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कॉर्पोरेट ऑफिस में आर्ट, ड्रामा और म्यूजिक ला रहा है ये स्टार्टअप

एक ऐसा स्टार्टअप, जो अॉफिस के काम में भरेगा मज़ा और उत्साह...

29th Mar 2018
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ऑफिस में मनोरंजन का समाधान न होने के चलते लोगों के अंदर काम और काम का भय रहता है और साथ ही एक समय बात अपने ही काम से ऊब महसूस होने लगती है, हालांकि अब ये भय दूर होने वाला है। दरअसल एक स्टार्टअप है जो आपके कॉर्पोरेट ऑफिस में आर्ट, ड्रामा और म्यूजिक ला रहा है।

Training Sideways की फाउंडिंग टीम

Training Sideways की फाउंडिंग टीम


मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, 2016-2020 के दौरान वैश्विक कॉरपोरेट ट्रेनिंग मार्केट 10.55 फीसदी के सीएजीआर में बढ़ने की उम्मीद है। 1980 के दशक के अंत में कंपनियों में "कर्मचारी इंगेजमेंट" के लिए इस्तेमाल की जाने वाली पद्धति, 1990 और 2000 के दशक में "पीपीटी" से लड़ने लगी, और अब इसे एक शक्तिशाली प्रशिक्षण पद्धति के तौर पर लिया गया है। रिफ्लेक्स और तत्वा लीडरशिप जैसी अन्य स्टार्टअप भी थियेटर का उपयोग करके अभिनव प्रशिक्षण समाधान प्रदान कर रहे हैं।

ज्यादातर कॉर्पोरेट ऑफिस में बॉस और टार्गेट पूरा करने का भय लोगों को सताता रहता है। अक्सर कहा जाता है कि कॉर्पोरेट जगत की भट्टी में लोग फ्रस्ट्रेशन का शिकार हो रहे हैं। क्योंकि उन पर हमेशा काम का बोझ होता है। ऑफिस में मनोरंजन का समाधान न होने के चलते लोगों के अंदर काम और काम का भय रहता है और एक समय बात काम एक तरह की ऊब पैदा करने लगता है। हालांकि अब ये भय दूर होने वाला है। दरअसल एक स्टार्टअप है जो आपके कॉर्पोरेट ऑफिस में आर्ट, ड्रामा और म्यूजिक ला रहा है। 2011 में जब सुनील विष्णु और कार्तिक कुमार ने बेंगलुरु में कार्यशालाओं का आयोजन किया, तो उन्हें बहुत सराहना मिली। किसने सोचा होगा कि यह सराहना एक स्टार्टअप के गठन का कारण बनेगी?

ट्रेनिंग साइडवेज (Training Sideways) के सह-संस्थापक सुनील विष्णु कहते हैं कि, "जब कार्यशाला समाप्त हो गई, सभी प्रतिभागियों - मुख्य रूप से पार्ट-टाइम अभिनेताओं और विभिन्न कंपनियों में काम कर रहे पेशेवरों- ने कॉर्पोरेट प्रशिक्षण के लिए कला और थियेटर के उपयोग के बारे में हमें प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि कंपनियों को इन प्रकार के तरीकों की जरूरत है ताकि वे अपने दिमाग को इनोवेशन के लिए खोल सकें, उन्हें बंधन में ला सकें, नेतृत्व सीख सकें, और कई अन्य चीजें भी कर सकें।" यह उनका यूरेका पल था- सीखने के लिए उन्हें कुछ कॉर्पोरेट स्पेसिफिक की जरूरत थी।

सुनील कहते हैं कि "इसने हमें ये सोचने के लिए प्रेरित किया कि हम कॉर्पोरेट व्यवहार प्रशिक्षण के लिए थिएटर की कार्यशाला और प्रशिक्षण पद्धति का उपयोग कर सकते हैं। बाद में हमने म्यूजिक, डांस, विजुअल आर्ट और अन्य चीजों को प्रशिक्षित करने के लिए एक्सपेरीमेंटल स्पेस में शामिल किया।"

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यात्रा शुरू होती है

और इसने एक कला और थियेटर आधारित कॉरपोरेट ट्रेनिंग कंपनी, ट्रेनिंग साइडवेज (इवाम कॉरपोरेट ट्रेनिंग प्राइवेट लिमिटेड) की यात्रा शुरू की। ये स्टार्टअप अब आर्ट, थिएटर, म्यूजिक, डांस और अन्य कला रूपों के तरीकों का उपयोग कर व्यवहारिक प्रशिक्षण प्रदान करता है।

सुनील कहते हैं कि, "एक व्यवहारिक प्रशिक्षण कंपनी के रूप में, हम जूनियर लेवल के कर्मचारियों, मिडिल लेवल के कर्मचारियों और लीडरशिप सहित हर स्तर पर प्रशिक्षण के क्षेत्र में काम करते हैं। हम टीम के निर्माण और नेतृत्व कार्यशालाओं से सुपर मैनेजर और इनोवेशन कार्यशालाओं तक सब कुछ करते हैं। हम सहयोग और दृष्टि पर कार्यशालाएं भी प्रदान करते हैं।" विशेषज्ञता के दूसरे क्षेत्र के रूप में ट्रेनिंग साइडवेज टीम निर्माण और टीम बिल्डिंग पर भी काम करता है। ट्रेनिंग साइडवेज कॉन्फ्रेंस के दौरान इंगेजमेंट के लिए भी काम करती है।

सुनील आगे कहते हैं कि "हम इवेंट मैनेजमेंट कंपनियों के साथ काम करते हैं और हम अपने सम्मेलनों के लिए बड़ी कंपनियों के साथ भी काम करते हैं। जहां हम 15 मिनट की फ्लैश मूब से लेकर 45 मिनट के प्रदर्शन के तक हम लोग एनर्जी के साथ काम करते हैं। जिसमें कम से कम 5000 लोग हिस्सा ले सकते हैं।" और अंत में, स्टार्टअप विभिन्न समावेशन जैसे सामाजिक मुद्दों के लिए भी काम करता है।

सुनील कहते हैं कि "हमने कंपनियों में महिला नेतृत्व के साथ काम किया है, हम यौन उत्पीड़न की रोकथाम के के लिए भी काम करते हैं, और उम्र, लिंग और अन्य विविधताओं में के लिए काम करते हैं। हम उन कंपनियों के आंतरिक संचार में भी काम करते हैं, जहां हम एक थीम का संचार करना चाहते हैं- यह लीडरशिप प्रैक्टिस या कल्चरल प्रैक्टिस हो सकती है जैसे जहां वे (ऑफिस में) केवल ईमेल और मेमो और पोस्टर का उपयोग नहीं बल्कि लोगों के साथ बातचीत करने के लिए एक अलग प्रारूप चाहते हैं। यही वो चीज है जिसके लिए ट्रेनिंग साइडवेड काम करता है।"

तेजी से अपनाना

एमआईसीए के पूर्व सहपाठियों सुनील और कार्तिक ने 2003 में एक मनोरंजन कंपनी के रूप में इवाम की स्थापना की थी और 2012 में ट्रेनिंग साइडवेज सेट करने से लगभग आठ साल पहले तक उसी में काम किया था। जल्द ही उन्हें 20 साल का कॉर्पोरेट अनुभव रखने वाले एक अभिनेता टीएम कार्तिक ने ज्वाइन किया। चेन्नई में शुरू किए गए ट्रेनिंग साइडवेज का जल्द ही बेंगलुरू और मुंबई में विस्तार किया गया, और भारत भर में कई सत्र का आयोजन किया। सिंगापुर में इसकी एक छोटी सी उपस्थिति भी है। शुरुआत में ही इसे रामचरण एसोसिएट्स के दिव्येश पालिका से इक्विटी भागीदारी मिल गई। पैमाने के संदर्भ में, संगठनात्मक रूप से संगठन ने व्यवहार प्रशिक्षण के मामले में 20-30 प्रतिशत की वृद्धि देखी है। वर्तमान में, यह गूगल, वोडाफोन, एक्सेंचर, वेल्स फारगो और अशोक लालैंड सहित लगभग 130 से ज्यादा क्लाइंट के होने का दावा करता है। ट्रेनिंग साइडवेज में नौ प्रशिक्षकों और चार सलाहकारों की एक टीम है जो डिजाइन के साथ मदद करते हैं। यह कई पार्ट टाइम लोगों के साथ काम करते हैं। उनकी सभी कार्यशालाएं ग्राहकों की आवश्यकताओं के अनुसार अनुकूलित होती हैं। राजस्व मॉडल प्रति कार्यशाला /इंगेजमेंट की लागत के रूप में होता है; इंगेजमेंट कुछ घंटों से लेकर दिनों तक कहीं भी रह सकता है।

चुपचाप लेकिन नटकीय बदलाव

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, 2016-2020 के दौरान वैश्विक कॉरपोरेट ट्रेनिंग मार्केट 10.55 फीसदी के सीएजीआर में बढ़ने की उम्मीद है। 1980 के दशक के अंत में कंपनियों में "कर्मचारी इंगेजमेंट" के लिए इस्तेमाल की जाने वाली पद्धति, 1990 और 2000 के दशक में "पीपीटी" से लड़ने लगी, और अब इसे एक शक्तिशाली प्रशिक्षण पद्धति के तौर पर लिया गया है। रिफ्लेक्स और तत्वा लीडरशिप जैसी अन्य स्टार्टअप भी थियेटर का उपयोग करके अभिनव प्रशिक्षण समाधान प्रदान कर रहे हैं। लेकिन अन्य सभी प्रशिक्षण कंपनियों से अलग होने के बारे में बात करते हुए सुनील कहते हैं, "हमने इस यात्रा में फेयर शुरुआत की और हमारे पास पहली प्रस्तावक होने का फायदा है। हमने ब्रांड को मजबूत बना लिया है और यह सबसे बड़ा संगठन है। लगभग 130 से अधिक ग्राहकों के साथ काम किया है। नेतृत्व और मध्य प्रबंधन के क्षेत्रों में विविधता और टीम के निर्माण में शामिल करने के लिए हमारे विभिन्न उत्पाद और मॉडल बहुत अलग हैं। हमारी पद्धति कॉपीराइट और मूल है। हम पूरी तरह से समाधान प्रदान करते हैं, न केवल बाकी कार्यक्रमों के लिए बल्कि मानव संसाधन और सीखने और डेवलेपमेंट टीमों के साथ काम करना भी शामिल है।" भविष्य में, ट्रेनिंग साइडवेज अपने ग्राहकों के साथ मजबूत संबंध बनाना चाहती है।

सुनील कहते हैं, "हमने पहले से ही अपने कुछ ग्राहकों के साथ परामर्श के आधार पर काम करना शुरू कर दिया है। जहां हम पूरे साल के दौरान व्यवहारिक प्रशिक्षण के बारे में सोच रहे हैं। हम कंपनियों के साथ विविधता और समावेशन सलाहकारों पर भी काम कर रहे हैं, उनके साथ योजना बनाकर एक संस्कृति का निर्माण कैसे करें? इस पर भी विचार कर रहे हैं।" स्टार्टअप अभी डिजिटल वेव की सवारी करने और प्रौद्योगिकी का उपयोग कर एक व्यापक दर्शक तक पहुंचने की योजना बना रहा है।

ये भी पढ़ें: एक प्रोडक्ट ने बदल दी इस शख्स की जिंदगी, अब कमाते हैं करोड़ों रुपये महिना 

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