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अब कंपनियों के लिए योग्य स्टाफ खोजना हुआ आसान, ‘जूल्स टू वॉट’ देगा सही टैलेंट

प्रीति सावंत ने रखी जूल्स टू वॉट की नींव, विभिन्न कंपनियों को टैलेन्ट मुहैया करवातीं हैं ...10 साल से ज्यादा का अनुभव है प्रीति के पास और एक अच्छा क्लाइंट बेस है प्रीति का...जुलाई माह में शुरू हुई कंपनी ने की जोरदार शुरूआत...

Ashutosh khantwal
9th Oct 2015
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हमारे देश में टैलेंट की कोई कमी नहीं है। भारत के छात्र इतने होनहार हैं कि विश्व पटल पर अपनी काबलियत से अपना और देश का नाम रौशन कर रहे हैं। टैलेंन्ट के साथ सबसे बड़ी चीज जो जुड़ी होती है वो है उस टैलेन्ट का सही प्रयोग। कई बार देखा गया है कि कई होनहार छात्र सही मौका न मिलने के कारण अपना सर्वश्रेष्ठ नहीं दे पाते तो वहीं कई बार कई कंपनियों को उनके काम के अनुरूप लोग नहीं मिल पाते। कहने का तात्पर्य है कि सही जगह अगर सही लोग होंगे तो इससे सबका फायदा होगा। आज विभिन्न कंपनियां अलग-अलग तरीकों से लोगों का चयन कर रहीं है। सही कैंडिडेट का चुनाव करना कठिन कार्य तो होता ही है साथ ही इसमे काफी समय भी लगता है इसी समस्या के समाधान हेतु प्रीति सावंत ने ‘जूल्स टू वॉट’ की स्थापना की। जूल्स टू वॉट की शुरूआत जुलाई माह मे हुई और कंपनी एक स्टाफिंग सोल्यूशन फर्म है अर्थात विभिन्न कंपनियों को स्टाफ मुहैया करवाती है। प्रीति बताती हैं कि वे इस कंपनी को टैलेन्ट कोलेबरेशन प्लेटफॉर्म कहलाना ज्यादा पसंद करती हैं। प्रीति को इस क्षेत्र में 10 साल से ज्यादा का अनुभव है और उन्होंने 300 से 350 ग्राहकों के साथ काम किया है, वे काम को बारीकी से जानती हैं। स्टाफिंग में आने वाली छोटी-बड़ी समस्याओं को प्रीति ने काफी करीब से देखा है और अपनी कंपनी शुरू करने के दौरान उन्होंने इन चीजों पर काम किया। 

‘जूल्स टू वॉट’ क्लांइट्स की जरूरतों की काफी करीब से विवेचना करता है और उन पर काम करता है। हर संस्था का एक अलग स्वभाव होता है उसकी जरूरतें अलग होती हैं आप हर किसी को एक तराजू में नहीं तोल सकते प्रीति इन्हीं बारीक चीजों का ध्यान देती हैं और टैलेन्टिड लोगों को कंपनियों के हिसाब से वहां भेजती हैं। कई बार मात्र एक टेलेन्टिड व्यक्ति कंपनी को काफी फायदा पहुंचा देता है तो कई बार बहुत सारे लोग भी किसी कंपनी को सफल नहीं बना पाते इसका मुख्य कारण यही है कि लोगों का चयन करते समय काफी चीजों का ध्यान दिया जाए। हर कंपनी की अलग पॉलिसी होती है उसमे कई लोग फिट नहीं बैठते तो ऐसे में आपको अलग-अलग तरीके अपनाने होते हैं ताकि उन कंपनियों को आप सबसे बेहतरीन छात्र मुहैया करवा पाएं। साथ ही छात्रों को भी ऐसी कंपनी में भेजा जाए जो उनके नेचर की हों तो वे भी वहां अपना सर्वश्रेष्ठ कर पाएंगे और उनका कैरियर ऊंचाइयों को छू पाएगा।

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प्रीति फुल टाइम, कॉन्ट्रेक्ट बेसिस पर कंपनियों को टेलेन्ट मुहैया करवाती हैं। प्रीति बताती हैं कि उन्हें जिस तरह से रिस्पॉन्स मिल रहा है उससे वे काफी उत्साहित हैं और ये उन्हें और बेहतर काम करने की प्रेरणा दे रहा है। प्रीति का काम नया नहीं है पहले भी कई फर्मस ये काम करती आई हैं लेकिन वे और उनकी पूरी टीम इस प्रयास में लगीं हैं कि वे इस काम को पूरी इमानदारी के साथ करें।

भारत में फ्रीलांसिंग और कंसल्टेशन पर ज्यादा तवज्जो नहीं दी जाती लेकिन ‘जूल्स टू वॉट’ लोगों की इस धारणा को बदलना चाहता है। ‘ साहा फंड्स’ और ‘मनीपाल ग्लोबल एजुकेशन सर्विस’ ने जूल्स टू वॉट को फंड दिया है ।


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