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ऑन डिमांड पंडिताई बना नया करियर, लाखों की हो रही कमाई

posted on 26th October 2018
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अब लोग आनुष्ठानिक काम घर बैठे कर लेना चाहते हैं। टेक्नोलॉजी ने ऐसे नए-नए स्टार्टअप पैदा कर दिए हैं। स्पिरिच्युअल मार्केट 30 अरब डॉलर तक पहुंच चुकी है। 'हैलो पंडितजी डॉट कॉम', 'माय ओम नमो ऐप', 'पूजापाठ सॉल्युशन डॉट कॉम', 'पंडित ऑन डिमांड', 'बुक योर पंडित' आदि कंपनियां करोड़ो की कमाई कर रही हैं।

सांकेतिक तस्वीर

सांकेतिक तस्वीर


 कंपनी ऑर्गेनिक पूजा सामग्री के अलावा प्रतिदिन की धार्मिक गतिविधियों, ब्राम्हण भोज, भजन कीर्तन, माता की चौकी, मंदिर में दान-दक्षिणा, एस्ट्रोलॉजी, वास्तु एक्सपर्ट, टैरो कार्ड रीडर, मंदिर में वीआईपी एंट्री आदि की सेवाएं भी दे रही है। 

याद करिए, अभी कुछ ही दिन पहले एक खबर सुर्खियों में आई थी कि समाधि के सौ साल पूरे पर महाराष्ट्र के साईं बाबा मंदिर को 5.97 करोड़ का चढ़ावा मिला है। इसी तरह सालाना 500 करोड़ के चढ़ावे के साथ वैष्णो देवी देवालय देश का दूसरा सबसे अमीर मंदिर बन गया है। हाल ही में पुष्कर (राजस्थान) के ब्रह्मा मंदिर का दानपात्र खुला तो उसमें कुल 5.12 लाख रुपए का चढ़ावा निकला। इस तरह से मंदिरों, मठों पर तो अकूत कमाई हो ही रही है, आधुनिक टेक्नोलॉजी ने धर्म-कर्म के स्टार्टअप के लिए भी तरह-तरह के अवसर पैदा कर दिए हैं। मसलन, 'हैलोपंडितजीडॉटकॉम', 'माय ओम नमो ऐप', 'पूजापाठसॉल्युशनडॉटकॉम', 'पंडितऑनडिमांड', 'बुकयोरपंडित', 'वेयरइजमाईपंडित' आदि-आदि।

ऐसे पोर्टल लॉन्च होने से पहले पंडितों का टेक्नोलॉजी से संपर्क सिर्फ जस्टडॉयल के माध्यम से हो पाता था। जब वह बिजनेस मॉडल प्रॉफिटेबल साबित नहीं हुआ, फेल होने लगा तो अब सुसंगठित तरीके से पोर्टल अकूत कमाई का जरिया बनने लगे हैं। यजमानों को किराये पर पंडित उपलब्ध कराने वाले मकरंद और प्राजक्ता की 'माय ओम नमो ऐप' कंपनी अब तक बहत्तर करोड़ रुपए कमा चुकी है। 'हैलो पंडितजी डॉट कॉम' को लगभग दो करोड़ का मुनाफा हुआ है तो 'पूजा पाठ सॉल्युशन डॉट कॉम' ने इस दिशा में कई सारे विकल्प पैदा कर दिए हैं।

आज दुनिया में स्पिरिच्युअल मार्केट लगभग तीस अरब डॉलर की हो चुकी है। व्यस्त जीवन में अब लोग पूजापाठ का काम भी बिना हाथ-पांव चलाए घर बैठे आसानी से कर लेने के आदती हो चले हैं। रिमोट-टीवी कल्चर ने इतना आलसी बना दिया है कि ऑनलाइन पूजन सामग्री उपलब्ध कराने का काम करोड़ों के कारोबार में तब्दील हो चुका है। आईआईटी दिल्ली से बिजनेस मैनेजमेंट कर चुके ऑनलाइन यजमानी से लगभग दो करोड़ की कमाई करने वाले बांदीकुई (राजस्थान) के चंद्रशेखर 'हैलो पंडितजीडॉटकॉम' के माध्यम से पूजा-पाठ की सामग्री उपलब्ध कराने के साथ ही पुरोहित भी मुहैया करा रहे हैं। पंडितजी को घर से लाने-ले जाने के लिए ओला कैब की भी सुविधा दे रहे हैं।

बरेली (उ.प्र.) के निवासी आकर्ष राज तो बैंक की नौकरी छोड़कर उनकी कंपनी के वाइस प्रेजिडेंट की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। आखिर कैसे इस काम का आइडिया चंद्रशेखर के दिमाग में घूमा, वह बताते हैं कि कुछ समय पहले हरिद्वार में एक एनआरआई दंपति से उनकी मुलाकात हुई थी। उनको अपने पूर्वजों के पिंडदान के लिए ऑनलाइन पंडित की जरूरत थी। उसके बाद ही उन्होंने हैलोपंडितजीडॉटकॉम नाम से पूजापाठ कराने वाली अपनी कंपनी को लॉन्च कर दिया। उनकी कंपनी अमिताभ बच्चन, जैकी श्रॉफ, हेमा मालिनी, धर्मेंद्र कुमार, अभिषेक बच्चन आदि को ऑनलाइन पंडित उपलब्ध करा चुकी है। इस समय देश के दिल्ली, बेंगलुरु, चेन्नई, पुणे, भोपाल, इंदौर, लखनऊ आदि लगभग दो दर्जन महानगरों में उनकी कंपनी का नेटवर्क सक्रिय है।

इसी तरह पूजापाठ वाली एक अन्य कंपनी है 'माय ओम नमो ऐप'। पचास लाख रुपए लगाकर यह स्टार्टअप शुरू करने वाले दंपति मकरंद और प्राजक्ता को भी दुबई से उसी तरह आइडिया मिला जैसे एक अन्य एनआरआई से राजस्थान के चंद्रशेखर को। कंपनी की इस साल लगभग 72 करोड़ रुपए की कमाई हुई है। कंपनी का वर्ष 2020 तक दस करोड़ डॉलर कमाने का लक्ष्य है। इस समय इस कंपनी के ढाई हजार तो पंजीकृत पुरोहित हैं, जो 12 भाषाओं में पूजा कर सकते हैं। कंपनी हर साल हजारों यजमानों के पूजापाठ करा रही है। बीते दो वर्षों में देश में पांच हजार और अमेरिका में एक हजार लोगों ने इस कंपनी के माध्यम से पूजा कराई है।

इस ऐप के माध्यम से लोग पंडित बुक कराने के साथ ही कंपनी के ई-स्टोर पर फल-फूल, केले-तुलसी के पत्ते, प्रसाद आदि पूजन सामग्री का ऑर्डर भी दे सकते हैं। कंपनी ऑर्गेनिक पूजा सामग्री के अलावा प्रतिदिन की धार्मिक गतिविधियों, ब्राम्हण भोज, भजन कीर्तन, माता की चौकी, मंदिर में दान-दक्षिणा, एस्ट्रोलॉजी, वास्तु एक्सपर्ट, टैरो कार्ड रीडर, मंदिर में वीआईपी एंट्री आदि की सेवाएं भी दे रही है। अब कंपनी बच्चों के लिए धार्मिक कार्टून सीरिज शुरू करने वाली है। यह कंपनी भारत के अलावा यूएई, स्पेन, घाना, मलेशिया, सिंगापुर, बहरीन, ओमान तक बिजनेस कर रही है। कंपनी को यूएई से 10 लाख डॉलर की फंडिंग भी मिल चुकी है।

आज ऐसे स्प्रिचुअल स्टॉर्टअप, इक्का-दुक्का नहीं, सैकड़ों की संख्या में हैं। 'पूजपाठसॉल्युशन डॉटकॉम' कंपनी तो बाकायदा फ्रेंचाइजी भी चला रही है। इस कंपनी की निःशुल्क वर्गीकृत विज्ञापन वेबसाइट भी है, जिसके माध्यम से पूजन सामग्री, पूजा एसेसरीज, प्रसाद, पंडित बुकिंग, पूजा सर्विस, कुडंली, कथा, दोष निवारण, जाप, यज्ञ, हवन, पिंडदान, ईपूजा, ज्योतिष, अंकशास्त्री, वास्तुशास्त्री, सुदंरकांड, भागवत कथा, भगवान की ज्वैलरी-वस्त्र-रत्न, फेंगशुई, श्रीयंत्र, गुडलक बांबू, धार्मिेक म्युजिक, धार्मिक बुक, ज्योतिष मैग्जीन, गंगाजल, कंडे, गोमूत्र, मूर्ति, रूद्राक्ष, अगरबत्ती, धूपबत्ती आदि प्राप्त किए जा सकते हैं। इसके माध्यम से यजमान पूजा पाठ के लिए सीधे पंडित से संपर्क कर सकते हैं।

इस कंपनी की चार ऑनलाइन सेवाएं हैं- पूजापाठ सॉलुशन वेबसाइट, पूजापाठ सॉल्युशन ब्लॉग, पूजापाठ साल्युशन युट्यूब चैनल तथा पूजापाठ सॉल्युशन एप। इनके माध्यम से प्रवचन, प्रोग्राम आदि का लाइव प्रसारण भी किया जा सकता है। यहां तक सुविधा है कि इस कंपनी से जुड़कर कोई भी बेरोजगार हर माह तीस हजार रुपए तक कमा सकता है। इसी तरह मुंबई में मोहन शुक्ला 'वेयर इज माई पंडित' वेबसाइट चला रहे हैं। इस पोर्टल से सीधे डेढ़ सौ पंडित जुड़े हुए हैं। चेन्नई में 'प्रीस्ट सर्विसेज' कंपनी कुंभकोणम के पुजारियों को मौका मुहैया करा रही है। 'पंडित ऑन डिमांड' कंपनी छह-छह हजार रुपए लेकर सबसे ज्यादा गृह-प्रवेश के कर्मकांड करा रही है। राहुल कुमार 'घर का पंडित' पोर्टल चला रहे हैं।

यह भी पढ़ें: कभी घर-घर जाकर बेचते थे सामान, फ़्रेश मीट के बिज़नेस से बने करोड़ों के मालिक

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