंच स्टूडियों की नींव रखी। शुरू से ही मेधावी इन दोनों छात्रों ने अपनी पढ़ाई के दौरान ही कमाल दिखाने शुरू कर दिये थे। कॉलेज के दूसरे वर्ष में इनके द्वारा तैयार किया गया गेम इनके कॉलेज के डीन को बहुत पसंद आया।

अपनी कंपनी और प्रोजेक्ट के बारे में बात करते हुए आस्था अलमस्त बताती हैं कि आईआईएम कोलकाता से स्नातक करने के बाद वे जीवन में कुछ नया करना चाहती थीं। ‘‘इसी दौरान मैंने इन लोगों के साथ मिलकर ‘एंग्री बर्ड’ नामका एक नया गेम तैयार किया जो काफी सफल रहा। इसके बाद हम लोगों ने सफलतापूर्वक दूसरा गेम तैयार किया। तीसरा गेम तैयार करते समय हमने विचार किया कि क्यों न हम एक सोशल नेटवर्किंग साइट तैयार करें और इस तरह स्मार्टिकन की नींव पड़ी।’’

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आस्था आगे बताती हैं कि ‘‘इस दौरान हमनें महसूस किया था कि भारत में सोशल नेटवर्किंग साइटों का इस्तेमाल करने वालों की संख्या में खासा इजाफा हो रहा है और ये उपलब्ध साइट युवाओं को कुछ खास नहीं दे पा रही हैं। अगर आप एक विचार पर या सिर्फ एक विषय पर एक चर्चा करना चाहते हैं तो स्थान सीमित है। इसके अलावा आप जो सामग्री दूसरों के साथ साझा करते हैं वह सिर्फ आपके मित्रों या अधिक से अधिक मित्रों के मित्रों तक ही पहुंच पाती है। इन सब चीजों ने हमें ‘स्मार्टिकन’ को तैयार करने की प्रेरणा दी।’’

आस्था आगे जोड़ती हैं कि स्मार्टिकन के जरिये युवा सोशल नेटवर्किंग साइट पर अपनी बात को सही मंच तक आसानी से पहुंचा सकते हैं। दूसरों के साथ अपनी बातें साझा करने के लिये उपयोगकर्ता को दूसरी साइटों से अधिक आजादी मिलती है। ‘‘इसके अलावा स्मार्टिकन दुनियाभर के लोगों को अपने साथ जोड़ता है और इसपर दूसरों के साथ साझा करने के लिये सामग्री की भरमार है।’’

मोशन पंच स्टूडियो की टीम के बारे में बात करते हुए आस्था बताती हैं कि इसके चार संस्थापकों में से तीन अपने कॉलेज की पढ़ाई पूरी नहीं कर पाए और कुछ कारणों उन्हें पढ़ाई बीच में ही छोड़नी पड़ी। सिर्फ आस्था ने ही अपनी पढ़ाई पूरी की है। ‘‘चरक और मणिदेव कॉलेज में अपने साथियों के मुकाबले काफी आगे की सोच रखते थे और जब गेमिंग की दुनिया में तेजी आई तो उन्होंने पढ़ाई बीच में ही छोड़ दी और नए गेम तैयार करने के काम में लग गए। अभिषेक पुरी ने भी कानून की पढ़ाई बीच में छोड़ी और हमारे साथ जुट गए। हम सब स्मार्टिकन का हिस्सा सिर्फ इसलिये हैं क्योंकि सब अपने काम से बहुत प्यार करते हैं और ये मानते हैं कि आने वाला जमाना सूचना प्रौद्योगिकी का है। ’’

स्मार्टिकन की नींव जनवरी 2013 में रखी गई और टीम ने रात-दिन एक करते हुए नवंबर 2013 तक के कम समय में इसको उपयोग के लिये दुनिया के सामने पेश किया। वेब की दुनिया पर आते ही स्मार्टिकन ने छात्रों के सामने आने वाली चुनौतियों के बारे में ऑनलाइन चर्चा शुरू की और जल्द ही उसे काफी सफलता मिली। जल्द ही एक जैसे विचारों वाले कई युवा स्मार्टिकन से जुड़े और आपस में विचार साझा करने लगे जिससे इसे काफी प्रसिद्धि मिली।

अपनी साइट की विशेषता के बारे में बताते हुए आस्था आगे जोड़ती हैं कि, ‘‘हमने पाया था कि अधिकतर सोशल साइटों पर लोग अपने दिल की बात कहने से डरते हैं क्योंकि वहां आपकी पहचान सार्वजनिक होती है। आप स्मार्टिकन पर बिना अपनी पहचान सामने लाए गुमनाम रूप से भी अपने विचार साझा कर सकते हैं।

आस्था आगे जोड़ती हैं ‘‘चूंकि हम कुछ नया करने का प्रयास कर रहे थे इसलिये हमारे साथ कुछ प्रारंभिक चुनौतियां थीं लेकिन हमने उन्हें सफलतापूर्वक पार किया और आज हम दुनिया के सामने हैं। युवा स्मार्टिकन का उपयोग कर रहे हैं और दूसरी सोशल साइटों और इसमें फर्क महसूस कर रहे हैं,’’।

मोशन पंच स्टूडियो की अबतक की उपलब्धियों के बारे में बात करते हुए आस्था बताती हैं कि उन लोगों ने जनवरी 2014 में एमटीवी के प्रसिद्ध कार्यक्रम रोडीज के साथ मिलकर एक नया गेम बनाया है जो काफी प्रसिद्ध हुआ। ‘‘इस ऑनलाइन गेम में आप अपने मनपसंद रोडीज प्रतिभागी के साथ गेम खेल सकते हैं। यह गेम रोडीज के प्रशंसकों में काफी लोकप्रिय है।’’ इसके अलावा ये लोग जल्द ही स्मार्टिकन पर वीडियो चैटिंग की सुविधा भी शुरू करने की तैयारी कर रहे हैं।

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