जम्मू कश्मीर के इनोवेटर के बनाए यंत्र से लोगों के लिए आसान हुआ अखरोट को प्रोसेस करना

अखरोट प्रसंस्करण के लिए जो यंत्र उन्होंने बनाए हैं उनमें अखरोट तोड़ने वाली मशीन और अखरोट छीलने वाला यंत्र, वॉशर और सॉर्टर भी शामिल है जो अखरोट के उत्पादन को सुव्यवस्थित करता है और अखरोट के प्रसंस्करण के काम में लगे लोगों की कड़ी मेहनत को कम करने में मदद करता है।
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केंद्र शासित प्रदेश जम्मू कश्मीर के अनंतनाग के इनोवेटर मुस्ताक अहमद डार ने श्रृंखलाबद्ध ढंग से कई यंत्र विकसित किए हैं जिससे स्थानीय लोगों के लिए अखरोट के प्रसंस्करण का काम आसान हुआ है। उन्होंने खंबों पर चढ़ने के लिए भी एक यंत्र विकसित किया है।

अखरोट प्रसंस्करण के लिए जो यंत्र उन्होंने बनाए हैं उनमें अखरोट तोड़ने वाली मशीन और अखरोट छीलने वाला यंत्र, वॉशर और सॉर्टर भी शामिल है जो अखरोट के उत्पादन को सुव्यवस्थित करता है और अखरोट के प्रसंस्करण के काम में लगे लोगों की कड़ी मेहनत को कम करने में मदद करता है। अखरोट प्रसंस्करण का काम मुख्य रूप से केंद्र शासित प्रदेश जम्मू और कश्मीर में होता है, साथ ही लद्दाख और हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, सिक्किम तथा अरुणाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में भी यह काम किया जाता है।

इन यंत्रों ने अखरोट के प्रसंस्करण व्यवसाय में शामिल लोगों को सशक्त बनाया है, जिससे लोग की पेपर-शेल, पतले-खोल, मध्यम-खोल, और कठोर-खोल वाले विभिन्न प्रकार के अखरोट की घरेलू और वैश्विक बाजारों में कुशलतापूर्वक आपूर्ति करने की क्षमता बढ़ी है। इन मशीनों की मदद से उन्हें छिलके वाले अखरोट के बजाय खाने योग्य अखरोट का निर्यात और विपणन कर अपने व्यवसाय को बढ़ाने का अवसर मिल रहा है, साथ ही इससे अंतिम उत्पाद अधिक आकर्षक बन जाता है। इसके अलावा, इसने प्रसंस्करण के दौरान गोले के टूटने और उड़ने के रिस्क को कम कर दिया है, जिससे आंखों में चोट लगने का खतरा भी कम हुआ है। इस प्रौद्योगिकी के प्रति अंतरराष्ट्रीय बाजारों ने भी रुचि दिखाई है, विशेष रूप से 2017 में भारत-अफगानिस्तान व्यापार एवं निवेश प्रदर्शनी के अवसर पर अफगानिस्तान के व्यापारियों ने इसमें दिलचस्पी दिखाई।

फोटो साभार: PIB

उनके अन्य नवाचारों में पोल-प्रो की भी उपयोगिता सिद्ध हुई है। इसका निर्माण और उपयोग मूलतः कश्मीर घाटी के जटिल भौगोलिक क्षेत्र की अपरिहार्यता रही है, जहां नियमित देखभाल के लिए भारी सीढ़ियां ले जानी पड़ती थीं और पूरे कार्य को निपटाने में अधिक समय लगता था। इस पोल-प्रो ने ज्यादातर विषम परिस्थितियों में भारी भरकम सीढ़ी की आवश्यकता को समाप्त कर दिया। इसने सुरक्षा प्रोटोकॉल के साथ बिजली, दूरसंचार और अन्य खंभों पर आसानी से पहुंचकर समस्याओं का पता लगाने में मदद की है। यह प्रौद्योगिकी एंवेंटा गैजेटिक्स प्राइवेट लिमिटेड (Anventa Gadgetix Pvt Ltd) के माध्यम से बाजार में उपलब्ध है, जो भारत सरकार (DIPP25154) द्वारा मान्यता प्राप्त एक स्टार्टअप है और एक टेक्नोलॉजी बिजनेस इन्क्यूबेटर (TBI) इनक्यूबेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप काउंसिल - NIF (NIFientreC) द्वारा इनक्यूबेट किया गया है तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा समर्थन प्राप्त है।

इन नवाचारों और कई अन्य नवाचारों के साथ मुश्ताक ने अन्य इनोवेटर के साथ मिलकर DPIIT द्वारा मान्यता प्राप्त दो स्टार्टअप शुरू किए हैं। भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के स्वायत्त निकाय नेशनल इनोवेशन फाउंडेशन (NIF) से सहायता प्राप्त मुश्ताक के श्रृंखलाबद्ध नवाचारों का उल्लेख जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने दिसंबर 2021 के "आवाम की आवाज" में किया था। अखरोट क्रैकर सबसे उल्लेखनीय नवाचार रहा है, जो कि आज भारत सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त अनंतनाग स्थित रफीक इनोवेशन प्राइवेट लिमिटेड (DIPP8028) नामक एक और स्टार्टअप का आधार है। इसे NIFientreC द्वारा इनक्यूबेट किया जा रहा है।

मुश्ताक अहमद डार लगातार नवाचार जारी रखते हुए और अधिक नवाचारों के साथ आ रहे हैं। एनआईएफ ने उन्हें विभिन्न रूप में सहायता दी है जिसमें मूल्य संवर्धन और सत्यापन, उत्पाद विकास, आईपी सुरक्षा, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और सामुदायिक कार्यशाला आदि शामिल है ताकि क्षेत्र में उनके जैसे कई अन्य इनोवेटर इस सुविधा का लाभ उठा सकें और आने वाले समय में नए उत्पादों के नवाचार के लिए संभावनाएं पैदा हो सकें। इसके साथ-साथ मुश्ताक के नवाचारों को आगे बढ़ाने वाले उद्यमों के इकाई निगमन, स्टार्टअप पंजीकरण में सहयोग और विभिन्न व्यावसायिक विकास के अवसर भी प्रदान किए गए हैं।

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