संस्करणों
विविध

सरकार ने तय की सोना रखने की सीमा, विवाहित महिलाएं 500 ग्राम और अविवाहित महिलाएं 250 ग्राम रख सकतीं हैं सोना

नए नियमों के मुताबिक, पुरूष अपने पास 100 ग्राम सोना रख सकते हैं, सरकार ने पैतृक आभूषण और स्वर्ण पर नहीं लगाया है कोई कर

PTI Bhasha
1st Dec 2016
Add to
Shares
2
Comments
Share This
Add to
Shares
2
Comments
Share

सरकार ने कहा है कि संशोधित कर कानून के तहत पैतृक आभूषण और स्वर्ण पर कोई कर नहीं लगेगा। इसके साथ ही घोषित आय या कृषि आय से खरीदे गये सोने पर भी कोई कर नहीं लगाया जाएगा। लोकसभा ने इस सप्ताह की शुरआत में कराधान कानून (दूसरा संशोधन) विधेयक को पारित कर दिया। इसमें कर अधिकारियों द्वारा तलाशी और जब्ती के दौरान खोजी गयी अघोषित संपत्ति पर 85 प्रतिशत कर और जुर्माने का प्रावधान है। संशोधित कानून के दायरे में आभूषणों को भी शामिल किये जाने संबंधी अफवाहों को दूर करते हुए केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने कहा कि सरकार ने आभूषण पर कर लगाने के संदर्भ में कोई नया प्रावधान नहीं जोड़ा है।

सीबीडीटी ने कहा, ‘‘घोषित आय या कृषि आय जैसी छूट प्राप्त आय अथवा उपयुक्त घरेलू बचत अथवा विरासत में मिले आभूषण या सोना जिसके बारे में आय स्रोत की जानकारी है, की खरीद पर न तो मौजूदा प्रावधान और न ही प्रस्तावित संशोधित प्रावधानों के तहत कर लगाया जाएगा।’’ विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि आयकर विभाग द्वारा तलाशी अभियान के दौरान अगर विवाहित महिला के पास 500 ग्राम, प्रत्येक विवाहित महिला के पास 500 ग्राम तथा परिवार के प्रत्येक पुरूष के पास यदि 100 ग्राम सोना और गहने पाये जाते हैं तो उसकी जब्ती नहीं होगी। सीबीडीटी ने स्पष्ट किया है कि ‘‘किसी भी सीमा तक कानूनी रूप से वैध आभूषणों को रखने पर कोई कर नहीं लगेगा और यह पूरी तरह सुरक्षित है।’’

image


विधेयक फिलहाल राज्यसभा में विचाराधीन है। इसमें आयकर कानून की धारा 115 बीबीई में संशोधन का प्रस्ताव किया है जिसके तहत कालाधन रखने वालों पर 60 प्रतिशत की उंची दर से कर तथा उस पर 25 प्रतिशत अधिभार :कुल 75 प्रतिशत: लगेगा। इसमें एक और प्रावधान शामिल किया गया है जिसके तहत आयकर अधिकारी को अगल लगता है कि अघोषित आय कालाधन है, वह 10 प्रतिशत अतिरिक्त जुर्माना लगा सकता है। इस प्रकार, कुल शुल्क 85 प्रतिशत होगा।

सीबीडीटी ने कहा, ‘‘धारा 115 बीबीई के तहत कर की दर अघोषित आय पर ही बढ़ाने का प्रस्ताव है क्योंकि ऐसी रिपोर्ट है कि कर चूककर्ता अपनी अघोषित आय को व्यापार आय के रूप में आय रिटर्न या अन्य स्रोत से आय दिखाने की कोशिश में लगे हैं।’’ उसने कहा, ‘‘धारा 115बीबीई के प्रावधान मुख्य रूप से उन मामलों में लागू होंगे जहां संपत्ति या नकद आदि को अघोषित नकद या संपत्ति घोषित की जाती है या इसे अप्रमाणिक व्यापार आय के रूप में छिपा कर रखा जाता है और आयकर अधिकारी इसका पता लगाता है। विधेयक में तलाशी और जब्ती मामलों में आयकर कानून के तहत जुर्माना तीन गुना बढ़ाकर 30 प्रतिशत करने का प्रस्ताव है जो फिलहाल 10 या 20 प्रतिशत है। इस कदम का मकसद कालाधन रखने वालों को हतोत्साहित करना है। संसद द्वारा संशोधन के पारित होने पर अगर व्यक्ति अघोषित आय की जानकारी देता है और कर का भुगतान करता है तो उसपर 30 प्रतिशत जुर्माना लगेगा। इससे कुल कर प्रभाव और जुर्माना 60 प्रतिशत होगा। सरकार ने धारा 271एएबी में संशोधन का प्रस्ताव करते हुए अन्य मामनों में 60 प्रतिशत जुर्माने का प्रावधान बरकरार रखने का फैसला किया है। इससे कर प्रभाव तथा जुर्माना 90 प्रतिशत बनता है। 

Add to
Shares
2
Comments
Share This
Add to
Shares
2
Comments
Share
Report an issue
Authors

Related Tags