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 तीन महिला उद्यमियों की पहल...पल्लवी दुग्गल ने हैशटैग की शुरूआत की...अनीषा दलाला और निराली माल्जी ने कपकेक और क्लोजेट की नींव रखी

14th Apr 2015
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आज फैशन इंडस्ट्री में अनीषा दलाल, निराली माल्जी और पल्लवी दुग्गल जैसी महिला उद्यमियों की अलग पहचान है। फैशन से बेहद लगाव के कारण वे इस क्षेत्र में खींच आईं। लेकिन एक जिद्द के साथ कि फैशन सबकी पहुंच तक आए। पल्लवी दुग्गल ने हैशटैग फैशन शुरू किया, जबकि अनीषा दलाल और निराली माल्जी ने मिलकर कपकेक और क्लोजेट की नींव रखी। पल्लवी कहती हैं- "आपका लक्ष्य दूर दिखाई पड़ सकता है और प्रक्रिया भारी भरकम, लेकिन जरूरत इतनी भर है कि एक समय में एक कदम उठाया जाए।"

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पल्लवी दुग्गल - हैशटैग फैशन

पल्लवी दुग्गल ने नवंबर 2014 में हैशटैग फैशन शुरू किया। उन्होंने महिलाओं को अपनी कमियों की बजाय खूबियों को ध्यान में रखकर कपड़े पहनने और अपने खास लुक के लिए प्रेरित किया। रूढ़िवादी परिवार में पली-बढ़ी पल्लवी दुग्गल ने चार्टेड एकाअंटेड बनने के अपने माता-पिता की इच्छा के विरुद्ध फैशन इंडस्ट्री को अपना कैरियर चुना।

लंदन काॅलेज आॅफ फैशन के स्काॅलरशिप से सफर की शुरूआत की। यहां छह माह कोर्स करने के बाद बेहतर एक्सपोजर केलिए वह पार्सन चली गयीं और वहां ब्लूमिंगडेल्स के इंटर्नशिप से अपना खर्चा जुटाया। इंटर्नशिप करने के बाद पल्लवी वहां नौकरी करने लगीं। वहां उन्होंने व्यापार की योजना, वितरण और वितीय विश्लेषण का काम सीखा। न्यूयार्क में दो साल काम करने के दौरान उन्होंने महसूस किया कि भारतीय बाजारों में सस्ते मगर फैशनेबल कपड़ों का अभाव है।

पल्लवी बताती हैं कि दो वर्षों तक भारत मे अपने सगे-संबंघियों के लिए फैशनेबुल कपड़ों भेजने के क्रम में एयरपोर्ट पर काफी भाड़ा चुकाने तथा इन्हें ढोने के चक्कर में उनके मन में हैशटैग डाॅट इन का विचार कौंधा। पल्लवी को हैशटैग को साकार करने के लिए बजट प्रबंधन, खरीददारी, लाॅजिस्टिक, भंडारण, डिजाइनिंग से लेकर मार्केटिंग तक सभी काम खुद करने पड़े। उन्हें अन्तर्राष्ट्रीय लग्जरी ब्रान्डों के साथ काम करने वाली फैक्ट्रियों के उत्पादों को खरीदना पड़ा। उनका दावा है कि उनके सामान एवं शिल्पकारी किसी भी लग्जरी प्रोडक्ट से मुकाबला कर सकते हैं।

पल्लवी दुग्गल

पल्लवी दुग्गल


यह पूछे जाने पर कि उन्हें कहां से प्रेरणा मिलती है, पल्लवी कहती हैं कि अगर कोई महिला बढ़िया परिधान पहनकर अच्छी दिखती है तो निश्चय ही उसके अंदर आत्मविश्वास पैदा होता है, उन्हें इस आत्मविश्वास से खुशी मिलती है। महिलाओं के चेहरों पर खिली मुस्कुराहट को देखकर उन्हें और भी कठिन परिश्रम करने की प्रेरणा मिलती है।

अनीषा दलाल और निराली माल्जी - कपकेक और क्लोजेट

अनीषा दलाल और निराली माल्जी बचपन की सहेलियां हैं और आज कपकेक और क्लोजेट की सहकर्मी व बिजनेस पार्टनर भी हैं। दोनों लड़कियों के बीच साझा लगाव- फैशन पर टेलीफोन से बातचीत एक फेसबुक पेज के निर्माण पर पहुंची और फिर वहां से ’योर स्टोरी’ तक। अनीषा दलाल और निराली माल्जी को फैशन और बिजनेस प्रबंघन का कोई औपचारिक प्रशिक्षण प्राप्त नही है, फिर भी वे अपनी धुन पर डटी रहीं और 2011 में कपकेक और क्लोजेट शुरू किया।

अनीषा दलाल और निराली माल्जी

अनीषा दलाल और निराली माल्जी


इनलोगों ने कुछ चुनिन्दा उत्पादों के एलबम को अपने फेसबुक पेज पर अपलोड किया। उत्पादों को बहुत अच्छा रेस्पांस मिला और एक दिन में ही सारे उत्पाद बिक गए। यहां उन्हें इस उद्यम में संभावना नजर आई और फैशन के क्षेत्र में बिजनेस करने पर उन्होंने गंभीरतापूर्वक सोचा।

निराली ने बैकिंग एव बीमा तथा कानून में बैचलर डिग्री प्राप्त कर रखी है, जबकि अनीषा के पास केमिकल इंजीनियरिंग की डिग्री है। अनीषा और निराली बताती हैं "हमने महज 20 वर्ष की उम्र में फैशन उद्योग में कदम रखा। हम लोग उद्यमी हैं; हमे कोई अनुभव नहीं था, हमारे पास न तो कोई आॅफिस था और न ही जमा पूंजी थी। हम एमबीए डिग्रीघारी नहीं थे और न ही हमारे पास मदद के लिए ऐसा डिग्रीघारी कोई कर्मचारी था। जोखिम उठाने की हमारी उम्र नहीं थी। बस हम आगे बढ़े और हमने कर दिखाया।"

सही लोगों को काम के लिए चुनने में उन्हें बड़ी परेशानी हुई। आखिरकार उन्हें सही लोग मिल गए और अभी चौथे वर्ष में कपकेक एंड क्लोजेट के पास आठ लोगों की एक मजबूत टीम है। "नियोक्ता के रूप में आपको यह सुनिश्चित करना होता है कि आनेवाले लोग मजे से काम करें क्योंकि उनकी बदौलत ही आज हम इस मुकाम पर पहुंचे हैं। लिहाजा, हम ऐसा माहौल बनाने की कोशिश करते हैं जिसमें सभी परिवार की तरह महसूस करते हैं।"

नये उद्यमियों के लिए अनीषा और निराली की सलाह है- "बेशक, बहुत छोटे स्तर पर काम शुरू करें लेकिन अपने व्यवसाय के हर पहलू में पूर्णता हासिल करने पर जोर दें। समय के साथ पैमाने व परिमाण में भी बढ़ोतरी होगी।"

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